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Sunil Gavaskar Angry: भारत की हार पर गावस्कर का गुस्सा, बोले- पिच नहीं, गेंदबाज जिम्मेदार; शमार जोसेफ पर भी उठाए सवाल

 

भारत और वेस्टइंडीज के बीच चौथे टी-20 मुकाबले में टीम इंडिया की हार के बाद पूर्व भारतीय कप्तान सुनील गावस्कर ने गेंदबाजों के प्रदर्शन पर नाराजगी जताई है। उन्होंने साफ कहा कि भारतीय टीम की हार के लिए पिच को जिम्मेदार ठहराना सही नहीं है। गेंदबाजों ने कई फुलटॉस और खराब लेंथ की गेंदें डालीं, जिसका वेस्टइंडीज के बल्लेबाजों ने भरपूर फायदा उठाया।

हैदराबाद में खेले गए इस मुकाबले में भारत को 24 रन से हार का सामना करना पड़ा। वेस्टइंडीज ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 247 रन बनाए, जबकि लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम 223 रन पर सिमट गई। इस नतीजे के साथ पांच मैचों की टी-20 सीरीज 2-2 से बराबर हो गई।

पिच को दोष देने से नहीं चलेगा काम

सुनील गावस्कर ने जियोहॉटस्टार पर चर्चा के दौरान कहा कि भारतीय गेंदबाजों की गलतियों के कारण वेस्टइंडीज बड़ा स्कोर खड़ा करने में सफल रहा। उन्होंने सवाल उठाया कि जब गेंदबाज फुलटॉस और खराब लेंथ की गेंदें डालते हैं, तो इसके लिए पिच को कैसे जिम्मेदार ठहराया जा सकता है।

गावस्कर के मुताबिक, गेंदबाजों को सही लाइन और लेंथ के साथ गेंदबाजी करनी चाहिए। अगर वे अपनी रणनीति को सही तरीके से लागू नहीं कर पाते, तो पिच पर सवाल उठाने का कोई औचित्य नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि वेस्टइंडीज के गेंदबाजों ने लक्ष्य का बचाव करते समय सही लेंथ और यॉर्कर का बेहतर इस्तेमाल किया।

श्रेयस अय्यर ने भी मानी गेंदबाजी की गलती

भारतीय कप्तान श्रेयस अय्यर ने भी मैच के बाद माना कि गेंदबाज अपनी योजना को मैदान पर सही तरीके से लागू नहीं कर पाए। बड़े स्कोर का बचाव करने उतरी भारतीय टीम के गेंदबाज लगातार रन लुटाते रहे और वेस्टइंडीज के बल्लेबाजों को खुलकर खेलने का मौका मिला।

इससे पहले मुख्य कोच गौतम गंभीर भी ऐसी पिचों की जरूरत पर जोर दे चुके हैं, जहां बल्ले और गेंद के बीच संतुलित मुकाबला देखने को मिले। हालांकि, गावस्कर का मानना है कि परिस्थितियां कैसी भी हों, गेंदबाजों को अपनी बुनियादी रणनीति पर अमल करना जरूरी है।

नई पिच पर गेंद रुककर आने की भी चर्चा

हैदराबाद के राजीव गांधी इंटरनेशनल स्टेडियम की दोबारा तैयार की गई पिच को लेकर खिलाड़ियों के बीच भी चर्चा हुई। कुछ खिलाड़ियों के मुताबिक, गेंद पिच पर पड़ने के बाद कभी-कभी रुककर आ रही थी और उछाल में भी बदलाव देखने को मिला।

इसके बावजूद गावस्कर ने भारतीय गेंदबाजों के प्रदर्शन का बचाव नहीं किया। उनका मानना था कि गेंदबाजों को पिच की परिस्थितियों को समझकर अपनी गेंदबाजी में बदलाव करना चाहिए था। गलत लेंथ पर गेंद डालने से बल्लेबाजों को बड़े शॉट खेलने के मौके मिले।

शमार जोसेफ की गेंदबाजी पर भी गावस्कर ने जताई नाराजगी

मुकाबले के दौरान वेस्टइंडीज के तेज गेंदबाज शमार जोसेफ की गेंदबाजी भी चर्चा में रही। उन्होंने भारतीय तेज गेंदबाज अर्शदीप सिंह को बाउंसर मारी, जो उनके कंधे पर लगी। इसके बाद अर्शदीप ने बल्लेबाजी जारी रखी, लेकिन जोसेफ ने उनकी ओर एक और बाउंसर फेंकी।

इस घटनाक्रम पर कमेंट्री करते हुए गावस्कर ने जोसेफ की रणनीति पर सवाल उठाए। उनका कहना था कि जब स्टंप्स खुले हुए थे, तब बल्लेबाज को निशाना बनाने के बजाय विकेट लेने की कोशिश की जानी चाहिए थी।

दूसरी बाउंसर के बाद अर्शदीप आगे बल्लेबाजी जारी नहीं रख सके और 5 रन के निजी स्कोर पर रिटायर हर्ट हो गए।

सीरीज जीतने के लिए भारत को सुधारना होगा प्रदर्शन

चौथे टी-20 में हार के बाद भारत और वेस्टइंडीज के बीच सीरीज 2-2 से बराबर है। अब निर्णायक मुकाबले में भारतीय टीम को अपनी गेंदबाजी की कमजोरियों पर काम करना होगा। खास तौर पर सही लाइन-लेंथ, यॉर्कर और दबाव के समय बेहतर रणनीति अपनाना टीम के लिए अहम रहेगा।

गावस्कर की टिप्पणी ने एक बार फिर यह बहस तेज कर दी है कि बड़े स्कोर वाले टी-20 मुकाबलों में पिच से ज्यादा गेंदबाजों की रणनीति और उसके सही क्रियान्वयन की भूमिका कितनी महत्वपूर्ण होती है।