देवजीत सैकिया ने बताया, अगले 15 दिनों में चीफ सिलेक्टर अजीत अगरकर के भविष्य पर लिया जाएगा फैसला
मुंबई, 18 सितंबर (आईएएनएस)। बीसीसीआई सचिव देवजीत सैकिया ने शुक्रवार को 95वीं सालाना आम बैठक (एजीएम) के बाद कहा कि सीनियर पुरुष टीम के चीफ सिलेक्टर अजीत अगरकर के भविष्य को लेकर अगले 15 दिनों के भीतर फैसला लिया जाएगा।
जुलाई 2023 में चीफ सिलेक्टर बने अजीत अगरकर के कार्यकाल में भारतीय टीम ने कई बड़ी सफलताएं हासिल की हैं। उनके कार्यकाल में भारत वनडे वर्ल्ड कप 2023 के फाइनल तक पहुंचा। इसके बाद टीम ने टी20 वर्ल्ड कप 2024 और चैंपियंस ट्रॉफी 2025 का खिताब जीता। इसके साथ ही, इस साल की शुरुआत में भारत ने अपने घरेलू मैदान पर टी20 वर्ल्ड कप ट्रॉफी का सफलतापूर्वक बचाव भी किया।
उनका कार्यकाल 4 अक्टूबर को खत्म हो रहा है और बीसीसीआई को इस पर फैसला करना होगा क्योंकि भारत पुरुष वनडे वर्ल्ड कप 2027 की तैयारियों के आखिरी चरण में प्रवेश कर रहा है। सैकिया ने पत्रकारों से कहा, "आज किसी व्यक्ति विशेष के बारे में कोई चर्चा नहीं हुई है। हमारे पास अभी भी 15 दिन हैं। हम फैसला लेंगे और सही समय पर आपको बता देंगे।"
एक बड़े प्रशासनिक फैसले में बीसीसीआई ने घरेलू अंपायरों और मैच रेफरी की फीस में काफी बढ़ोतरी को मंजूरी दी है। 2017/18 सीजन के बाद से यह पहली बार है जब उनके वेतन/भत्ते में बढ़ोतरी की गई है। सैकिया ने कहा, "2017-18 के बाद से अंपायरों की फीस में कोई बदलाव नहीं किया गया था। इसलिए हमने उनकी कैटेगरी को फिर से व्यवस्थित किया है। पहले चार कैटेगरी थीं - ए प्लस, ए, बी और सी। अब हमने इसे ए, बी, सी और डी में बदल दिया है। उनकी प्रति दिन की फीस में काफी बढ़ोतरी की गई है।"
बीसीसीआई ने मैच अधिकारियों के बीच जवाबदेही बढ़ाने के लिए मेरिट-आधारित प्रमोशन और डिमोशन सिस्टम भी शुरू किया है। उन्होंने कहा, "जो अच्छा प्रदर्शन करेंगे, उनमें से 10 अंपायरों को अगले लेवल पर प्रमोट किया जाएगा। जो अंपायर ऊंचे लेवल पर हैं, अगर वे उस लेवल के मुताबिक प्रदर्शन नहीं करते हैं या उनका प्रदर्शन संतोषजनक नहीं रहता है, तो उन्हें डिमोट कर दिया जाएगा। 10 अंपायर ऊपर जाएंगे और 10 अंपायर नीचे आएंगे।"
सैकिया ने रांची में 19 से 23 फरवरी, 2027 के बीच होने वाली बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी टेस्ट के लिए वेन्यू बदलने की अफवाहों को भी खारिज कर दिया। उन्होंने कहा, "अभी छह महीने बाकी हैं। हम कुछ दिनों में फैसला लेंगे। हमें अभी तक रांची टेस्ट के लिए वेन्यू बदलने के बारे में ऐसी कोई रिक्वेस्ट नहीं मिली है।"
उन्होंने यह भी बताया कि क्रिकेट एडवाइजरी कमेटी (सीएसी) द्वारा उम्मीदवारों के इंटरव्यू के बाद जल्द ही नई जूनियर पुरुष सिलेक्शन कमेटी बनाई जाएगी। उन्होंने कहा, "हमें जूनियर सिलेक्शन कमेटी के लिए बड़ी संख्या में आवेदन मिले हैं, जिन्हें हम अपनी क्रिकेट कमेटी को सौंपेंगे; यह कमेटी ही सिलेक्टर्स को चुनने के लिए सक्षम होगी। हम अगले 10-15 दिनों में इस प्रक्रिया को पूरा करने की कोशिश करेंगे।"
प्रस्तावित सेंट्रल स्पोर्ट्स एक्ट के साथ तालमेल बिठाने के मुद्दे पर सैकिया ने साफ किया कि बीसीसीआई किसी भी तरह के स्ट्रक्चरल बदलाव करने से पहले युवा मामले और खेल मंत्रालय से आधिकारिक नोटिफिकेशन का इंतजार करेगा। उन्होंने कहा, "स्पोर्ट्स एक्ट के बारे में हमारा रुख बिल्कुल साफ है। संबंधित अथॉरिटी की तरफ से अभी बहुत कुछ किया जाना बाकी है। जब वे प्रक्रियाएं पूरी हो जाएंगी और बीसीसीआई स्पोर्ट्स एक्ट के दायरे में आ जाएगा, तो इसे एक 'डेजिग्नेटेड स्पोर्ट' (मान्यता प्राप्त खेल) बनाने के लिए एक खास नोटिफिकेशन जारी करना होगा। तब तक हमें कुछ नहीं करना है। जब भी वह नोटिफिकेशन आएगा, हम तुरंत एक्शन में आ जाएंगे। हम नए नियमों और यहां बनाए गए नियमों के मुताबिक अपना काम करेंगे।"
इस मामले में सुप्रीम कोर्ट में चल रही कार्यवाही का जिक्र करते हुए बीसीसीआई सचिव ने कहा, "तो, आज की तारीख में, ऐसी कोई बात नहीं है जिसका जिक्र उस दिन सुप्रीम कोर्ट में किया गया था। हम 27 अक्टूबर को सफाई देंगे, जब यह मामला अगली बार लिस्ट होगा।"
--आईएएनएस
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