IPL 2025: 'एक तो चोरी उपर से सीनाजोरी' अंपायर से भिड़ गया राजस्थान का धाकड, फिर भी होना पडा निराश
क्रिकेट न्यूज डेस्क।। आईपीएल 2025 के मौजूदा सीजन में अंपायरों द्वारा खिलाड़ियों के बल्ले की जांच करना एक चलन बन गया है। सुनील नरेन और एनरिक नोर्त्जे के बाद बुधवार को राजस्थान रॉयल्स के रियान पराग के बल्ले की जांच की गई। पराग चोटिल कप्तान संजू सैमसन की जगह आए, लेकिन स्ट्राइक लेने से पहले मैदानी अंपायर ने उन्हें रोक दिया और उनका बल्ला जांचने लगे। राजस्थान का यह बल्लेबाज आखिरकार बैट टेस्ट में फेल हो गया, जिसके बाद उसे अंपायर से बहस करते देखा गया।
रयान पराग अंपायर के फैसले से नाखुश थे। आपको बता दें कि बीसीसीआई ने टी-20 क्रिकेट में बल्लेबाजी और गेंदबाजी के बीच संतुलन बनाए रखने के लिए यह नियम बनाया है, जिसके अनुसार बल्लेबाज के गार्ड लेने से पहले प्रत्येक बल्ला एक गेज से होकर गुजरेगा। इसके अतिरिक्त, चौथा अम्पायर मैदान में प्रवेश करने से पहले बल्लेबाज के बल्ले का निरीक्षण करेगा, जहां दो मैदानी अम्पायरों द्वारा इसकी जांच की जाएगी।
आईपीएल के नियम क्या कहते हैं?
आईपीएल के चेयरमैन अरुण धूमल ने कहा कि मैदान पर निष्पक्ष प्रतिस्पर्धा सुनिश्चित करने के लिए यह कदम उठाया गया है। किसी को भी ऐसा नहीं लगना चाहिए कि बल्लेबाजों को फायदा मिल रहा है। नियमों के अनुसार, खिलाड़ी का बल्ला आईपीएल मानकों के अनुरूप होना चाहिए, जहां बल्ला 4.25 इंच (10.8 सेमी) चौड़ा, 2.64 इंच (6.7 सेमी) गहरा और 1.56 इंच (4.0 सेमी) चौड़ा होना चाहिए।
पराग मैच में बड़ी पारी नहीं खेल सके।
इस मैच में राजस्थान को रियान पराग से बड़ी पारी की उम्मीद थी, लेकिन वह टीम की उम्मीदों पर खरा नहीं उतर सके और महज आठ रन बनाकर अक्षर पटेल का शिकार हो गए। पराग ने इस सीजन में खेले गए सात मैचों में 28.83 की औसत और 147.86 की स्ट्राइक रेट से 173 रन बनाए हैं।