जीत के बाद अर्जेंटीना ने 'फॉकलैंड' बैनर के साथ मनाया जश्न, फीफा कर सकता है कार्रवाई
अटलांटा, 16 जुलाई (आईएएनएस)। अर्जेंटीना को फीफा की अनुशासनात्मक कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है। 'ला एल्बिसेलेस्टे' (अर्जेंटीना टीम) के खिलाड़ियों ने इंग्लैंड के खिलाफ फीफा वर्ल्ड कप सेमीफाइनल में मिली जीत का जश्न एक ऐसा बैनर लेकर मनाया, जो फॉकलैंड द्वीप पर उनके देश के दावे का समर्थन करता है।
मौजूदा विश्व चैंपियन अर्जेंटीना ने इंग्लैंड को 2-1 से हराकर फाइनल में जगह बनाई। मैच के अंतिम क्षणों में एंजो फर्नांडीज और लाउतारो मार्टिनेज ने गोल कर टीम को शानदार जीत दिलाई। जीत के बाद अर्जेंटीना के खिलाड़ियों ने "लास माल्विनास सोन आरहेनतीनास" (जिसका मतलब है "फॉकलैंड अर्जेंटीना का है") लिखा हुआ बैनर लेकर जश्न मनाया और फिर उसे पिच पर ही छोड़ दिया।
दक्षिण-पश्चिम अटलांटिक महासागर में स्थित ब्रिटिश विदेशी क्षेत्र, फॉकलैंड द्वीप, ब्रिटेन और अर्जेंटीना के बीच संप्रभुता के विवाद का विषय रहा है। फॉकलैंड, अर्जेंटीना के अटलांटिक तट के पास द्वीपों का एक समूह है, लेकिन यह एक ब्रिटिश विदेशी क्षेत्र के रूप में काम करता है। संप्रभुता पर विवाद के कारण अर्जेंटीना ने 1982 में इस क्षेत्र पर हमला किया था। ब्रिटेन ने अटलांटिक के पार अपना बेड़ा भेजा और 74 दिनों के संघर्ष के बाद द्वीपों पर फिर से कब्जा कर लिया था। इस संघर्ष में 907 लोगों की मौत हुई थी।
टीम की सेमीफाइनल में जीत के बाद अर्जेंटीना की उपराष्ट्रपति विक्टोरिया विलारुएल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट किया, "फॉकलैंड अर्जेंटीना का है। उन्होंने स्टेडियम में इन्हें लाने पर रोक लगा दी और भूल गए कि ये हमारे खून और हमारे दिलों में बसे हैं।" हालांकि सेमीफाइनल से पहले अर्जेंटीना की उपराष्ट्रपति विक्टोरिया विलारुएल ने कहा था कि इंग्लैंड के खिलाफ मुकाबला सिर्फ एक फुटबॉल मैच नहीं है। उन्होंने कहा कि यह फॉकलैंड (माल्विनास) द्वीपों से जुड़ी भावनाओं, डिएगो माराडोना की विरासत और लियोनेल मेसी के आखिरी विश्व कप से भी जुड़ा है। उन्होंने खिलाड़ियों का हौसला बढ़ाते हुए कहा कि अर्जेंटीना अपनी आखिरी सांस तक फॉकलैंड द्वीपों पर अपना दावा करता रहेगा और टीम को पूरे जोश के साथ खेलना चाहिए।
इंग्लैंड और अर्जेंटीना के बीच पुराने राजनीतिक और ऐतिहासिक विवाद को देखते हुए यह सेमीफाइनल कड़े सुरक्षा इंतजामों के बीच खेला गया। मैच में अर्जेंटीना ने आखिरी समय में एंजो फर्नांडीज और लाउतारो मार्टिनेज के गोल की बदौलत 2-1 से जीत दर्ज की। इससे पहले 'राउंड ऑफ 16' में मिस्र को 3-2 से हराने के बाद भी अर्जेंटीना के खिलाड़ियों ने ऐसे नारे लगाए थे, जिनमें फॉकलैंड के साथ-साथ महान फुटबॉलर डिएगो माराडोना और लियोनेल मेसी का भी जिक्र किया गया था।
यह पहली बार नहीं है जब फॉकलैंड से जुड़े बैनर को लेकर अर्जेंटीना विवादों में घिरा हो। इससे पहले 2014 में स्लोवेनिया के खिलाफ एक दोस्ताना मैच से पहले खिलाड़ियों ने इसी संदेश वाला बैनर दिखाया था। उस मामले में फीफा ने अर्जेंटीना फुटबॉल एसोसिएशन पर 20,000 पाउंड का जुर्माना लगाया था।
--आईएएनएस
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