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'द हंड्रेड' की कमान बाहरी ताकतों के हाथ में नहीं होनी चाहिए: माइकल वॉन

 

नई दिल्ली, 21 फरवरी (आईएएनएस)। इंग्लैंड और वेल्स क्रिकेट बोर्ड द्वारा आयोजित की जाने वाली 'द हंड्रेड' लीग में पहली बार नीलामी होनी है। नीलामी में शामिल होने के लिए पाकिस्तान के खिलाड़ियों ने भी पंजीकरण कराया है। द हंड्रेड में कई टीमों का स्वामित्व अधिकार आईपीएल की फ्रेंचाइजियों के पास है। रिपोर्ट्स के मुताबिक पाकिस्तानी खिलाड़ियों को नीलामी के दौरान आईपीएल की स्वामित्व वाली टीमें नहीं खरीदेंगी।

इंग्लैंड के पूर्व कप्तान माइकल वॉन ने इस पर सवाल उठाया है। माइकल वॉन ने ईसीबी से अपील की है कि वह द हंड्रेड में संभावित भेदभाव के मुद्दे पर सख्त रुख अपनाए।

वॉन ने कहा है कि यदि भारतीय मालिकाना हक वाली फ्रेंचाइजी पाकिस्तानी खिलाड़ियों को साइन नहीं करती हैं, तो इससे टूर्नामेंट की साख और उसकी समावेशी छवि पर गंभीर असर पड़ेगा।

इंग्लैंड के पूर्व कप्तान ने ईसीबी अध्यक्ष रिचर्ड थॉम्पसन के उस लक्ष्य की भी याद दिलाई, जिसमें इंग्लिश क्रिकेट को देश का सबसे समावेशी खेल बनाने की बात कही गई थी। उनका कहना है कि यदि पाकिस्तानी खिलाड़ियों को राजनीतिक कारणों से बाहर रखा जाता है, तो यह ईसीबी की विश्वसनीयता पर सवाल खड़ा करेगा।

उन्होंने कहा कि पाकिस्तानी खिलाड़ियों को भारतीय स्वामित्व वाली फ्रेंचाइजियों द्वारा नहीं खरीदे जाने पर ऐसा संदेश जाएगा कि टूर्नामेंट की वास्तविक कमान गवर्निंग बॉडी के हाथ में नहीं, बल्कि बाहरी ताकतों के पास है।

वॉन ने कहा कि क्रिकेट को राजनीति से ऊपर रहना चाहिए। चयन केवल प्रतिभा और प्रदर्शन के आधार पर होना चाहिए, न कि राष्ट्रीयता या राजनीतिक परिस्थितियों के आधार पर।

पाकिस्तान के 63 खिलाड़ियों, जिनमें सलमान अली आगा, उस्मान तारिक और शाहीन शाह अफरीदी जैसे नाम शामिल हैं, ने द हंड्रेड की नीलामी के लिए पंजीकरण कराया है। द हंड्रेड में चार टीमें, एमआई लंदन, मैनचेस्टर सुपर जायंट्स, सदर्न ब्रेव और सनराइजर्स लीड्स, भारतीय स्वामित्व वाली हैं। पिछले वर्ष अक्टूबर में इन टीमों का स्वामित्व भारतीय निवेशकों के हाथों में गया था। इन टीमों द्वारा पाकिस्तानी खिलाड़ियों को खरीदे जाने की संभावना बेहद कम है।

--आईएएनएस

पीएके