×

फ्रांस को स्पेन से डरना चाहिए, हमने उन्हें पहले भी हराया है: लामिन यामल

 

लॉस एंजिल्स, 11 जुलाई (आईएएनएस)। बेल्जियम को 2-1 से हराकर स्पेन ने साल 2010 के बाद पहली बार फीफा वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली है। सेमीफाइनल मुकाबले में अब स्पेन की भिड़ंत फ्रांस से होगी। इस मैच से पहले ही स्पेन के युवा स्टार लामिन यामल ने फ्रांस को खुली चुनौती दी है।

यामल का कहना है कि स्पेन किसी भी टीम से नहीं डरता और अगर किसी को डरना चाहिए तो वह फ्रांस है। उनके मुताबिक, स्पेन ने हाल के बड़े मुकाबलों में फ्रांस को हराया है और इस बार भी टीम पूरे आत्मविश्वास के साथ मैदान पर उतरेगी। बेल्जियम के खिलाफ खेले गए मुकाबले में यामल का प्रदर्शन शानदार रहा और उन्हें 'प्लेयर ऑफ द मैच' चुना गया।

यामल ने कहा कि टूर्नामेंट शुरू होने के बाद से ही सभी लोग स्पेन और फ्रांस के बीच मुकाबला देखना चाहते थे। उन्होंने कहा, "हम इस मैच को लेकर बहुत उत्साहित हैं। मुझे लगता है कि इस समय टूर्नामेंट की दो सबसे मजबूत टीमें आमने-सामने होंगी।" यामल ने साफ कहा कि स्पेन अपने आक्रामक खेल में कोई बदलाव नहीं करेगा। यामल ने कहा कि टीम हमेशा की तरह गेंद पर नियंत्रण रखते हुए अटैकिंग फुटबॉल खेलेगी।

18 वर्षीय खिलाड़ी के अनुसार, फ्रांस मजबूत टीम है, लेकिन स्पेन अपनी पहचान नहीं बदलेगा। उन्होंने कहा, "हम उसी अंदाज में खेलेंगे, जैसा हमेशा खेलते आए हैं। हमें भरोसा है कि हमारा खेल हमें जीत दिला सकता है।" फ्रांस को लेकर यामल ने बड़ा बयान देते हुए कहा, "अगर किसी टीम को डरना चाहिए तो वह फ्रांस है, क्योंकि हमने उन्हें पहले भी हराया है।"

उन्होंने पिछले साल खेले गए यूरो 2024 के सेमीफाइनल की याद दिलाई, जहां स्पेन ने फ्रांस को 2-1 से हराया था। उस मैच में सिर्फ 16 साल के यामल ने शानदार लंबी दूरी का गोल कर पूरी दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींचा था। इसके बाद डैनी ओल्मो के विजयी गोल के बूते स्पेन ने फाइनल जीतकर यूरोपीय चैंपियन बना था।

यामल का मानना है कि उस जीत से स्पेन के खिलाड़ियों का आत्मविश्वास और मजबूत हुआ है। उन्होंने कहा कि पिछली सफलताएं टीम को बड़े मुकाबलों में बेहतर प्रदर्शन करने की प्रेरणा देती हैं। इस वर्ल्ड कप में यामल अब तक केवल एक गोल कर पाए हैं, लेकिन उन्हें इससे कोई परेशानी नहीं है। उनका कहना है कि व्यक्तिगत रिकॉर्ड से ज्यादा जरूरी टीम की जीत है। उन्होंने कहा, "मैंने यूरो में भी सिर्फ एक गोल किया था, लेकिन हमने ट्रॉफी जीती थी। अगर टीम लगातार जीतती रहे तो मैं खुश हूं। मेरे लिए टीम सबसे पहले है।"

जब उनसे पूछा गया कि क्या वह फ्रांस के खिलाफ फिर कोई यादगार गोल करना चाहेंगे, तो उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा, "उम्मीद है कि ऐसा फिर होगा। मैं जरूर ऐसा करना चाहूंगा।" सेमीफाइनल में एक और बड़ी टक्कर यामल और फ्रांस के कप्तान काइलियन एम्बाप्पे के बीच देखने को मिलेगी। एम्बाप्पे इस वर्ल्ड कप में शानदार फॉर्म में हैं। उन्होंने पांच मैचों में आठ गोल किए हैं और तीन असिस्ट भी दिए हैं। वह गोल्डन बूट की दौड़ में लियोनेल मेसी के साथ संयुक्त रूप से शीर्ष पर हैं। दूसरी ओर, यामल अपनी तेज ड्रिब्लिंग, शानदार पासिंग और बेहतरीन विजन से स्पेन के सबसे अहम खिलाड़ियों में शामिल हो चुके हैं।

हालांकि, यामल का कहना है कि एम्बाप्पे जैसे बड़े खिलाड़ी का नाम स्पेन की रणनीति नहीं बदलेगा। उन्होंने कहा, "हमें किसी से डर नहीं लगता। हमने पिछले दो मुकाबलों में फ्रांस को हराया है। हम यहां सिर्फ सेमीफाइनल खेलने नहीं, बल्कि वर्ल्ड कप जीतने आए हैं।" यामल ने आखिर में एक बार फिर दोहराया, "हम फ्रांस का सम्मान करते हैं, लेकिन उनसे डरते नहीं हैं। मुझे लगता है कि इस समय दुनिया की दो सबसे बेहतरीन टीमें आमने-सामने हैं और अगर किसी को डरना चाहिए, तो वह फ्रांस है।"

--आईएएनएस

एसएम/एएस