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राजिंदर गोयल: रणजी ट्रॉफी में सर्वाधिक विकेट, जेल से कुख्यात डकैत ने लिखा पत्र, भारतीय टीम में कभी नहीं मिली जगह

 

नई दिल्ली, 20 जून (आईएएनएस)। भारतीय घरेलू क्रिकेट के सबसे बड़े सितारों में गिने जाने वाले राजिंदर गोयल के नाम रणजी ट्रॉफी के इतिहास में सर्वाधिक विकेट लेने का रिकॉर्ड दर्ज है। हालांकि, शानदार घरेलू करियर के बावजूद उन्हें कभी भारतीय टीम की ओर से खेलने का अवसर नहीं मिला। उनकी लोकप्रियता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि एक बार जेल में बंद कुख्यात डकैत ने उन्हें पत्र लिखकर उनकी उपलब्धि की सराहना की थी।

राजिंदर गोयल का जन्म 20 सितंबर, 1942 को हरियाणा में हुआ था। बचपन से ही उन्हें क्रिकेट में गहरी रुचि थी। गलियों से शुरू हुआ उनका सफर जल्द ही हरियाणा की घरेलू टीम तक पहुंच गया। अपनी बेहतरीन स्पिन गेंदबाजी के दम पर उन्होंने घरेलू क्रिकेट में खास पहचान बनाई। उनकी घूमती गेंदें बल्लेबाजों के लिए अक्सर अबूझ पहेली साबित होती थीं।

राजिंदर उन पिचों पर भी गेंद को टर्न कराने में माहिर थे, जहां आमतौर पर बल्लेबाज रनों का अंबार लगा देते थे। उन्होंने प्रथम श्रेणी क्रिकेट में 157 मैच खेले और 18.58 की औसत से 750 विकेट हासिल किए। एक मैच में 10 विकेट लेने का कारनामा उन्होंने 18 बार किया, जबकि एक पारी में 59 बार पांच या उससे अधिक विकेट झटके।

रणजी ट्रॉफी में भी राजिंदर का प्रदर्शन बेहद शानदार रहा। उन्होंने इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट में 637 विकेट लिए, जो आज भी सर्वाधिक विकेट का रिकॉर्ड है। भारत के पूर्व कप्तान और दिग्गज स्पिनर बिशन सिंह बेदी ने एक बार कहा था कि उन्हें नहीं लगता कि रणजी ट्रॉफी में राजिंदर गोयल का यह रिकॉर्ड कभी टूट पाएगा।

राजिंदर अपने दौर के बेहद लोकप्रिय गेंदबाज थे। उन्होंने स्वयं बताया था कि रणजी ट्रॉफी में 600 विकेट पूरे करने के बाद उन्हें ग्वालियर जेल से कुख्यात डकैत भूरा सिंह यादव का एक पत्र मिला था। भूरा सिंह ने इस उपलब्धि पर उन्हें बधाई देते हुए खुद को उनका बड़ा प्रशंसक बताया था। उस समय भूरा सिंह यादव उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के चर्चित डकैतों में गिने जाते थे।

घरेलू क्रिकेट में ऐतिहासिक उपलब्धियां हासिल करने के बावजूद राजिंदर गोयल कभी चयनकर्ताओं का भरोसा नहीं जीत सके और भारतीय टीम में जगह नहीं बना पाए। 21 जून, 2020 को 77 वर्ष की आयु में उनका निधन हो गया। उन्होंने हरियाणा के रोहतक में स्थित अपने घर पर अंतिम सांस ली।

--आईएएनएस

एसएम/एएस