सिर्फ नाम के दम पर भारत सीरीज नहीं जीत सकता, न्यूजीलैंड पर दबाव बनाना होगा: रवि शास्त्री
नई दिल्ली, 21 अक्टूबर (आईएएनएस)। भारत के पूर्व हेड कोच रवि शास्त्री ने कहा कि न्यूजीलैंड को उसकी धरती पर हराना भारत के लिए आसान नहीं होगा। उनका मानना है कि सिर्फ अच्छी साख या रिकॉर्ड के भरोसे जीत नहीं मिलेगी, बल्कि टीम को उससे भी बेहतर प्रदर्शन करना होगा। शास्त्री ने भारतीय खिलाड़ियों को सलाह दी कि वे दबाव से घबराएं नहीं और पहले टी20 मैच से ही न्यूजीलैंड पर दबाव बनाना शुरू करें, ताकि सीरीज में बढ़त हासिल की जा सके।
22 अक्टूबर से शुरू हो रही पांच टी20 इंटरनेशनल मैचों की यह सीरीज 1 नवंबर तक चलेगी। इसके बाद पुरुष वनडे विश्व कप 2027 की तैयारियों के मद्देनजर पांच मैचों की एकदिवसीय सीरीज खेली जाएगी। इसके बाद दो मैचों की टेस्ट सीरीज होगी, जो 19 नवंबर से 1 दिसंबर तक वेलिंगटन और क्राइस्टचर्च में खेली जाएगी।
इसके अलावा, भारत ए टीम भी न्यूजीलैंड के दौरे पर है, जहां वह तीन 'रेड-बॉल' (टेस्ट फॉर्मेट) मैच खेलेगी। इसकी शुरुआत 24 अक्टूबर को लिंकन से होगी। शास्त्री ने कहा, "न्यूजीलैंड भारत के खिलाफ पूरी ताकत से उतरेगा। वह अपनी परिस्थितियों को अच्छी तरह जानते हैं, पूरी तैयारी करके आते हैं और आपको हर जीत के लिए कड़ी मेहनत करनी पड़ती है। भारत के पास बेहतरीन खिलाड़ी हैं, लेकिन सिर्फ नाम के दम पर वह यह सीरीज नहीं जीत सकते।"
ब्रॉडकास्टर 'सोनी स्पोर्ट्स नेटवर्क' द्वारा बुधवार को जारी एक बयान में शास्त्री ने कहा, "उन्हें मैदान पर उतरना होगा, दबाव को झेलना होगा और उसे वापस न्यूजीलैंड पर डालना होगा। 22 अक्टूबर को होने वाले पहले टी20 इंटरनेशनल मैच से ही मैं यही देखना चाहूंगा।" भारत के पूर्व टेस्ट कप्तान अजिंक्य रहाणे ने दौरे के टेस्ट चरण पर बात करते हुए कहा कि दोनों मैचों में जीत हासिल करना भारत के लिए बहुत अहम होगा। इससे विश्व टेस्ट चैंपियनशिप (डब्ल्यूटीसी) 2027 के फाइनल में पहुंचने की भारत की उम्मीदें बनी रहेंगी। यह फाइनल 9 से 13 जून तक द ओवल के मैदान पर खेला जाएगा। उन्होंने अनुभवी तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार की टीम में वापसी का भी स्वागत किया।
रहाणे ने कहा, "भारत का न्यूजीलैंड दौरा काफी अहम है, जिसमें कई दिलचस्प चीजें देखने को मिलेंगी। टेस्ट क्रिकेट में न्यूजीलैंड की परिस्थितियां एक अलग तरह की चुनौती पेश करती हैं, जहां भारतीय बल्लेबाजों की कड़ी परीक्षा होगी। विश्व टेस्ट चैंपियनशिप (डब्ल्यूटीसी) 2027 फाइनल में अपनी जगह बनाने की दौड़ में बने रहने के लिए, इन दोनों टेस्ट मैचों को जीतना बहुत जरूरी होगा।"
उन्होंने कहा, "मैं भुवनेश्वर कुमार की टीम में वापसी से बहुत खुश हूं, उनका अनुभव टी20 मैचों में काम आएगा। कुल मिलाकर, यह एक कठिन दौरा होने वाला है, जिसमें लगातार मैच खेले जाएंगे, जिससे टीम की बेंच स्ट्रेंथ (बैकअप खिलाड़ियों की क्षमता) की भी परीक्षा होगी। मेरी टीम को यही सलाह होगी कि वह बहुत आगे की न सोचें, बल्कि हर मैच पर ध्यान दें और अपनी योजनाओं पर टिके रहें।"
महान ऑफ-स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने न्यूजीलैंड के दौरे को क्रिकेट के सबसे कठिन इम्तिहानों में से एक बताया। उन्होंने कहा, "न्यूजीलैंड का दौरा विश्व क्रिकेट के सबसे चुनौतीपूर्ण दौरों में से एक है, क्योंकि यहां टीम को लगातार अलग-अलग परिस्थितियों के हिसाब से खुद को ढालना पड़ता है। हर फॉर्मेट एक अलग चुनौती पेश करता है - चाहे वह टी20 में परिस्थितियों को समझना हो, वनडे में लय बनाना हो, या फिर टेस्ट क्रिकेट में धैर्य और अनुशासन दिखाना हो। भारत के पास हर फॉर्मेट में मुकाबला करने की क्षमता है।"
--आईएएनएस
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