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Team India: 13 साल पहले जिस तारीख को टेस्ट डेब्यू किया, उसी दिन शमी ने क्रिकेट को कहा अलविदा; 279 नंबर की कैप को किया याद

 

भारतीय क्रिकेट के अनुभवी तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी ने टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लेकर अपने 13 साल लंबे रेड बॉल करियर का अंत कर दिया है। उन्होंने 6 नवंबर को इंस्टाग्राम पर एक वीडियो क्लिप के साथ भावुक संदेश साझा करते हुए यह घोषणा की। खास बात यह है कि शमी ने 6 नवंबर 2013 को ही वेस्टइंडीज के खिलाफ कोलकाता के ईडन गार्डन्स में अपना टेस्ट डेब्यू किया था। ठीक 13 साल बाद इसी तारीख को उन्होंने इस फॉर्मेट को अलविदा कह दिया।

शमी ने साफ किया कि उनका संन्यास सिर्फ टेस्ट क्रिकेट से है। वह वनडे और टी-20 इंटरनेशनल में भारत के लिए खेलना जारी रख सकते हैं। उन्होंने अपने संदेश में टेस्ट कैप नंबर 279 और लाल गेंद को याद करते हुए कहा कि इसी सफर ने उन्हें पहचान दिलाई।

भारी दिल से लिया संन्यास का फैसला

मोहम्मद शमी ने इंस्टाग्राम पर वीडियो के साथ लिखा कि वह भारी दिल और अनगिनत खूबसूरत यादों के साथ टेस्ट क्रिकेट से संन्यास ले रहे हैं। उन्होंने इस सफर में साथ देने वाले टीम के साथियों, कोच, परिवार और करोड़ों भारतीय प्रशंसकों का धन्यवाद किया।

शमी ने कहा कि मुश्किल और अच्छे दोनों समय में फैंस ने उन पर भरोसा बनाए रखा। उनके मुताबिक, समर्थकों के इसी प्यार और हौसले ने उन्हें इस मुकाम तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई।

टेस्ट कैप नंबर 279 को बताया अपनी पहचान

संन्यास संदेश में शमी ने अपनी टेस्ट कैप का खास तौर पर जिक्र किया। उन्होंने कहा कि 279 नंबर की कैप और लाल गेंद ने उन्हें मोहम्मद शमी बनाया है।

उन्होंने अपने करियर के उतार-चढ़ाव, चोट और वापसी को याद करते हुए कहा कि कई बार गिरने और चोटिल होने के बावजूद वह फिर खड़े हुए। इसकी वजह भारतीय टीम के लिए खेलने का जुनून था।

शमी ने यह भी कहा कि टेस्ट क्रिकेट में उनकी आखिरी गेंद भले ही फेंकी जा चुकी हो, लेकिन भारत के लिए खेलने का गर्व हमेशा उनके दिल में जिंदा रहेगा।

64 टेस्ट मैचों में झटके 229 विकेट

मोहम्मद शमी ने भारत के लिए 64 टेस्ट मुकाबले खेले। इस दौरान उन्होंने 27.71 की औसत से 229 विकेट हासिल किए। वह भारत के लिए टेस्ट क्रिकेट में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाजों की सूची में छठे स्थान पर रहे।

शमी ने अपना आखिरी टेस्ट जून 2023 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल में खेला था। इसके बाद वह लगातार टेस्ट टीम में वापसी का इंतजार कर रहे थे।

रणजी ट्रॉफी में प्रदर्शन के बाद भी नहीं मिली वापसी

टेस्ट टीम से बाहर रहने के दौरान शमी घरेलू क्रिकेट में अपनी फिटनेस और गेंदबाजी क्षमता साबित करने में जुटे थे। उन्होंने रणजी ट्रॉफी में बंगाल के लिए शानदार प्रदर्शन किया। पिछले सीजन में उनके नाम 36 विकेट रहे, जबकि मौजूदा सीजन के तीन मैचों में वह 14 विकेट हासिल कर चुके थे।

इसके बावजूद भारतीय टेस्ट टीम में उनकी वापसी नहीं हो सकी। अब उन्होंने खुद इस फॉर्मेट से विदाई लेने का फैसला किया है।

शमी के टेस्ट क्रिकेट से संन्यास के साथ भारतीय क्रिकेट का एक यादगार अध्याय समाप्त हो गया है। हालांकि, फैंस उन्हें वनडे और टी-20 क्रिकेट में भारतीय जर्सी में खेलते हुए देखने की उम्मीद कर सकते हैं।