कृष्णमाचारी श्रीनिवासन: भारतीय क्रिकेटर, जिन्होंने बतौर अंपायर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाई
नई दिल्ली, 17 जनवरी (आईएएनएस)। कृष्णमाचारी श्रीनिवासन भारत के प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट अंपायर्स की फेहरिस्त में शुमार हैं। तमिलनाडु से आने वाले श्रीनिवासन ने घरेलू और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अनेक टेस्ट और वनडे मुकाबलों में अंपायरिंग की।
कृष्णमाचारी श्रीनिवासन की गिनती भारत के प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय अंपायर्स में होती है। उन्हें निष्पक्षता, नियमों की गहरी समझ और शांत निर्णय शैली के लिए पहचान मिली है।
18 जनवरी 1966 को चेन्नई में जन्मे कृष्णामाचारी श्रीनिवासन ने दाएं हाथ के ऑफब्रेक गेंदबाज के रूप में अपना करियर शुरू किया। मद्रास में पले-बढ़े श्रीनिवासन स्थानीय स्कूल और क्लब मुकाबलों में खेला करते थे। उन्होंने यहां अपनी गेंदबाजी को निखारा। शानदार प्रदर्शन के लिए उन्हें तमिलनाडु क्रिकेट एसोसिएशन ने अपनी टीम में चुना।
इसके बाद उन्होंने 1993/94 सीजन के दौरान तमिलनाडु के लिए लिस्ट-ए डेब्यू किया। हालांकि, बतौर खिलाड़ी ज्यादा मौके नहीं मिल सके। उन्होंने एक ऐसी टीम में योगदान दिया जिसने लिमिटेड-ओवर्स फॉर्मेट में संतुलित ऑलराउंड क्षमताओं पर जोर दिया।
कृष्णामाचारी श्रीनिवासन ने 4 मुकाबलों में कुल 78 गेंदें फेंकी, जिसमें 51 रन देकर कोई विकेट हासिल नहीं कर सके। वहीं, 2 पारियों में 11.50 की औसत के साथ 23 रन बनाए। इस दौरान 17 रन की पारी खेली।
उस सीजन में तमिलनाडु का प्रदर्शन शानदार रहा। इस टीम ने पांच लीग मुकाबलों में से चार में जीते और 16 अंकों के साथ साउथ जोन तालिका में शीर्ष स्थान हासिल किया। हालांकि, उपलब्ध रिकॉर्ड में श्रीनिवासन की विशिष्ट जूनियर-स्तरीय उपलब्धियां अलिखित हैं।
बतौर खिलाड़ी करियर खत्म होने के बाद श्रीनिवासन ने 2000 के दशक की शुरुआत में भारतीय घरेलू क्रिकेट में बतौर अधिकारी सफर शुरू किया। इसके बाद उन्हें बीसीसीआई के घरेलू अंपायर्स के पैनल में शामिल किया गया।
अपने करियर के दौरान, श्रीनिवासन ने कई घरेलू मैचों में अंपायरिंग की है। इस दौरान वे रणजी ट्रॉफी और विजय हजारे ट्रॉफी में भी नजर आए, जहां उन्होंने अलग-अलग परिस्थितियों में जटिल फैसले लिए हैं। उन्होंने सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में भी अंपायरिंग की है। कृष्णामाचारी श्रीनिवासन ने कुछ अंतरराष्ट्रीय महिला क्रिकेट मैचों में अंपायरिंग की है।
कृष्णामाचारी श्रीनिवासन ने भारतीय क्रिकेट में अंपायरिंग को पेशेवर और विश्वसनीय पहचान दिलाई है। घरेलू क्रिकेट में उनका मार्गदर्शन युवा अंपायर्स के लिए प्रेरणास्रोत बना, जिसने अंपायरिंग मानकों को ऊंचा उठाया है।
--आईएएनएस
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