Duleep Trophy Semi-Final: वैभव सूर्यवंशी ने मचाया कोहराम, 10 छक्कों और 9 चौकों के साथ बनाया बड़ा रिकॉर्ड
भारतीय क्रिकेट में इन दिनों 15 साल के वैभव सूर्यवंशी लगातार सुर्खियां बटोर रहे हैं। बेहद कम उम्र में प्रतिस्पर्धी क्रिकेट में अपनी पहचान बना चुके वैभव अपनी आक्रामक बल्लेबाजी से लगातार प्रभावित कर रहे हैं। आईपीएल के बाद इंडिया ए और अंडर-19 वर्ल्ड कप में शानदार प्रदर्शन करने वाले वैभव ने अब रेड बॉल क्रिकेट के प्रमुख घरेलू टूर्नामेंट दलीप ट्रॉफी में भी अपनी बल्लेबाजी का दम दिखाया है।
ईस्ट जोन की ओर से खेल रहे वैभव सूर्यवंशी ने सेंट्रल जोन के खिलाफ सेमीफाइनल मुकाबले में दोनों पारियों को मिलाकर 132 रन बनाए। उनके बल्ले से कुल 10 चौके और 9 छक्के निकले।
हालांकि, यह 132 रन किसी एक पारी का स्कोर नहीं है। वैभव ने पहली पारी में शानदार 92 रन बनाए, जबकि दूसरी पारी में उन्होंने 43 गेंदों पर 40 रन की तेजतर्रार पारी खेली।
पहली पारी में वैभव ने 7 चौके और 7 छक्के लगाए। वहीं दूसरी पारी में उन्होंने 3 चौके और 2 छक्के जड़े।
दलीप ट्रॉफी में सबसे कम उम्र में फिफ्टी का रिकॉर्ड
वैभव सूर्यवंशी ने दलीप ट्रॉफी के इतिहास में सबसे कम उम्र में अर्धशतक लगाने का रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है। ईस्ट जोन की पारी के शुरुआती 15 ओवरों के अंदर ही उन्होंने अपना अर्धशतक पूरा कर लिया था।
वैभव ने सारांश जैन की गेंद पर छक्का लगाकर महज 42 गेंदों में फिफ्टी पूरी की। उस समय उनकी उम्र सिर्फ 15 साल 157 दिन थी।
हालांकि, वह शतक पूरा नहीं कर सके और 92 रन बनाकर आउट हो गए। इसके बावजूद उनकी इस पारी ने उन्हें दलीप ट्रॉफी के रिकॉर्ड बुक में जगह दिला दी।
दलीप ट्रॉफी में सबसे कम उम्र में फिफ्टी लगाने वाले बल्लेबाज
- 15 साल 157 दिन — वैभव सूर्यवंशी
- 16 साल 23 दिन — लक्ष्मण सिंह
- 16 साल 307 दिन — पीयूष चावला
पहले दिन वैभव ने संभाली थी कप्तानी
सेंट्रल जोन के खिलाफ सेमीफाइनल मुकाबले के पहले दिन वैभव सूर्यवंशी ने ईस्ट जोन की कप्तानी भी की। कप्तानी के दौरान उनके एक DRS फैसले ने भी खूब चर्चा बटोरी।
वैभव ने एक अहम मौके पर DRS लेने का फैसला किया, जो सही साबित हुआ। इसके बाद अंपायर को अपना फैसला बदलना पड़ा। महज 15 साल की उम्र में बल्लेबाजी के साथ-साथ कप्तानी में भी वैभव की समझ ने क्रिकेट फैंस का ध्यान अपनी ओर खींचा है।