×

15 साल के वैभव सूर्यवंशी पर इतिहास रचने की नजर, वीडियो में जाने डेब्यू करते ही तोड़ सकते हैं सचिन तेंदुलकर का रिकॉर्ड

 

भारत और आयरलैंड के बीच टी-20 सीरीज के दूसरे मुकाबले से पहले सबसे ज्यादा चर्चा 15 वर्षीय युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी को लेकर हो रही है। टीम इंडिया में पहली बार चुने गए वैभव को आज इंटरनेशनल डेब्यू का मौका मिल सकता है, जिससे वह भारतीय क्रिकेट इतिहास में एक बड़ा रिकॉर्ड अपने नाम कर सकते हैं।

अगर वैभव सूर्यवंशी को आज प्लेइंग इलेवन में जगह मिलती है, तो वे भारत के लिए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेलने वाले सबसे कम उम्र के खिलाड़ी बन जाएंगे। इसके साथ ही वे दिग्गज सचिन तेंदुलकर के शुरुआती डेब्यू रिकॉर्ड को पीछे छोड़ देंगे, जिन्होंने 16 साल की उम्र में भारत के लिए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेलना शुरू किया था।

टीम इंडिया में नई पीढ़ी की एंट्री

<a style="border: 0px; overflow: hidden" href=https://youtube.com/embed/DnOYY66Aef8?autoplay=1&mute=1><img src=https://img.youtube.com/vi/DnOYY66Aef8/hqdefault.jpg alt=""><span><div class="youtube_play"></div></span></a>" style="border: 0px; overflow: hidden;" width="640">

15 साल के वैभव को पहली बार भारतीय सीनियर टीम में शामिल किया गया है। टीम मैनेजमेंट का मानना है कि युवा खिलाड़ियों को बड़े मंच पर अनुभव देना आने वाले समय की रणनीति का हिस्सा है। इसी क्रम में वैभव को इस दौरे पर मौका दिया गया है। आज शाम 7 बजे आयरलैंड में होने वाले मुकाबले में उनके डेब्यू की संभावना जताई जा रही है। क्रिकेट फैंस की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि क्या यह युवा खिलाड़ी अपने पहले ही मैच में इतिहास रच पाएगा।

खास सुविधाएं और टीम में शामिल भूमिका

सूत्रों के अनुसार, वैभव सूर्यवंशी को इंग्लैंड और आयरलैंड दौरे पर टीम से अलग चेंजिंग रूम दिया गया है। हालांकि, वे टीम के अन्य खिलाड़ियों के साथ ड्रेसिंग रूम से जुड़ी गतिविधियों में हिस्सा ले सकेंगे। उन्हें टीम मीटिंग्स में भी शामिल किया जा रहा है ताकि वे अंतरराष्ट्रीय माहौल को बेहतर तरीके से समझ सकें।बताया जा रहा है कि वैभव की फैमिली भी टीम होटल में उनके साथ मौजूद रहेगी, जिससे उन्हें मानसिक रूप से सपोर्ट मिल सके।

इतिहास रचने का मौका

अगर वैभव आज डेब्यू करते हैं, तो यह सिर्फ उनके करियर की शुरुआत नहीं होगी, बल्कि भारतीय क्रिकेट के इतिहास में एक नया अध्याय भी जुड़ जाएगा। इतनी कम उम्र में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कदम रखना अपने आप में बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि क्या वैभव सूर्यवंशी आज मैदान पर उतरकर सचिन तेंदुलकर के ऐतिहासिक रिकॉर्ड को पीछे छोड़ पाते हैं या नहीं।