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Cricket Scorer Jobs: क्रिकेट में खिलाड़ी नहीं, ये लोग रखते हैं हर रन और विकेट का हिसाब; ऐसे बनें स्कोरर
 

 

क्रिकेट मैच में बल्लेबाज के रन, गेंदबाज के विकेट और हर गेंद पर होने वाली घटना का रिकॉर्ड रखना बेहद जरूरी होता है। टीवी पर मैच देखते समय दर्शकों की नजर खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर रहती है, लेकिन मैदान के बाहर कुछ प्रोफेशनल्स लगातार हर गेंद और रन का हिसाब दर्ज कर रहे होते हैं। इन्हीं में से एक महत्वपूर्ण भूमिका क्रिकेट स्कोरर की होती है।
क्रिकेट में डेटा का इस्तेमाल बढ़ने के साथ स्कोरर की जिम्मेदारी भी पहले से ज्यादा महत्वपूर्ण हो गई है। अगर आपको क्रिकेट में रुचि है और आप इससे जुड़े करियर की तलाश में हैं, तो स्कोरिंग एक विकल्प हो सकता है।


क्रिकेट स्कोरर का क्या होता है काम?
क्रिकेट स्कोरर मैच के दौरान होने वाली हर महत्वपूर्ण घटना को रिकॉर्ड करता है। किस बल्लेबाज ने कितने रन बनाए, किस गेंदबाज ने कितने विकेट लिए, किस ओवर में क्या हुआ और टीम का स्कोर कहां पहुंचा, इन सभी जानकारियों को व्यवस्थित तरीके से दर्ज करना स्कोरर की जिम्मेदारी होती है।
इस काम के लिए सिर्फ क्रिकेट के नियमों की जानकारी पर्याप्त नहीं है। स्कोरर को गणित और अंग्रेजी की भी अच्छी समझ होनी चाहिए। स्ट्राइक रेट, बल्लेबाजी औसत, गेंदबाजी औसत, जरूरी रन और नेट रन रेट जैसी गणनाओं को समझना भी इस प्रोफेशन का हिस्सा है।


Official Cricket Scorer कैसे बन सकते हैं?
क्रिकेट स्कोरिंग में करियर शुरू करने के लिए स्थानीय क्रिकेट एसोसिएशन से जुड़ना शुरुआती रास्ता हो सकता है। यहां स्कोरर के लिए परीक्षा आयोजित की जाती है। स्थानीय स्तर की परीक्षा पास करने के बाद राज्य क्रिकेट एसोसिएशन की परीक्षा में शामिल होना होता है।
राज्य क्रिकेट एसोसिएशन की परीक्षा में 80 फीसदी अंक हासिल करने के बाद बीसीसीआई के स्कोरर एग्जाम में बैठने की पात्रता मिलती है।
इसके अलावा ICC की ओर से भी स्कोरिंग से जुड़े ट्रेनिंग प्रोग्राम आयोजित किए जाते हैं। इच्छुक उम्मीदवार नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ स्पोर्ट्स और कुछ निजी संस्थानों के कोर्स भी कर सकते हैं।


Cricket Scorer की कितनी होती है कमाई?
क्रिकेट स्कोरर को हमेशा मासिक वेतन के आधार पर भुगतान नहीं मिलता। कई स्तरों पर उन्हें मैच या दिन के हिसाब से भुगतान किया जाता है।
उपलब्ध जानकारी के अनुसार, बीसीसीआई के स्टेट पैनल स्कोरर को एक मैच के लिए करीब 3,000 रुपये मिलते हैं। डोमेस्टिक मैचों में भुगतान करीब 15,000 रुपये प्रतिदिन और टेस्ट मैचों में भी करीब 15,000 रुपये प्रतिदिन बताया गया है।
अगर टेस्ट मैच पांच दिन पूरे होने से पहले खत्म हो जाए, तब भी स्कोरर को पांच दिन के हिसाब से भुगतान मिलने की जानकारी दी गई है। इसके अलावा उन्हें DA यानी दैनिक भत्ता भी मिल सकता है।


क्रिकेट में Data Analyst की भी बढ़ी मांग
आधुनिक क्रिकेट में सिर्फ रन और विकेट का रिकॉर्ड रखना ही काफी नहीं है। टीमों की रणनीति तैयार करने में डेटा की भूमिका लगातार बढ़ रही है। IPL जैसी बड़ी प्रतियोगिताओं में खिलाड़ियों के प्रदर्शन, बल्लेबाजी और गेंदबाजी के आंकड़ों के साथ विपक्षी टीम की कमजोरियों और टीम संयोजन का भी विश्लेषण किया जाता है।
डेटा एनालिस्ट इन आंकड़ों की मदद से खिलाड़ियों की ताकत और कमजोरियों को समझने में टीम की मदद करते हैं। समय के साथ खिलाड़ी के प्रदर्शन में होने वाले बदलावों का भी अध्ययन किया जाता है।
इसके अलावा खिलाड़ियों के वर्कलोड, मूवमेंट और पुराने इंजरी रिकॉर्ड से जुड़े आंकड़ों का विश्लेषण करके संभावित चोट के जोखिम को समझने की कोशिश की जाती है। ऐसे में क्रिकेट के साथ डेटा और टेक्नोलॉजी की समझ रखने वाले प्रोफेशनल्स की भूमिका भी लगातार बढ़ रही है।