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उम्मीद है कि सचिन-कोहली की तरह वैभव भी देश का नाम खूब रोशन करेंगे: चेतन शर्मा

 

नई दिल्ली, 15 अक्टूबर (आईएएनएस)। भारत के पूर्व क्रिकेटर चेतन शर्मा ने युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी की जमकर तारीफ की है। उन्होंने कहा कि इतनी छोटी उम्र में टीम इंडिया के लिए इंटरनेशनल डेब्यू करना अपने आप में बड़ी बात है।

दिल्ली में स्कूल टोटल टी20 लीग के उद्घाटन समारोह में 'आईएएनएस' के साथ बात करते हुए चेतन ने कहा, "वैभव सूर्यवंशी ने देश का नाम रोशन किया है। 15 साल की उम्र में देश के लिए खेलना आसान नहीं होता है। इस उम्र में तो लोग सोच रहे होते हैं कि किसमें करियर बनाना है।वह बहुत ही काबिल खिलाड़ी हैं और देश की धरोहर हैं।

उन्होंने आगे कहा, "बीसीसीआई बहुत अच्छी तरीके से उनको संभाल रहा है। उम्मीद करते हैं कि वह धीरे-धीरे बहुत बड़े प्लेयर बनेंगे। हम उम्मीद करते हैं वैभव भी सचिन तेंदुलकर, विराट कोहली की तरह की देश का नाम आगे चलकर रोशन करेंगे। हमारी दुआएं उनके साथ है।" चेतन ने क्रिकेट में स्कूल स्तर के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा, "देखिए, स्कूल क्रिकेट सबसे महत्वपूर्ण क्रिकेट है, यह हमारा ग्रास रूट लेवल है। कल के सचिन तेंदुलकर, कपिल देव, विराट कोहली या रोहित, शर्मा आज स्कूल में हैं। देखिए, यह सभी यहीं से देश के लिए ऊपर आने हैं और यहां पर ध्यान देना जरूरी है।"

पूर्व भारतीय क्रिकेटर ने आगे कहा, "पिछले पंद्रह साल से स्कूल क्रिकेट ले लो, ग्रासरूट लेवल ले लो, मैं उससे जुड़ा हूं और हर कार्य करता हूं और किसी उसके लिए नहीं अपने मन की तसल्ली के लिए करता हूं। मुझे बहुत अच्छा लगता है कि जब हम स्कूल क्रिकेट ग्रासरूट लेवल के साथ जुड़ते हैं।"

चेतन ने बच्चों को जालसाजों से बचने की सलाह दी। उन्होंने कहा, "मैं बच्चों तक एक बात पहुंचाना चाहता हूं जो मैंने माइक से भी बोली की उन लोगो के झांसे में मत आइएगा जो सिर्फ क्रिकेट से पैसा कमाना चाहते हैं। रजिस्ट्रेशन फीस लेकर इधर उधर की बातें करके बच्चों से रजिस्ट्रेशन फीस ली जाती है, बच्चों को सुविधाएं दी नहीं जाती है। उनके अपने बैंक अकाउंट में करोड़ों आ जाते हैं और बच्चों को कुछ मिलता नहीं है। तो अच्छी व्यवस्थित लीग खेलिए, बिना पैसे के खेलिए, कोशिश कीजिए आपको कुछ मिले, तो आपके माता-पिता को भी खुशी होगी। माता-पिता से भी मैं यह कहना चाहता हूं कि उन लोगो से बचिए मतलब इस तरह की कंपनी से बचकर रहिए। हमें बतौर क्रिकेटर वरना बच्चों के साथ ऐसा होने पर दुख लगता है।"

उन्होंने आगे कहा, "जब बच्चों से पैसे लिए जाते हैं, तो हमें बहुत दुख लगता है। हम तो इतने बड़े हो गए हैं और हमें तो सबकुछ क्रिकेट ने ही दिया है। आज मुझे क्रिकेट के अलावा कुछ भी नहीं आता है। मैं हर समय उठता हूं, तो हरियाणा क्रिकेट एसोसिएशन और बीसीसीआई का धन्यवाद करता हूं कि वह हमें ऊपर लेकर आए, वरना हम आज कहीं नौकरी कर रहे होते।"

"आज हमारा वक्त आ गया है बच्चों को कुछ देने का और मैं स्कूल क्रिकेट या ग्रास रूट लेवल के लिए मदद करने को हमेशा तैयार रहता हूं। मैं ऊपर की क्रिकेट में टांग नहीं अड़ाता। मैं स्कूल और ग्रास रूट लेवल के अलावा और कहीं नहीं जाता हूं। यह बच्चे मोम की तरह हैं, जिन्हें आप अभी जिस आकार में ढालेंगे वो उसी आकार में ढल जाएंगे।"

चेतन शर्मा ने कहा, "मैं मानता हूं और मुझे मालूम है कि आप चाहते हैं आपका बच्चा क्रिकेट खेले। मगर थोड़ा व्यवस्थित जगह पर जाएं। पैसे मत लुटाइए, क्योंकि पैसा लुटाने से कोई क्रिकेटर नहीं बनता है। अच्छी जगह पर जाइए। बी एन बी ने जैसे यह किया है, जहां स्कूल क्रिकेट स्कूल के माध्यम से खेला जा रहा है। यह क्रिकेट आपके स्कूल के प्रिंसिपल के माध्यम से खेला जा रहा है। ऐसी चीजें होती हैं, तो खुशी होती है। मैं विश्वास दिला सकता हूं कि यह स्कूल क्रिकेट से आपको 10 से 15 क्रिकेटर्स ऐसे मिलेंगे, जो आने वाले समय में उत्तर प्रदेश, हरियाणा, दिल्ली में खेलते नजर आएंगे। यह एनसीआर में हो रहा है। अगले साल से अन्य राज्यों में भी होगा।"

पूर्व भारतीय क्रिकेटर ने कहा कि मौजूदा समय में ग्राउंड में खेलना और क्रिकेट से जुड़े उपकरण बेहद महंगे हो गए हैं। उन्होंने कहा कि माता-पिता के लिए अपने बच्चों के लिए क्रिकेट के उपकरण खरीदना बेहद मुश्किल हो गया है। उन्होंने कहा कि क्रिकेट में दौर बदल रहा है और उसके साथ चलना बेहद जरूरी है। उन्होंने स्कूल फेडरेशन ऑफ इंडिया से गुजारिश करते हुए कहा कि वह स्कूल स्तर की क्रिकेट पर थोड़ा ध्यान दें और इसको व्यवस्थित करें।

--आईएएनएस

एसएम/डीकेपी