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परिमार्जन नेगी: शतरंज से ऐतिहासिक सफलता के बाद शिक्षा के क्षेत्र में हासिल की बड़ी कामयाबी

 

नई दिल्ली, 8 फरवरी (आईएएनएस)। भारतीय शतरंज की दुनिया में परिमार्जन नेगी का नाम बेहद सम्मान के साथ लिया जाता है। बहुत ही कम उम्र में नेगी ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा लिया था। नेगी ने महज 13 वर्ष, 4 महीने और 20 दिन की उम्र में ग्रैंडमास्टर का खिताब हासिल कर लिया था। इस उपलब्धि को हासिल करते समय वह इतिहास के दूसरे सबसे कम उम्र के ग्रैंडमास्टर थे।

परिमार्जन नेगी का जन्म 9 फरवरी 1993 को नई दिल्ली में हुआ था। बेहद कम उम्र में शतरंज की चाल में दक्षता हासिल करने वाले नेगी ने 2002 में तेहरान में एशियाई युवा शतरंज चैंपियनशिप के अंडर-10 वर्ग का खिताब जीता। इसके बाद 2005/06 हेस्टिंग्स इंटरनेशनल शतरंज कांग्रेस में उन्होंने अपना पहला ग्रैंडमास्टर नॉर्म हासिल किया। दिल्ली में आयोजित चौथे पार्श्वनाथ अंतरराष्ट्रीय ओपन टूर्नामेंट में दूसरा और रूस के सतका में तीसरा व अंतिम जीएम नॉर्म पूरा कर उन्होंने इतिहास रच दिया। इस उपलब्धि के साथ वे भारत के सबसे युवा ग्रैंडमास्टर बने और पेंटाला हरिकृष्णा का रिकॉर्ड तोड़ा।

2008 में उन्होंने फिलाडेल्फिया इंटरनेशनल ओपन टूर्नामेंट अपराजित रहते हुए जीता। 2009 में कोपेनहेगन का पॉलिटिकेन कप और मलेशिया ओपन उनके नाम रहा। 2010 में उन्होंने नेशनल प्रीमियर शतरंज चैंपियनशिप जीती, जबकि 2012 में एशियाई शतरंज चैंपियन बने। 2012 और 2013 में कैपेल-ला-ग्रांडे ओपन तथा 2013 में दूसरी बार पॉलिटिकेन कप जीतकर उन्होंने अपनी निरंतरता साबित की।

नेगी ने 2014 में नॉर्वे के ट्रोम्सो में आयोजित शतरंज ओलंपियाड में भारतीय टीम के लिए टॉप बोर्ड पर खेलते हुए कांस्य पदक जीतने में अहम भूमिका निभाई। भारतीय और एशियाई शतरंज चैंपियन रहे नेगी ने 2017 में पेशेवर शतरंज से संन्यास ले लिया।

खेल से संन्यास के बाद नेगी ने शिक्षा और शोध के क्षेत्र में कदम बढ़ाया। नई दिल्ली के एमिटी इंटरनेशनल स्कूल से पढ़ाई करने के बाद उन्होंने 2018 में स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी से गणित में स्नातक किया। रिपोर्ट्स के मुताबिक नेगी ने मैसाचुसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (एमआईटी) से कंप्यूटर साइंस और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस में 2024 में पीएचडी पूरी कर ली है।

खेल में शीर्ष पर पहुंचने के बाद नेगी ने शिक्षा के क्षेत्र में भी बड़ी सफलता हासिल की है। यह उनकी किसी भी क्षेत्र में बेहतर करने की लगन को प्रदर्शित करता है।

शतरंज में बड़ी सफलता हासिल करने वाले नेगी को भारत सरकार ने 2010 में अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित किया था।

--आईएएनएस

पीएके