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टी20 में 170 रन अब जीत दिलाने वाला टोटल नहीं रहा, यह औसत स्कोर बन गया है: रवि बिश्नोई

 

नई दिल्ली, 17 सितंबर (आईएएनएस)। भारत के लेग स्पिनर रवि बिश्नोई ने हाल के वर्षों में टी20 क्रिकेट में आए बड़े बदलावों पर बात करते हुए कहा कि जो 170 रन का स्कोर कभी मैच जिताने वाला माना जाता था, वह अब टी20 क्रिकेट में एक सामान्य या उससे भी कम स्कोर बन गया है।

अफगानिस्तान के खिलाफ चल रही टी20 सीरीज में रिस्ट स्पिनर वरुण चक्रवर्ती साइड स्ट्रेन (मांसपेशियों में खिंचाव) के कारण बाहर हो गए हैं। उनकी जगह रवि बिश्नोई को मंगलवार को दूसरे टी20 में भारत की प्लेइंग इलेवन में शामिल किया गया था। इस मैच को भारतीय टीम ने 7 विकेट से अपने नाम किया। इस मुकाबले में बिश्नोई ने अच्छी गेंदबाजी करते हुए अपने चार ओवर के स्पेल में 32 रन देकर एक विकेट झटका। उन्होंने अफगानिस्तान के ओपनिंग बल्लेबाज सेदिकुल्ला अटल को पवेलियन भेजा।

पहले मैच में अपने प्रदर्शन और इस सबसे छोटे फॉर्मेट के बदलते स्वरूप पर बात करते हुए, 25 वर्षीय स्पिनर ने जोर दिया कि सपाट ट्रैक और छोटे मैदानों पर गेंदबाजी करते समय प्रैक्टिस ड्रिल को लागू करना और अपनी मूल प्रक्रियाओं पर टिके रहना बहुत जरूरी है। उन्होंने कहा, "यह वाकई एक अच्छा मैच था। एक अहम बात यह थी कि मैं उन चीजों को अमल में ला पाया जिन पर मैंने ट्रेनिंग के दौरान काम किया था। टीम की जीत में योगदान दे पाना इसे और भी बेहतर बनाता है।

बिश्नोई ने ब्रॉडकास्टर्स के साथ बातचीत में कहा, "टी20 क्रिकेट बहुत बदल गया है। 2022 से 2026 के बीच चीजों में जबरदस्त बदलाव आया है। तब, 170 को कम से कम जरूरी स्कोर माना जाता था। आज, 170 मुश्किल से ही कोई प्रतिस्पर्धी (मुकाबले लायक) स्कोर है। जो स्कोर कभी जीत दिलाता था, वह अब औसत या उससे भी कम स्कोर बन गया है।"

मुश्किल हालात में गेंदबाजी करने के अपने तरीके के बारे में पूछे जाने पर जोधपुर के रहने वाले बिश्नोई ने कहा कि इस सबसे छोटे फॉर्मेट में सफलता के लिए कंट्रोल बनाए रखना और अपनी ताकत पर टिके रहना जरूरी है। उन्होंने कहा, "मेरी सोच यह है कि आप जो सबसे बेहतर जानते हैं वही करें और उसमें सुधार करते रहें। आपको अपनी प्रक्रिया और अपनी योजनाओं पर टिके रहना होगा। अच्छी पिच और छोटे मैदानों पर खेलना निश्चित रूप से एक अहम बात है, लेकिन आपको अपनी गेंदबाजी पर भी ध्यान देना होग कि आपका कितना कंट्रोल है और क्या आप उन चीजों को मैदान पर उतार पा रहे हैं जिनकी आपने प्रैक्टिस की है।"

--आईएएनएस

एसएम/डीकेपी