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IPL 2027: नहीं हटेगा इम्पैक्ट प्लेयर नियम! अगले सीजन में भी दिखेगा 12 खिलाड़ियों का दम, फ्रेंचाइजियों ने बनाई रणनीति

 

आईपीएल के सबसे चर्चित और विवादित नियमों में शामिल इम्पैक्ट प्लेयर रूल को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, आईपीएल 2027 के सीजन में भी यह नियम जारी रह सकता है। हालांकि, भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) और आईपीएल गवर्निंग काउंसिल की ओर से अभी तक सभी 10 फ्रेंचाइजियों को इस संबंध में औपचारिक सूचना नहीं दी गई है। इसके बावजूद टीमों ने आगामी मिनी ऑक्शन और खिलाड़ियों के ट्रेड की रणनीति इसी नियम को ध्यान में रखकर तैयार करनी शुरू कर दी है।

2027 में नियम हटाना फ्रेंचाइजियों के लिए क्यों होगा मुश्किल?

आईपीएल 2027 का सीजन अगले मेगा ऑक्शन से पहले आखिरी सीजन होगा। ऐसे में इस समय इम्पैक्ट प्लेयर नियम को हटाने का फैसला फ्रेंचाइजियों की मौजूदा योजनाओं को प्रभावित कर सकता है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, आईपीएल से जुड़े एक वरिष्ठ अधिकारी का मानना है कि इस स्तर पर नियम वापस लेने से टीमों का संतुलन बिगड़ सकता है। बताया जा रहा है कि कम से कम चार फ्रेंचाइजियों ने बोर्ड के सामने अपनी चिंता जाहिर की है। उनका मानना है कि अगर अब इस नियम को हटाया गया तो खिलाड़ियों के चयन, टीम संयोजन और ऑक्शन की रणनीति पर असर पड़ेगा।

2023 में लागू हुआ था इम्पैक्ट प्लेयर नियम

आईपीएल में इम्पैक्ट प्लेयर नियम की शुरुआत साल 2023 में हुई थी। इस नियम के तहत हर टीम को मैच के दौरान एक खिलाड़ी बदलने की अनुमति मिलती है। कप्तान टॉस के समय पांच सब्सटिट्यूट खिलाड़ियों के नाम देता है। इनमें से किसी एक खिलाड़ी को मैच के दौरान इम्पैक्ट प्लेयर के रूप में मैदान पर उतारा जा सकता है।

इस बदलाव के बाद टीम अपनी प्लेइंग इलेवन के किसी खिलाड़ी की जगह दूसरे खिलाड़ी को शामिल कर सकती है। इम्पैक्ट प्लेयर बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों कर सकता है। यानी टीम जरूरत के हिसाब से अतिरिक्त बल्लेबाज या गेंदबाज का इस्तेमाल कर सकती है।

इम्पैक्ट प्लेयर नियम से बल्लेबाजों को मिल रहा फायदा

इस नियम के आने के बाद टीमें अपनी बल्लेबाजी को पहले से ज्यादा मजबूत बना सकती हैं। अगर टीम को बड़े लक्ष्य का पीछा करना है तो वह अतिरिक्त बल्लेबाज को मैदान पर उतार सकती है। वहीं, दूसरी पारी में गेंदबाजी करते समय जरूरत के मुताबिक विशेषज्ञ गेंदबाज का इस्तेमाल किया जा सकता है।

इसका असर आईपीएल में बनने वाले बड़े स्कोर पर भी देखने को मिला है। कई मुकाबलों में टीमों ने 200 से ज्यादा रन बनाए हैं और बड़े लक्ष्य का पीछा करना भी पहले के मुकाबले ज्यादा आम हो गया है।

दिग्गज खिलाड़ी और कोच क्यों कर रहे हैं विरोध?

इम्पैक्ट प्लेयर नियम को लेकर क्रिकेट जगत में लंबे समय से बहस चल रही है। कई दिग्गज खिलाड़ियों और कोचों का मानना है कि इससे बल्लेबाजों को अतिरिक्त फायदा मिलता है और गेंदबाजों के लिए मुश्किलें बढ़ जाती हैं।

आलोचकों के मुताबिक, टीमों को एक अतिरिक्त विशेषज्ञ बल्लेबाज या गेंदबाज खिलाने की सुविधा मिलने से क्रिकेट में बल्ले और गेंद के बीच संतुलन प्रभावित होता है। उनका कहना है कि टी20 क्रिकेट में बड़े स्कोर और लंबे छक्कों का दबाव पहले से ही रहता है, ऐसे में यह नियम बल्लेबाजों को और अधिक फायदा पहुंचाता है।

ऑलराउंडर्स के लिए कम हो रही है जगह?

इस नियम का सबसे ज्यादा असर ऑलराउंडर्स की भूमिका पर पड़ने की बात कही जाती है। पहले टीमों को प्लेइंग इलेवन में संतुलन बनाए रखने के लिए ऐसे खिलाड़ियों की जरूरत होती थी, जो बल्लेबाजी के साथ-साथ गेंदबाजी भी कर सकें।

लेकिन इम्पैक्ट प्लेयर नियम के बाद फ्रेंचाइजियां अलग-अलग परिस्थितियों में विशेषज्ञ बल्लेबाज या गेंदबाज को मैदान पर उतार सकती हैं। इससे कुछ टीमों के लिए ऑलराउंडर पर निर्भरता कम हो जाती है।

आईपीएल 2027 में क्या होगा?

फिलहाल उपलब्ध मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, आईपीएल 2027 में इम्पैक्ट प्लेयर नियम जारी रहने की संभावना जताई जा रही है। हालांकि, इस पर अंतिम फैसला और आधिकारिक पुष्टि सामने आना बाकी है।

अगर यह नियम अगले सीजन में भी लागू रहता है तो फ्रेंचाइजियां अपनी टीमों में अतिरिक्त बल्लेबाजों और विशेषज्ञ गेंदबाजों को शामिल करने पर ज्यादा ध्यान दे सकती हैं। वहीं, क्रिकेट प्रशंसकों के बीच यह बहस भी जारी रहेगी कि इम्पैक्ट प्लेयर नियम से टी20 क्रिकेट ज्यादा रोमांचक हुआ है या इससे खेल का पारंपरिक संतुलन प्रभावित हुआ है।