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India टीम में विकेटकीपर की जंग हुई तेज़: पंत और राहुल पर बढ़ा दबाव, दलीप ट्रॉफी ने पलटी बाज़ी

 

टीम इंडिया में जगह बनाने की होड़ लगातार बढ़ती जा रही है। खासकर विकेटकीपर की पोजिशन पर अब कई युवा खिलाड़ी मजबूत दावेदारी पेश कर रहे हैं। दलीप ट्रॉफी के फाइनल के बाद ऋषभ पंत पर भी दबाव बढ़ता नजर आ रहा है।हालांकि पंत ने हाल ही में श्रीलंका के खिलाफ अच्छा प्रदर्शन किया था, लेकिन आने वाले समय में न्यूजीलैंड और ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सीरीज उनके लिए बेहद अहम रहने वाली है। दलीप ट्रॉफी के फाइनल में दो विकेटकीपरों के शानदार प्रदर्शन ने टीम इंडिया के चयन समीकरण को और दिलचस्प बना दिया है।

ईशान किशन ने ठोका सबसे मजबूत दावा

दलीप ट्रॉफी में पूर्व क्षेत्र की कप्तानी करने वाले ईशान किशन ने फाइनल में बल्ले से शानदार प्रदर्शन किया। उन्होंने पहली पारी में 270 रन और दूसरी पारी में 80 रन की तेजतर्रार पारी खेली।ईशान के इस प्रदर्शन ने चयनकर्ताओं के सामने उनकी टेस्ट टीम में वापसी का दावा बेहद मजबूत कर दिया है। अगर वह घरेलू क्रिकेट में इसी तरह लगातार प्रदर्शन करते हैं तो भारतीय टेस्ट टीम में उनकी वापसी की संभावना बढ़ सकती है।मौजूदा परिस्थितियों में टीम इंडिया को टेस्ट क्रिकेट में मजबूत विकेटकीपर-बल्लेबाज की जरूरत है और ईशान का फॉर्म उन्हें पंत के लिए एक मजबूत विकल्प बना रहा है।

कुमार कुशाग्र ने भी बढ़ाई टेंशन

दलीप ट्रॉफी फाइनल में युवा विकेटकीपर कुमार कुशाग्र ने भी शानदार शतक लगाकर अपनी दावेदारी मजबूत कर दी। उन्होंने 132 गेंदों में 8 चौकों और 5 छक्कों की मदद से 101 रन बनाए।

कुशाग्र के इस प्रदर्शन का असर चयन पर भी देखने को मिला। उन्हें ऑस्ट्रेलिया A के खिलाफ भारत की टीमों में जगह मिली है। इससे साफ संकेत मिलता है कि चयनकर्ता उन युवा विकेटकीपरों पर नजर रख रहे हैं जो अलग-अलग फॉर्मेट में टीम के लिए उपयोगी साबित हो सकते हैं।

अगर कुशाग्र ऑस्ट्रेलिया A के खिलाफ और आगामी दौरों पर दलीप ट्रॉफी जैसा प्रदर्शन जारी रखते हैं, तो भारतीय टीम में विकेटकीपर की रेस और ज्यादा दिलचस्प हो सकती है।

केएल राहुल के लिए भी बढ़ी चुनौती

विकेटकीपर की रेस में सिर्फ पंत ही नहीं, बल्कि केएल राहुल पर भी दबाव बढ़ सकता है। चयनकर्ताओं की नजर युवा विकेटकीपर-बल्लेबाज प्रभसिमरन सिंह पर भी बनी हुई है।

प्रभसिमरन को ऑस्ट्रेलिया A के खिलाफ वनडे टीम में शामिल किया गया है। वह बतौर ओपनर और विकेटकीपर टीम को अतिरिक्त विकल्प दे सकते हैं।

टीम मैनेजमेंट लंबे समय से ऐसे खिलाड़ी की तलाश में रहा है जो विकेटकीपिंग के साथ बल्लेबाजी क्रम में भी उपयोगी साबित हो। यही वजह है कि आने वाले समय में विकेटकीपर की भूमिका सिर्फ दस्तानों के पीछे तक सीमित नहीं रहेगी।

2027 वर्ल्ड कप को ध्यान में रखकर बन रही रणनीति?

विकेटकीपर अगर ओपनिंग भी करता है तो टीम को प्लेइंग इलेवन में अतिरिक्त संतुलन मिलता है। कप्तान के पास बल्लेबाजी और गेंदबाजी के लिए ज्यादा विकल्प रहते हैं।

ऐसे में 2027 वनडे वर्ल्ड कप की तैयारियों को देखते हुए चयनकर्ता विकेटकीपर-बल्लेबाजों के इस विकल्प पर भी विचार कर सकते हैं।

फिलहाल ऋषभ पंत भारतीय टीम के प्रमुख विकेटकीपरों में शामिल हैं, लेकिन ईशान किशन, कुमार कुशाग्र और प्रभसिमरन सिंह जैसे खिलाड़ियों के प्रदर्शन ने मुकाबला जरूर कड़ा कर दिया है। आने वाली सीरीज में खिलाड़ियों का प्रदर्शन ही तय करेगा कि टीम इंडिया में विकेटकीपर की रेस किस दिशा में जाती है।