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जोस मोरिन्हो की एक 'मिशन' के साथ रियल मैड्रिड में वापसी

 

मैड्रिड, 14 जुलाई (आईएएनएस)। रियल मैड्रिड के नए मुख्य कोच जोस मोरिन्हो ने क्लब में अपने दूसरे कार्यकाल की शुरुआत करते हुए वाल्देबेबास ट्रेनिंग सेंटर में प्री-सीजन ट्रेनिंग शुरू कर दी है।

हालांकि, टीम के कई प्रमुख खिलाड़ी, जैसे जूड बेलिंगहम और किलियन एम्बाप्पे, अभी विश्व कप में व्यस्त हैं। इसलिए मोरिन्हो को कुछ समय तक पूरी टीम के साथ अभ्यास करने का मौका नहीं मिलेगा। इसके बावजूद उन्होंने रियल मैड्रिड टीवी से कहा कि टीम की तैयारियां सोमवार से नहीं, बल्कि काफी पहले ही शुरू हो चुकी थीं।

सिन्हुआ की रिपोर्ट के अनुसार उन्होंने कहा, "ऐसा नहीं है कि मैं आज यहां आया हूं और अब से ही सब कुछ शुरू हो रहा है। हम क्लब के अलग-अलग विभागों के साथ लंबे समय से तैयारी कर रहे हैं।"

करीब 13 साल बाद रियल मैड्रिड लौटे मोरिन्हो ने कहा कि दोबारा इस क्लब का हिस्सा बनकर उन्हें बेहद खुशी हो रही है। उन्होंने जून 2013 में क्लब छोड़ा था।

उन्होंने कहा, "मेरे लिए यह एक मिशन की तरह है। मैं यहां सिर्फ अपनी सफलता या ट्रॉफियों के बारे में सोचने नहीं आया हूं। मेरा लक्ष्य खिलाड़ियों, कोचिंग स्टाफ और क्लब से जुड़े हर व्यक्ति को पहले से बेहतर बनाना है। मैं ऐसी कार्य संस्कृति बनाना चाहता हूं, जिसमें मेहनत, जिम्मेदारी और बड़े लक्ष्य हासिल करने की सोच हो।"

मोरिन्हो ने आगे कहा, "रियल मैड्रिड में काम करना और रियल मैड्रिड के लिए काम करना, दोनों अलग बातें हैं। मैं यहां क्लब के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ आया हूं।"

उन्होंने माना कि अगर सभी खिलाड़ी अभी टीम के साथ होते तो बेहतर रहता, लेकिन उन्होंने इसे सकारात्मक नजरिए से देखा।

उन्होंने कहा, "बेशक मैं चाहता हूं कि सभी खिलाड़ी यहां मौजूद हों, लेकिन फिलहाल मेरे पास उन खिलाड़ियों को करीब से जानने का मौका है, जिनके साथ मैं काम करूंगा। साथ ही उन्हें भी मुझे समझने का अवसर मिलेगा।"

मोरिन्हो शुरुआती ट्रेनिंग सत्रों में रियल मैड्रिड की बी टीम रियल मैड्रिड कास्तिया के कई खिलाड़ियों को भी शामिल करेंगे।

मेडिकल जांच पूरी करने के बाद टीम ने सियुदाद रियल मैड्रिड परिसर में पहला अभ्यास सत्र किया।

ट्रेनिंग की शुरुआत जिम में हुई। इसके बाद खिलाड़ियों ने अकादमी के खिलाड़ियों के साथ मैदान पर फिटनेस बढ़ाने वाले अभ्यास किए, जिनमें फिजिकल और बॉल एक्सरसाइज़ शामिल थीं। फिर खिलाड़ियों ने दबाव में गेंद पर नियंत्रण बनाए रखने से जुड़े कठिन अभ्यास किए और छोटे गोलपोस्ट पर फिनिशिंग ड्रिल्स कीं। आखिर में टीम ने छोटे मैदान पर कई अभ्यास मैच भी खेले।

--आईएएनएस

एएस/