Ollie Robinson Record: 112 साल बाद टेस्ट क्रिकेट में रॉबिन्सन ने रचा इतिहास, खास गेंदबाजों के क्लब में बनाई जगह
इंग्लैंड के तेज गेंदबाज ओली रॉबिन्सन ने पाकिस्तान के खिलाफ तीसरे टेस्ट में अपनी गेंदबाजी से खास उपलब्धि हासिल की है। एडबस्टन में खेले जा रहे मुकाबले के दौरान रॉबिन्सन ने न सिर्फ पाकिस्तान की पहली पारी को तहस-नहस करने में अहम भूमिका निभाई, बल्कि एक ऐसे रिकॉर्ड क्लब में भी शामिल हो गए, जिसमें 100 साल से ज्यादा समय से कोई नया नाम नहीं जुड़ा था।
रॉबिन्सन ने मैच में पाकिस्तान के खिलाफ तीन विकेट हासिल किए और इसी दौरान टेस्ट क्रिकेट में अपने 100 विकेट भी पूरे कर लिए।
112 साल बाद दोहराया गया पुराना रिकॉर्ड
रॉबिन्सन अब उन गेंदबाजों की सूची में शामिल हो गए हैं, जिन्होंने कम से कम 20 टेस्ट खेलने के बाद 19 से कम की गेंदबाजी औसत कायम रखी है। उनसे पहले इंग्लैंड के दिग्गज गेंदबाज सिडनी बार्न्स इस उपलब्धि तक पहुंचे थे।
बार्न्स ने 1914 में अपना आखिरी टेस्ट मैच खेला था। इसके बाद करीब 112 वर्षों तक कोई गेंदबाज इस खास आंकड़े तक नहीं पहुंच पाया। अब रॉबिन्सन ने इस लंबे इंतजार को खत्म कर दिया है।
24 टेस्ट में 104 विकेट
तीसरे टेस्ट की पहली पारी में शानदार प्रदर्शन के बाद रॉबिन्सन के नाम 24 टेस्ट मैचों में 104 विकेट हो गए हैं। उनकी गेंदबाजी औसत 18.86 की है, जिसने उन्हें टेस्ट क्रिकेट के चुनिंदा गेंदबाजों के क्लब में पहुंचा दिया।
इस सूची में सिडनी बार्न्स के अलावा इंग्लैंड के शुरुआती दौर के कई महान गेंदबाज शामिल रहे हैं। भारत के तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह भी 20 से ज्यादा टेस्ट खेलने के बाद 20 से कम की औसत रखने वाले गेंदबाजों में शामिल हैं।
पाकिस्तान की पारी पर बरपे रॉबिन्सन
तीसरे टेस्ट में पाकिस्तान की पहली पारी के दौरान रॉबिन्सन ने बल्लेबाजों को शुरुआत से ही परेशानी में डाल दिया। उन्होंने सईम अयूब को आउट करके अपना 100वां टेस्ट विकेट हासिल किया। इसके बाद उन्होंने अब्दुल्ला शफीक को भी पवेलियन भेज दिया।
इंग्लैंड के गेंदबाजों के सामने पाकिस्तान की बल्लेबाजी ज्यादा देर नहीं टिक सकी और पूरी टीम 133 रन पर ऑलआउट हो गई। रॉबिन्सन के अलावा जोश टंग और जोफ्रा आर्चर ने भी पाकिस्तान के बल्लेबाजों पर दबाव बनाए रखा।
रिकॉर्ड के साथ हासिल किया खास मुकाम
रॉबिन्सन के लिए यह मुकाबला इसलिए यादगार बन गया है क्योंकि उन्होंने एक ही प्रदर्शन के दौरान अपने टेस्ट विकेटों का शतक पूरा किया और 19 से कम गेंदबाजी औसत वाले दुर्लभ क्लब में भी जगह बना ली। 112 साल बाद दोहराए गए इस कारनामे ने उनके टेस्ट करियर की उपलब्धियों में एक और बड़ा अध्याय जोड़ दिया है।