संजू सैमसन को हटाकर वैभव सूर्यवंशी को खिलाना पड़ा भारी? वीडियो में जाने गौतम गंभीर बोले- पूरी रात सो नहीं सका
भारतीय क्रिकेट टीम के हेड कोच गौतम गंभीर ने संजू सैमसन को टीम से बाहर कर वैभव सूर्यवंशी को प्लेइंग इलेवन में शामिल करने के फैसले को बेहद मुश्किल बताया है। गंभीर ने कहा कि यह फैसला लेना उनके लिए आसान नहीं था और इसे लेकर वह पूरी रात सो नहीं सके। उन्होंने बताया कि सैमसन के साथ इस फैसले को लेकर उन्होंने बेहद ईमानदारी से बातचीत की थी। गंभीर ने यह बात भारत के वेस्टइंडीज के खिलाफ घरेलू सीजन से पहले जियोस्टार से बातचीत के दौरान कही। उनके मुताबिक, एक तरफ संजू सैमसन जैसे अनुभवी खिलाड़ी थे, जो भारत की टी-20 वर्ल्ड कप जीत के दौरान प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट रहे थे, वहीं दूसरी तरफ युवा वैभव सूर्यवंशी शानदार फॉर्म में चल रहे थे।
सैमसन को बाहर करना आसान नहीं था
गौतम गंभीर ने कहा कि जिस खिलाड़ी को टी-20 वर्ल्ड कप में प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट चुना गया हो, उसे कुछ मैचों के बाद टीम से बाहर करना बिल्कुल आसान नहीं होता। गंभीर के मुताबिक, सैमसन के प्रदर्शन और टीम में उनकी भूमिका को देखते हुए यह फैसला उनके लिए भावनात्मक और क्रिकेटिंग दोनों लिहाज से चुनौतीपूर्ण था।उन्होंने कहा कि सैमसन भारत की टी-20 वर्ल्ड कप जीत में प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट रहे थे। ऐसे खिलाड़ी को तीन या चार मैचों के बाद बाहर करना आसान फैसला नहीं हो सकता था।
वैभव शानदार फॉर्म में थे
गंभीर ने बताया कि दूसरी तरफ वैभव सूर्यवंशी शानदार फॉर्म में थे। टीम मैनेजमेंट को टॉप ऑर्डर में तेजी से रन बनाने वाले खिलाड़ी की जरूरत थी। इसी वजह से वैभव को मौका देने का फैसला किया गया।जुलाई में इंग्लैंड के खिलाफ खेली गई पांच मैचों की टी-20 इंटरनेशनल सीरीज के पहले मुकाबले के बाद सैमसन को टीम से बाहर कर दिया गया था। उनकी जगह वैभव सूर्यवंशी को प्लेइंग इलेवन में शामिल किया गया और उन्होंने अपना टी-20 इंटरनेशनल डेब्यू किया।हालांकि वैभव के डेब्यू मैच में भारतीय टीम को हार का सामना करना पड़ा। इसके बाद भारत ने यह टी-20 सीरीज 4-0 से गंवा दी।
गंभीर ने सैमसन से की थी सीधी बात
गंभीर ने कहा कि उन्होंने संजू सैमसन से इस फैसले को लेकर सीधे और ईमानदारी से बात की थी। उन्होंने सैमसन से कहा कि वैभव शानदार फॉर्म में हैं और टीम को टॉप ऑर्डर में रन बनाने वाले खिलाड़ी की जरूरत है।गंभीर के मुताबिक, जब कोई भारत के लिए खेलता है या भारतीय टीम को कोच करता है, तो उसका लक्ष्य हर सीरीज जीतना होता है। इसी सोच के कारण टीम मैनेजमेंट ने उस समय वैभव को मौका देने का फैसला किया।
फैसला लेने के बाद पूरी रात नहीं सो पाए गंभीर
गौतम गंभीर ने माना कि सैमसन जैसे खिलाड़ी को बाहर करने का फैसला उनके लिए बेहद कठिन था। उन्होंने कहा कि इस निर्णय के बाद वह पूरी रात सो नहीं सके। हालांकि, टीम की जरूरत और वैभव की फॉर्म को देखते हुए उन्हें यह फैसला लेना पड़ा।गंभीर की इस टिप्पणी से साफ है कि टीम चयन के दौरान सिर्फ पिछले प्रदर्शन ही नहीं, बल्कि मौजूदा फॉर्म और टीम की जरूरतों को भी ध्यान में रखा गया। वैभव को मौका देने का फैसला भले ही मुश्किल रहा हो, लेकिन गंभीर के मुताबिक उस समय टीम के सामने सीरीज जीतने का लक्ष्य सबसे अहम था।