न्यूजीलैंड दौरे पर बड़ी जिम्मेदारी: उपकप्तान बनाए गए ईशान किशन, जानिए क्यों 2027 वर्ल्ड कप के लिए हैं सबसे खास खिलाड़ी
भारतीय क्रिकेट टीम ने 2027 वनडे वर्ल्ड कप की तैयारियां अभी से शुरू कर दी हैं। टीम मैनेजमेंट ऐसे खिलाड़ियों को तैयार करने पर जोर दे रहा है, जो जरूरत पड़ने पर अलग-अलग जिम्मेदारियां संभाल सकें। इस योजना में विकेटकीपर बल्लेबाज ईशान किशन अहम भूमिका निभा सकते हैं। न्यूजीलैंड दौरे के आखिरी दो वनडे मैचों के लिए उन्हें टीम का उपकप्तान बनाया गया है। इसे उनके करियर के लिहाज से बड़ा संकेत माना जा रहा है।इन मुकाबलों में टेस्ट सीरीज के लिए चुने गए खिलाड़ी उपलब्ध नहीं होंगे। इनमें टेस्ट और वनडे कप्तान शुभमन गिल भी शामिल हैं। ऐसे में ईशान को उपकप्तानी सौंपना बताता है कि चयनकर्ता और टीम मैनेजमेंट उन्हें भविष्य की टीम में बड़ी जिम्मेदारी देने के विकल्प के तौर पर देख रहे हैं।
ईशान किशन में हैं तीन खिलाड़ियों की खूबियां
ईशान किशन की सबसे बड़ी खासियत उनकी बहुमुखी प्रतिभा है। वह टीम की जरूरत के हिसाब से बल्लेबाजी क्रम में बदलाव कर सकते हैं और विकेटकीपिंग की जिम्मेदारी भी संभाल सकते हैं। वर्ल्ड कप जैसे बड़े टूर्नामेंट में 15 खिलाड़ियों की सीमित टीम चुनते समय ऐसे खिलाड़ी काफी उपयोगी साबित हो सकते हैं।
ईशान तीन अलग-अलग भूमिकाएं निभाने में सक्षम हैं।
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ओपनर बल्लेबाज: ईशान पारी की शुरुआत कर सकते हैं और आक्रामक अंदाज में तेजी से रन बनाने की क्षमता रखते हैं।
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मिडिल ऑर्डर बल्लेबाज: जरूरत पड़ने पर टॉप-6 में किसी भी क्रम पर बल्लेबाजी कर सकते हैं।
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विकेटकीपर: बल्लेबाजी के अलावा विकेट के पीछे भी टीम की जिम्मेदारी संभाल सकते हैं।
इस तरह ईशान एक ही टीम में बल्लेबाजी और विकेटकीपिंग के दो विकल्प उपलब्ध कराते हैं। इससे टीम कॉम्बिनेशन बनाने में चयनकर्ताओं को आसानी हो सकती है।
दोहरा शतक लगाने के बावजूद 2023 वर्ल्ड कप में नहीं मिली जगह
ईशान किशन ने दिसंबर 2022 में बांग्लादेश के खिलाफ वनडे मुकाबले में शानदार दोहरा शतक लगाया था। उन्होंने महज 126 गेंदों पर 200 रन की पारी खेली थी। उस समय यह वनडे क्रिकेट इतिहास का सबसे तेज दोहरा शतक था।इतना शानदार प्रदर्शन करने के बावजूद ईशान 2023 वनडे वर्ल्ड कप की प्लेइंग इलेवन में जगह नहीं बना सके। इसकी सबसे बड़ी वजह रोहित शर्मा और शुभमन गिल की मजबूत ओपनिंग जोड़ी थी।
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में वापसी के बाद ईशान ने टी-20 फॉर्मेट में भी अपनी बल्लेबाजी का दम दिखाया है। वह ओपनिंग के साथ तीसरे नंबर पर भी खेल चुके हैं।वनडे में भी उन्होंने मिडिल ऑर्डर में अपनी उपयोगिता साबित की है। अफगानिस्तान के खिलाफ नंबर-4 पर बल्लेबाजी करते हुए उन्होंने 79 गेंदों में 125 रन बनाए थे। यह इस फॉर्मेट में मिडिल ऑर्डर पर उनका पहला शतक था।
ओपनिंग में ईशान का रिकॉर्ड ज्यादा शानदार
वनडे क्रिकेट में ईशान किशन के आंकड़े बताते हैं कि बतौर ओपनर वह ज्यादा प्रभावशाली रहे हैं। ओपनिंग करते हुए उन्होंने 9 पारियों में 61.87 की औसत से रन बनाए हैं। वहीं, अन्य बल्लेबाजी क्रमों पर उनका औसत करीब 34 रहा है और स्ट्राइक रेट 97.45 का है।हालांकि, मिडिल ऑर्डर में शतक लगाने की उनकी क्षमता भी उन्हें टीम के लिए एक उपयोगी विकल्प बनाती है।
न्यूजीलैंड दौरे पर खुद को साबित करने का मौका
ईशान किशन को न्यूजीलैंड के खिलाफ आखिरी दो वनडे मुकाबलों में अपनी उपयोगिता साबित करने का अच्छा मौका मिल सकता है। वह रविवार और सोमवार को ऑकलैंड के ईडन पार्क में भारतीय वनडे टीम के अभ्यास सत्र में शामिल नहीं हुए थे। उस समय वह हैमिल्टन में पांचवां टी-20 इंटरनेशनल मैच खेल रहे थे।इस मुकाबले में ईशान ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए सिर्फ 32 गेंदों पर 61 रन बनाए थे। शुभमन गिल और केएल राहुल के टेस्ट सीरीज के लिए रवाना होने के चलते वनडे टीम में बदलाव की संभावना है। ऐसे में ईशान के पास अपनी जगह मजबूत करने का अवसर होगा।
रोहित शर्मा की वापसी से यशस्वी जायसवाल की बढ़ी मुश्किलें
दूसरी तरफ, रोहित शर्मा की शानदार फॉर्म ने ओपनिंग के विकल्पों को लेकर चयनकर्ताओं की चुनौती बढ़ा दी है। पिछले चार वनडे मैचों में रोहित दो शतक और एक 92 रन की पारी खेल चुके हैं। इससे टीम में उनकी जगह काफी मजबूत हुई है।इससे पहले यशस्वी जायसवाल को ओपनिंग के विकल्प के तौर पर देखा जा रहा था। उन्होंने जून में चेन्नई में अफगानिस्तान के खिलाफ नाबाद 110 रन की शानदार पारी खेली थी। वह वनडे की शुरुआती छह पारियों में दो शतक लगाने वाले भारत के इकलौते बल्लेबाज हैं।
हालांकि, उस मुकाबले के बाद उन्हें वनडे टीम में खेलने का मौका नहीं मिला। जायसवाल की चुनौती यह है कि वह मुख्य रूप से ओपनिंग करते हैं। उन्होंने 41 लिस्ट-A मैचों में सिर्फ तीन बार टॉप-2 से नीचे बल्लेबाजी की है। इसके अलावा वह विकेटकीपिंग या गेंदबाजी का अतिरिक्त विकल्प भी नहीं देते।
वर्ल्ड कप टीम में ईशान किशन को मिल सकता है फायदा
2027 वनडे वर्ल्ड कप के लिए टीम चुनते समय चयनकर्ताओं के सामने खिलाड़ियों के कॉम्बिनेशन को लेकर कई चुनौतियां होंगी। 15 खिलाड़ियों की टीम में ऐसे क्रिकेटरों को प्राथमिकता मिल सकती है, जो एक से ज्यादा भूमिकाएं निभा सकें।ईशान किशन की बल्लेबाजी, विकेटकीपिंग और अलग-अलग क्रम पर खेलने की क्षमता उन्हें इस दौड़ में मजबूत बनाती है। अगर वह न्यूजीलैंड दौरे पर मिले मौकों का फायदा उठाते हैं, तो वर्ल्ड कप की योजनाओं में अपनी दावेदारी और मजबूत कर सकते हैं।