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पिछले मैच में जिस तरह आउट हुई, उसके बाद सो भी नहीं सकी थी: शेफाली वर्मा

 

रायपुर, 18 अक्टूबर (आईएएनएस)। भारत की नव नियुक्त उप-कप्तान शेफाली वर्मा ने रविवार को शहीद वीर नारायण सिंह इंटरनेशनल स्टेडियम में जिम्बाब्वे के खिलाफ दूसरे टी20 मैच में 55 रन की तूफानी पारी खेली। शेफाली ने 25 गेंदों में 4 छक्के और 6 चौके जड़े। इस शानदार प्रदर्शन के लिए उन्हें 'प्लेयर ऑफ द मैच' चुना गया।

हालांकि, जिम्बाब्वे के खिलाफ पिछले मैच में ऑफ-स्पिनर न्याशा ग्वांज़ुरा ने शेफाली को सिर्फ 4 रन पर आउट कर दिया था, लेकिन इस बार शेफाली ने शानदार वापसी करते हुए धुआंधार पारी खेली। उनकी इस पारी की मदद से भारत ने 103 रनों के लक्ष्य को 8.5 ओवरों में हासिल करते हुए सीरीज में अजेय बढ़त हासिल कर ली।

दाएं हाथ की बल्लेबाज शेफाली को सीरीज के पहले मैच में न्याशा ग्वांजुरा ने अपनी ही गेंद पर कैच आउट किया था। शेफाली ने बताया कि उस तरह से आउट होने के बाद वह सो भी नहीं सकी थीं।

रविवार को रायपुर में 9 विकेट से जीत के बाद पोस्ट-मैच प्रेजेंटेशन में शेफाली ने कहा, "मैं पिछले मैच में जिस तरह से आउट हुई थी, उसके बाद मैं सो भी नहीं पाई। लेकिन हां, मैं बस खुद को शांत रखने की कोशिश कर रही थी और सोच रही थी कि अगले दिन मुझे क्या करना है, ताकि मैं उसे मैदान पर लागू कर सकूं?"

रविवार को लक्ष्य का पीछा करते हुए शेफाली ने स्ट्राइक ली और उसी गेंदबाज (न्याशा ग्वांज़ुरा) के खिलाफ पहले ही ओवर में एक चौका और एक छक्का जड़ दिया। उन्होंने 24 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा किया। स्पिन गेंदबाजी के खिलाफ अपनी रणनीति में सुधार पर बात करते हुए शेफाली ने बताया कि अब वह क्रीज पर थोड़ा और समय बिताने की कोशिश करती हैं।

उन्होंने कहा, "सबसे पहले, पिछले मैच में जिस तरह से मैं आउट हुई - एक दाएं हाथ की बल्लेबाज के तौर पर, स्पिनर के खिलाफ उस तरह से आउट होना मेरे लिए सही नहीं था। लेकिन हां, मैं थोड़ा झुककर खेलने और गेंद को बेहतर टाइम करने की कोशिश कर रही हूं। मैं बस चीजों को सरल रखने की कोशिश कर रही हूं। अगर मुझे चौका या छक्का नहीं मिल रहा, तो मैं सिंगल लेने की कोशिश करती हूं और अपने दिमाग में जो योजनाएं हैं, उन्हें मैदान पर लागू करने का प्रयास करती हूं।"

पिछले साल शेफाली भारतीय वनडे टीम से बाहर हो गई थीं। उन्होंने बताया कि उन्होंने अपनी निरंतरता पर काम करने के लिए समय लिया और इसके लिए ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजों के खेल से सीख ली।

22 वर्षीय खिलाड़ी ने बताया, "हां, बिल्कुल। साल 2025 में जब मैं घर पर थी, तो मैंने बैठकर सोचा कि मैं किन चीजों में सुधार कर सकती हूं। सबसे पहले मेरे दिमाग में 'निरंतरता' की बात आई—टीम के लिए लगातार रन बनाना। मैंने ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजों के खेल का विश्लेषण किया कि वे किस तरह से बल्लेबाजी करती हैं। बस उसी बात को ध्यान में रखते हुए, मैं टीम के लिए ज्यादा से ज्यादा रन बनाने और जीत दिलाने की कोशिश कर रही हूं।"

--आईएएनएस

आरएसजी