पिच की स्थिति पर भड़के गौतम गंभीर: एक ही हफ्ते में दूसरी बार चेताया, कहा- गेंदबाजों के साथ न हो नाइंसाफी
भारतीय क्रिकेट टीम के हेड कोच गौतम गंभीर ने एक बार फिर फ्लैट पिचों पर सवाल उठाए हैं। वेस्टइंडीज के खिलाफ रांची में खेले गए दूसरे टी-20 मुकाबले में भारत ने 249 रन का बड़ा स्कोर खड़ा किया, लेकिन इसके बावजूद टीम को 6 विकेट से हार का सामना करना पड़ा। इस हाईस्कोरिंग मैच में 500 से ज्यादा रन बने। मुकाबले के बाद गंभीर ने कहा कि क्रिकेट में सिर्फ चौके-छक्के ही नहीं, बल्कि बल्ले और गेंद के बीच बराबरी का मुकाबला भी होना चाहिए।गंभीर ने लगातार दूसरी बार भारतीय पिचों पर बल्लेबाजों को मिल रही मदद को लेकर चिंता जताई। इससे पहले 3 अक्टूबर को भी उन्होंने एक हाईस्कोरिंग मुकाबले के बाद कहा था कि वह क्रिकेट से ज्यादा बल्लेबाजी का खेल लग रहा था।
'फ्लैट पिचों पर गेंदबाजों के करियर दांव पर हैं'
रांची में मैच के बाद गौतम गंभीर ने कहा कि दर्शक चौके-छक्के देखना पसंद करते हैं, लेकिन गेंदबाजों के हितों का ध्यान रखना भी जरूरी है। उनके मुताबिक, पिच ऐसी होनी चाहिए जहां बल्लेबाजों और गेंदबाजों दोनों को अपनी प्रतिभा दिखाने का मौका मिले।
गंभीर ने कहा, "अगर आप सिर्फ चौके-छक्के देखना चाहते हैं, तो हम भी देखना चाहते हैं। लेकिन अगर आप बल्ले और गेंद के बीच बराबरी का मुकाबला चाहते हैं, तो हम भी यही चाहते हैं। गेंदबाज भी हमारे ही हैं और उनके करियर भी दांव पर लगे हैं। वे भी मेहनत करके इस ड्रेसिंग रूम तक पहुंचे हैं।"
उनकी इस टिप्पणी से साफ है कि वह ऐसे विकेट चाहते हैं, जहां बल्लेबाजों को रन बनाने के लिए कौशल दिखाना पड़े और गेंदबाजों को भी विकेट लेने के पर्याप्त मौके मिलें।
250 रन बनाने के बाद भी भारत नहीं बचा पाया मैच
रांची में खेले गए दूसरे टी-20 मुकाबले में भारतीय टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 5 विकेट पर 249 रन बनाए। इतने बड़े स्कोर के बावजूद भारतीय गेंदबाज वेस्टइंडीज को लक्ष्य हासिल करने से नहीं रोक सके।
वेस्टइंडीज की ओर से कप्तान शाई होप ने नाबाद शतकीय पारी खेली, जबकि शेरफेन रदरफोर्ड ने 84 रन बनाकर टीम की जीत में अहम भूमिका निभाई। दोनों की शानदार बल्लेबाजी के दम पर वेस्टइंडीज ने 9 गेंद शेष रहते 6 विकेट से मुकाबला अपने नाम कर लिया।
इस जीत के साथ पांच मैचों की टी-20 सीरीज 1-1 से बराबर हो गई। मुकाबले में 500 से ज्यादा रन बनने के बावजूद भारतीय टीम के हाथ निराशा लगी।
गंभीर बोले- ओस और फ्लैट पिच पर गेंदबाजी करना मुश्किल
गौतम गंभीर ने माना कि फ्लैट पिच और ओस की वजह से गेंदबाजों के लिए रन रोकना बेहद मुश्किल हो गया था। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि भारतीय टीम विश्व चैंपियन है और उसे ऐसी परिस्थितियों में भी बेहतर प्रदर्शन करने के तरीके खोजने होंगे।
भारत ने मैच की शुरुआत में अच्छी गेंदबाजी करते हुए शुरुआती विकेट हासिल किए थे। इसके बावजूद टीम वेस्टइंडीज की मजबूत बल्लेबाजी के सामने अपनी बढ़त बरकरार नहीं रख सकी।
गंभीर ने विपक्षी टीम के प्रदर्शन की तारीफ करते हुए माना कि वेस्टइंडीज ने जिस तरह लक्ष्य का पीछा किया, वह जीत की हकदार थी।
मयंक यादव को गंभीर की सलाह- 150 की रफ्तार है तो तेज गेंदबाजी करो
रांची में भारतीय तेज गेंदबाज मयंक यादव ने शानदार वापसी की। पिछले मुकाबले में महंगे साबित हुए मयंक ने इस मैच के पावरप्ले में तीन विकेट लेकर भारतीय टीम को मजबूत शुरुआत दिलाई।उन्होंने पहले ओवर में लगातार गेंदों पर कामिल पूरन और शिमरॉन हेटमायर को आउट किया। इसके बाद पावरप्ले के आखिरी ओवर में रोवमन पॉवेल का विकेट भी हासिल किया।
मयंक के प्रदर्शन पर गंभीर ने कहा कि वह तेज गेंदबाज हैं और उन्हें अपनी गति पर भरोसा रखना चाहिए। गंभीर के मुताबिक, अगर कोई गेंदबाज 150 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से गेंद डाल सकता है, तो उसे अपनी इस ताकत का इस्तेमाल करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि मयंक स्लोअर गेंदबाज नहीं हैं। उनकी असली ताकत तेज गति है और उन्हें उसी के अनुसार गेंदबाजी करनी चाहिए। गंभीर ने मयंक के प्रदर्शन की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने ऐसा ही किया और उन्हें सफलता मिली।
हालांकि, मयंक की शानदार शुरुआत के बाद शाई होप और शेरफेन रदरफोर्ड ने बेहतरीन साझेदारी कर भारत की शुरुआती बढ़त खत्म कर दी।
श्रेयस अय्यर ने ओस को बताया हार की बड़ी वजह
भारतीय कप्तान श्रेयस अय्यर ने भी मैच के बाद ओस के प्रभाव का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि मैदान पर ओस होने के कारण गेंदबाजों के लिए गेंद पर नियंत्रण बनाए रखना मुश्किल हो गया था।
श्रेयस के मुताबिक, पिच पर गलती की गुंजाइश बहुत कम थी। लेंथ में थोड़ी-सी चूक होने पर भी बल्लेबाजों को बड़े शॉट खेलने का मौका मिल रहा था। उन्होंने वेस्टइंडीज के बल्लेबाजों की तारीफ करते हुए कहा कि उन्होंने दबाव के बीच शानदार बल्लेबाजी की।
फ्लैट पिचों पर बहस फिर तेज
रांची में मिली हार के बाद भारतीय क्रिकेट में फ्लैट पिचों को लेकर बहस एक बार फिर तेज हो गई है। बड़े स्कोर और लंबे छक्के दर्शकों के लिए रोमांचक हो सकते हैं, लेकिन अगर गेंदबाजों को विकेट लेने के पर्याप्त अवसर नहीं मिलते, तो मुकाबले का संतुलन बिगड़ सकता है।गौतम गंभीर की टिप्पणी इसी मुद्दे पर केंद्रित है। अब भारतीय टीम के सामने चुनौती है कि वह बल्लेबाजों के आक्रामक प्रदर्शन के साथ गेंदबाजी में भी सुधार करे और बड़े स्कोर का बचाव करना सीखे। सीरीज 1-1 से बराबर होने के बाद अगले मुकाबले में दोनों टीमों की नजर बढ़त हासिल करने पर होगी।