श्रीलंका का ऐतिहासिक कारनामा, 429 रन का लक्ष्य हासिल कर इंग्लैंड को चटाई धूल
श्रीलंका ने वनडे क्रिकेट में ऐतिहासिक प्रदर्शन करते हुए इंग्लैंड के 429 रन के विशाल लक्ष्य को हासिल कर लिया। रावलपिंडी में खेले गए वनडे ट्राई सीरीज के मुकाबले में श्रीलंका ने 49.5 ओवर में 8 विकेट खोकर जीत दर्ज की। यह वनडे क्रिकेट के इतिहास का दूसरा सबसे बड़ा सफल रनचेज बताया गया। इस ट्राई सीरीज में तीसरी टीम मेजबान पाकिस्तान है।
इंग्लैंड ने पहले बल्लेबाजी करते हुए निर्धारित 50 ओवर में 4 विकेट पर 429 रन बनाए। कप्तान हैरी ब्रूक ने तूफानी बल्लेबाजी करते हुए 116 गेंदों पर 202 रन ठोक दिए। उनकी पारी ने इंग्लैंड को बड़े स्कोर तक पहुंचाया। जवाब में श्रीलंका ने आखिरी ओवर तक चले रोमांचक मुकाबले में लक्ष्य हासिल कर लिया।
पवन रत्नायके ने 106 गेंदों पर 130 रन की शानदार पारी खेली, जबकि दासुन शनाका और असिथा फर्नांडो ने 97-97 रन बनाए। जनिथ लियानागे ने महज 27 गेंदों पर नाबाद 61 रन बनाकर मैच का रुख बदल दिया। उन्होंने आखिरी ओवर की पांचवीं गेंद पर छक्का लगाकर श्रीलंका को यादगार जीत दिलाई।
आखिरी ओवर में पल-पल बदला मैच
श्रीलंका को अंतिम ओवर में जीत के लिए 7 रन बनाने थे। गेंदबाजी की जिम्मेदारी जोश टंग के पास थी। पहली गेंद पर लियानागे ने एक रन लिया। दूसरी गेंद पर दुनिथ वेल्लालागे बोल्ड हो गए। तीसरी गेंद पर ईशान मलिंगा भी बोल्ड हो गए, जिससे इंग्लैंड की जीत की उम्मीदें बढ़ गईं।
चौथी गेंद पर असिथा फर्नांडो ने एक रन लेकर लियानागे को स्ट्राइक पर पहुंचाया। अब श्रीलंका को दो गेंदों पर 6 रन चाहिए थे। लियानागे ने पांचवीं गेंद पर लॉन्ग-ऑफ के ऊपर से शानदार छक्का जड़ दिया। इसके साथ ही श्रीलंका ने 429 रन का लक्ष्य हासिल कर इतिहास रच दिया।
हैरी ब्रूक के दोहरे शतक से इंग्लैंड ने खड़ा किया बड़ा स्कोर
इंग्लैंड की पारी की शुरुआत टॉम बैंटन और बेन डकेट ने की। दोनों ने पहले विकेट के लिए 74 रन जोड़े। बैंटन ने 51 गेंदों पर 50 रन बनाए, जबकि डकेट ने 39 गेंदों पर 29 रन का योगदान दिया।
इसके बाद जो रूट और कप्तान हैरी ब्रूक ने पारी को संभाला। दोनों के बीच तीसरे विकेट के लिए 159 रन की साझेदारी हुई। रूट ने 66 गेंदों पर 69 रन बनाए, जबकि ब्रूक ने श्रीलंकाई गेंदबाजों के खिलाफ आक्रामक रुख अपनाया।
ब्रूक ने 116 गेंदों पर 202 रन बनाए। उनकी पारी ने इंग्लैंड को 400 रन के पार पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई। विल जैक्स ने भी तेजी से रन बनाते हुए 30 गेंदों पर नाबाद 66 रन बनाए। ब्रूक और जैक्स ने चौथे विकेट के लिए केवल 77 गेंदों पर 185 रन की साझेदारी की। इंग्लैंड ने 50 ओवर में 429 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया।
पवन रत्नायके ने संभाली श्रीलंका की पारी
430 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी श्रीलंकाई टीम की शुरुआत अच्छी नहीं रही। टीम ने 24 रन तक दो विकेट गंवा दिए। कामिंदु मेंडिस 18 रन बनाकर आउट हुए, जबकि कप्तान कुसल मेंडिस खाता भी नहीं खोल सके।
इसके बाद अविष्का फर्नांडो और पवन रत्नायके ने पारी को संभाला। दोनों ने तीसरे विकेट के लिए 137 गेंदों पर 166 रन जोड़े। फर्नांडो ने 83 गेंदों पर 97 रन बनाए, जिसमें 11 चौके और दो छक्के शामिल रहे।
रत्नायके ने इसके बाद दासुन शनाका के साथ मिलकर चौथे विकेट के लिए 79 गेंदों पर 133 रन की साझेदारी की। उन्होंने 15 चौकों और तीन छक्कों की मदद से 130 रन बनाए। उनकी पारी ने श्रीलंका को लक्ष्य के करीब पहुंचाने में बड़ी भूमिका निभाई।
शनाका के 97 रन और लियानागे की तूफानी फिनिशिंग
दासुन शनाका ने भी इंग्लैंड के गेंदबाजों की जमकर खबर ली। उन्होंने 50 गेंदों पर 97 रन बनाए, जिसमें आठ छक्के शामिल थे। हालांकि, वह शतक से केवल तीन रन दूर रह गए।
शनाका के आउट होने के बाद मैच का दबाव बढ़ गया, लेकिन जनिथ लियानागे ने हार नहीं मानी। उन्होंने 27 गेंदों पर नाबाद 61 रन बनाए। उनकी पारी में सात चौके और तीन छक्के शामिल रहे। आखिरी ओवर में छक्का लगाकर उन्होंने श्रीलंका की जीत सुनिश्चित कर दी।
इंग्लैंड की ओर से जोश टंग ने तीन विकेट लिए, जबकि सैम करन को दो सफलता मिली। जेमी ओवरटन और लियाम डॉसन ने एक-एक विकेट हासिल किया।
इस मुकाबले में दोनों टीमों की ओर से जमकर रन बने, लेकिन श्रीलंका की शानदार बल्लेबाजी और अंतिम ओवर में लियानागे के संयम ने उसे ऐतिहासिक जीत दिला दी।