मद्रास हाई कोर्ट ने कड़ी शर्तों के साथ मदुरै कबड्डी टूर्नामेंट की इजाजत दी
मदुरै, 19 अगस्त (आईएएनएस)। मद्रास हाई कोर्ट की मदुरै बेंच ने मदुरै जिले में कबड्डी टूर्नामेंट आयोजित करने की अनुमति दे दी है, लेकिन इसके लिए कड़ी शर्तें रखी गई हैं। इन शर्तों का मकसद नशीले पदार्थों के इस्तेमाल, राजनीतिक या सांप्रदायिक लामबंदी और सार्वजनिक व्यवस्था में खलल को रोकना है।
जस्टिस एल. विक्टोरिया गौरी ने 29 और 30 अगस्त को सुबह 6 बजे से रात 10 बजे के बीच मढ़ईकलम गांव में टूर्नामेंट आयोजित करने की अनुमति दे दी।
कोर्ट ने पुलिस को यह अधिकार दिया कि अगर आयोजक या प्रतिभागी किसी भी शर्त का उल्लंघन करते हैं तो वे कार्यक्रम को रोक सकते हैं और उचित कानूनी कार्रवाई कर सकते हैं।
यह आदेश शोलावंदन क्षेत्र के मुकेश की याचिका पर पारित किया गया, जिन्होंने शोलावंदन के संगनकोट्टई गांव में मढ़ईकलम में टूर्नामेंट आयोजित करने के लिए अनुमति और पुलिस सुरक्षा की मांग की थी।
पुलिस द्वारा कार्यक्रम की अनुमति देने से इनकार करने के बाद वे हाईकोर्ट गए थे।
याचिका को स्वीकार करते हुए कोर्ट ने आयोजकों को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि प्रतिभागी टूर्नामेंट के दौरान शराब या नशीले पदार्थों का सेवन न करें।
जिन लोगों के खिलाफ आपराधिक मामले लंबित हैं, उन्हें प्रतियोगिता में भाग लेने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
जज ने किसी भी राजनीतिक दल, राजनीतिक नेता, जाति, समुदाय या धर्म के समर्थन या विरोध में नारे लगाने या जयकारे लगाने पर भी रोक लगा दी।
आयोजकों और प्रतिभागियों को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया कि टूर्नामेंट के दौरान सार्वजनिक शांति को प्रभावित करने वाली कोई घटना न हो।
प्रतिभागियों को ऐसे कपड़े पहनने से भी मना किया गया है, जिन पर आपत्तिजनक या भड़काऊ बयान या राजनीतिक या धार्मिक नेताओं की तस्वीरें हों।
कार्यक्रम स्थल पर धार्मिक हस्तियों की प्रशंसा करने वाले या धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाले गाने नहीं बजाए जाने चाहिए।
कोर्ट ने आगे आदेश दिया कि टूर्नामेंट स्थल के अंदर या आसपास किसी विशेष समुदाय या नेता का उल्लेख करने वाले कोई फ्लेक्स बोर्ड, बैनर या होर्डिंग नहीं लगाए जाने चाहिए।
इन निर्देशों का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि खेल आयोजन का उपयोग राजनीतिक, जाति-आधारित, सांप्रदायिक या धार्मिक हितों को बढ़ावा देने के लिए न किया जाए।
अनुशासन बनाए रखने और सभी शर्तों का पालन करने की जिम्मेदारी आयोजकों की होगी। उन्हें पुलिस के साथ सहयोग करना चाहिए और झड़पों, भड़काऊ व्यवहार या अन्य गड़बड़ियों को रोकने के लिए उचित कदम उठाने चाहिए।
पुलिस को टूर्नामेंट की निगरानी करने और किसी भी प्रतिबंध का उल्लंघन होने पर तुरंत हस्तक्षेप करने का अधिकार दिया गया है।
जिम्मेदार लोगों के खिलाफ मामले दर्ज करने या अन्य कानूनी उपाय करने के अलावा, अधिकारी टूर्नामेंट को रोक सकते हैं यदि उन्हें लगता है कि इसे जारी रखने से सार्वजनिक व्यवस्था या सांप्रदायिक सद्भाव को खतरा हो सकता है।
--आईएएनएस
एससीएच/डीकेपी