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देश के लिए किसी भी फॉर्मेट में वर्ल्ड कप जीतना ही सबसे बड़ा लक्ष्य: शुभमन गिल

 

नई दिल्ली, 15 मार्च (आईएएनएस)। भारत के टेस्ट और वनडे कप्तान शुभमन गिल का कहना है कि वनडे वर्ल्ड कप 2027 जीतना ही वह बात है जो कभी-कभी उनके मन में आती है। यह ग्लोबल ट्रॉफी जीतना ही उनके लिए सबसे बड़ा लक्ष्य है।

वनडे वर्ल्ड कप 2023 में भारत खिताब जीतने से महज एक कदम दूर रह गया था। टीम इंडिया को फाइनल मैच में ऑस्ट्रेलिया के हाथों हार का सामना करना पड़ा था। अगला वनडे वर्ल्ड कप साल 2027 में खेला जाना है। सभी की नजरें इस बात पर होंगी कि क्या गिल साउथ अफ्रीका, जिम्बाब्वे और नामीबिया में टीम को जीत दिला पाएंगे।

गिल ने रविवार को नई दिल्ली में बीसीसीआई के 'नमन अवॉर्ड्स' के दौरान एक पैनल चर्चा में कहा, "कभी-कभी, ऐसा होता है। पिछली बार जब हम भारत में थे, तो हमें लगा था कि हम जीत के बहुत करीब पहुंच गए थे। अब साउथ अफ्रीका में हमें एक और मौका मिलने वाला है। मुझे लगता है कि यह हमारे लिए एक बहुत बड़ा मौका होगा। देश के लिए किसी भी फॉर्मेट में वर्ल्ड कप जीतना ही सबसे बड़ा लक्ष्य है। इसलिए जाहिर है, यह एक ऐसी बात है जो कभी-कभी मेरे मन में आती है।"

गिल ने अपने सफर को याद करते हुए बताया कि कैसे वह 2013 में एक स्कूली बच्चे के रूप में आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी 2013 में भारत की जीत को टीवी पर देख रहे थे और 2025 में खुद उसी ट्रॉफी को उठाने तक पहुंचे।

उन्होंने कहा, "निश्चित तौर पर 2013 में एक बच्चे के रूप में उसे देखना खास था। मेरे सभी आदर्श, विराट भाई, रोहित भाई, ऐश भाई और माही भाई को स्क्रीन पर देखना और इंग्लैंड के खिलाफ फाइनल में जीतते देखना बहुत ही खास एहसास था। बचपन में आप भी उस एहसास को दोहराने का सपना देखते हैं। जब आप देश के लिए खेलने के बारे में सोचते हैं, तो आप अपने देश के लिए आईसीसी ट्रॉफी जीतने का सपना देखते हैं, और यही वे पल होते हैं जिनका आप सच में सपना देखते हैं। उनमें से एक को हासिल कर पाना, जाहिर है, एक सपने जैसा लगा, और यह हम सभी के लिए एक बहुत बड़ा पल था। मुझे लगता है कि लगभग 12 साल बाद चैंपियंस ट्रॉफी जीतना हमेशा बहुत खास रहेगा।"

टेस्ट और वनडे में भारत की कप्तानी करने की जिम्मेदारी के बारे में पूछे जाने पर गिल ने कहा कि उन्होंने कप्तानी के बोझ को हल्का कर लिया है। उन्होंने सबसे पहले और सबसे जरूरी तौर पर अपने मुख्य काम, यानी एक ओपनर के तौर पर खेलने पर ध्यान दिया। उन्होंने कहा, "सच कहूं तो, मुझे लगता है कि यह कहना आसान है, लेकिन करना मुश्किल। फिर भी, अगर आप सिर्फ उन चीजों पर ध्यान देते हैं जो आपको करनी हैं, तो यह आसान हो जाता है। मुझे लगता है कि मेरा मुख्य काम, सबसे पहले एक खिलाड़ी और एक बल्लेबाज के तौर पर, रन बनाना है। इसलिए मुझे लगता है कि अगर मैं रन बना पाता हूं, तो बाकी सब कुछ अपने आप ठीक हो जाता है। इसलिए मेरा मुख्य ध्यान इसी बात पर था। मैं टीम के लिए कैसे योगदान दे सकता हूं? मैं रन कैसे बना सकता हूं? आखिर में, आप यह खेल जीतने के लिए ही खेलते हैं, आपको बस इस बात पर ध्यान देना होता है कि आप अपनी टीम को जीत दिलाने में कैसे मदद कर सकते हैं।"

--आईएएनएस

आरएसजी