खेल मंत्री मनसुख मंडाविया ने कॉमनवेल्थ स्पोर्ट के प्रेसिडेंट डोनाल्ड रुकारे से की मुलाकात
नई दिल्ली, 10 अप्रैल (आईएएनएस)। केंद्रीय युवा मामले और खेल मंत्री, डॉ. मनसुख मंडाविया, ने शुक्रवार को कॉमनवेल्थ स्पोर्ट के वरिष्ठ नेतृत्व के साथ एक उच्च-स्तरीय बैठक की, जिसमें उन्होंने 2030 में विश्व-स्तरीय, एथलीट-केंद्रित और टिकाऊ कॉमनवेल्थ गेम्स आयोजित करने के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को दोहराया।
डॉ. मंडाविया ने कॉमनवेल्थ गेम्स 2030 की मेबानी के लिए भारत को चुनने पर कॉमनवेल्थ स्पोर्ट के प्रतिनिधिमंडल का आभार व्यक्त किया। डॉ. मंडाविया ने कहा, "इन खेलों को सफलतापूर्वक आयोजित करने के लिए देश में बहुत उत्साह है, और भारत खेल जगत का उसके पूरे रंग और सांस्कृतिक जीवंतता के साथ स्वागत करने के लिए तैयार है। कॉमनवेल्थ के शताब्दी समारोह एक यादगार पल होंगे।"
खेल मंत्री ने कॉमनवेल्थ स्पोर्ट के प्रतिनिधिमंडल को 'खेलो इंडिया गेम्स' के विस्तार के बारे में बताया। उन्होंने 'खेलो इंडिया' के तहत आयोजित किए जा रहे विभिन्न प्रकार के खेलों और प्रतियोगिताओं पर प्रकाश डाला, जिनमें महिलाओं के लिए 'अस्मिता लीग' और पहले 'खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स' शामिल हैं। डॉ. मंडाविया ने यह भी बताया कि भारत सरकार किस तरह कॉमनवेल्थ गेम्स के संदेश को देश के विभिन्न हिस्सों तक पहुंचा रही है और युवाओं तथा खिलाड़ियों के माध्यम से विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में सीडब्ल्यूजी के प्रति जागरूकता बढ़ा रही है। कॉमनवेल्थ स्पोर्ट के प्रतिनिधिमंडल ने, जिसका नेतृत्व उसके प्रेसिडेंट डोनाल्ड रुकारे कर रहे थे, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इस बात के लिए सराहना की कि उन्होंने खेलों को राष्ट्रीय विकास के एजेंडे का एक महत्वपूर्ण स्तंभ बनाया है।
कॉमनवेल्थ स्पोर्ट के प्रतिनिधिमंडल में सीईओ केटी सैडलियर, गेम्स और एश्योरेंस के डायरेक्टर डैरेन हॉल, खेल डायरेक्टर एन-लुईस मॉर्गन, और प्रमुख आयोजनों के विशेषज्ञ नील कार्नी शामिल थे।चर्चाओं का मुख्य केंद्र खेलों के कुशल आयोजन को सुनिश्चित करने के लिए तैयारी संबंधी कार्य, समन्वय तंत्र और समय-सीमाएं थीं। इस दौरान दोनों पक्षों ने भविष्य की रूपरेखा और प्रमुख लक्ष्यों पर सहमति जताई।
भारत ने कॉमनवेल्थ गेम्स 2030 के लिए अपना विजन इस प्रकार प्रस्तुत किया: एथलीट-केंद्रित—जो विश्व-स्तरीय प्रतिस्पर्धा और एथलीटों के कल्याण को सुनिश्चित करे; पर्यावरण की दृष्टि से टिकाऊ—जिसमें दीर्घकालिक प्रभाव पर विशेष ध्यान दिया जाए; और प्रौद्योगिकी-सक्षम—जो खेलों के कुशल आयोजन के लिए आधुनिक प्रणालियों का लाभ उठाए। मीटिंग के दौरान, डॉ. मंडाविया ने कॉमनवेल्थ गेम्स 2030 की मेजबानी के लिए अहमदाबाद के मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर बेस, कनेक्टिविटी और संस्थागत सहयोग को मुख्य ताकत के तौर पर भी बताया।
--आईएएनएस
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