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तूफानी पारी के बाद भी मैदान पर फूटा वैभव सूर्यवंशी का गुस्सा! इस गलती की वजह से झल्लाकर जमीन पर पटका बल्ला

 

15 साल के युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी का बल्ला जब चलता है तो गेंदबाजों के लिए उन्हें रोकना मुश्किल हो जाता है। दलीप ट्रॉफी के सेमीफाइनल मुकाबले में एक बार फिर वैभव की ऐसी ही विस्फोटक बल्लेबाजी देखने को मिली। उन्होंने चौकों और छक्कों की बरसात करते हुए शानदार पारी खेली, लेकिन शतक से महज 8 रन दूर रहकर आउट हो गए।

वैभव इस मुकाबले में ईस्ट जोन की ओर से खेल रहे हैं। सेमीफाइनल में ईस्ट जोन का सामना सेंट्रल जोन से हो रहा है। सेंट्रल जोन ने पहले बल्लेबाजी करते हुए अपनी पहली पारी में 266 रन बनाए। इसके जवाब में ईस्ट जोन जब बल्लेबाजी करने उतरा तो वैभव सूर्यवंशी ने शुरुआत से ही आक्रामक अंदाज अपना लिया।

42 गेंदों में ठोक दिया अर्धशतक

वैभव ने अभिमन्यु ईश्वरन के साथ मिलकर ईस्ट जोन को तेज शुरुआत दिलाई। दोनों बल्लेबाजों ने सेंट्रल जोन के गेंदबाजों पर दबाव बनाए रखा।

वैभव ने महज 42 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा किया। उन्होंने छक्का लगाकर 50 रन का आंकड़ा पार किया। इस अर्धशतक के साथ उन्होंने दलीप ट्रॉफी में सबसे कम उम्र में अर्धशतक लगाने का रिकॉर्ड भी अपने नाम कर लिया।

अर्धशतक पूरा करने के बाद वैभव और ज्यादा आक्रामक हो गए। जिस अंदाज में वह बल्लेबाजी कर रहे थे, उससे लग रहा था कि वह आसानी से शतक पूरा कर लेंगे।

92 रन पर टूटा शतक का सपना

वैभव सूर्यवंशी शतक के बेहद करीब पहुंच चुके थे, लेकिन 92 रन के स्कोर पर उनकी शानदार पारी का अंत हो गया।

हर्ष दुबे ने ऑफ स्टंप की लाइन पर आगे की ओर गेंद डाली। वैभव ने इस गेंद को डीप मिडविकेट की दिशा में जोरदार शॉट खेलने की कोशिश की। उनका इरादा गेंद को बाउंड्री के पार भेजने का था, लेकिन वहां मौजूद अरशद खान ने शानदार फील्डिंग करते हुए कैच लपक लिया।

इस तरह वैभव 81 गेंदों में 92 रन बनाकर पवेलियन लौट गए। उनकी पारी में 7 चौके और 7 छक्के शामिल रहे।

शतक नहीं लगा तो बल्ला जमीन पर दे मारा

वैभव को भी इस पारी के दौरान शतक पूरा करने की पूरी उम्मीद थी। लेकिन 92 रन पर आउट होने के बाद उनकी निराशा साफ नजर आई।

कैच पकड़े जाने के बाद वैभव कुछ देर मैदान पर मायूस दिखाई दिए। उन्होंने गुस्से और निराशा में अपना बल्ला जमीन पर भी दे मारा और इसके बाद पवेलियन की ओर लौट गए।

अभिमन्यु ईश्वरन के साथ बड़ी साझेदारी

वैभव सूर्यवंशी और अभिमन्यु ईश्वरन ने मिलकर ईस्ट जोन को मजबूत शुरुआत दिलाई। दोनों के बीच 161 रनों की शानदार साझेदारी हुई।

वैभव की विस्फोटक पारी ने ईस्ट जोन को शुरुआती दबाव से बाहर निकाल दिया। भले ही युवा बल्लेबाज शतक से चूक गया, लेकिन उसकी 92 रनों की पारी ने एक बार फिर दिखा दिया कि वह बड़े मंच पर भी आक्रामक क्रिकेट खेलने से पीछे नहीं हटते।

15 साल की उम्र में दलीप ट्रॉफी जैसे बड़े घरेलू टूर्नामेंट में इस तरह की बल्लेबाजी वैभव की प्रतिभा और आत्मविश्वास को दिखाती है। अब फैंस की नजरें इस बात पर हैं कि आने वाले मुकाबलों में यह युवा बल्लेबाज अपने बल्ले से और कितने बड़े रिकॉर्ड बनाता है।