क्रिकेट को हिंदू-मुस्लिम चश्मे से न देखें: नसीम सिद्दीकी की अपील, बोले- खिलाड़ी देश के लिए खेलते हैं
मुंबई, 5 सितंबर (आईएएनएस)। एनसीपी नेता नसीम सिद्दीकी ने स्वतंत्र भारद्वाज की गिरफ्तारी का स्वागत करते हुए इसे पहले ही किए जाने की जरूरत बताई। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग बड़े नेताओं का नाम लेकर समाज में तनाव पैदा कर रहे हैं। सिद्दीकी ने क्रिकेट को हिंदू-मुस्लिम नजरिए से नहीं देखने की अपील करते हुए उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव और राम मंदिर की सुरक्षा को लेकर भी अपनी बात रखी।
स्वतंत्र भारद्वाज की गिरफ्तारी पर नसीम सिद्दीकी ने कहा कि यह कार्रवाई काफी पहले हो जानी चाहिए थी। उन्होंने आरोप लगाया कि भारद्वाज पिछले कई दिनों से कथित तौर पर अपने बयानों के जरिए बड़े नेताओं से संरक्षण मिलने का दावा कर रहे थे। किसी व्यक्ति द्वारा प्रधानमंत्री या भाजपा के बड़े नेताओं का नाम लेकर इस तरह के दावे करना लोकतंत्र के लिए गंभीर खतरा है। गिरफ्तारी में देरी हुई, लेकिन अब कार्रवाई हुई है तो यह स्वागत योग्य है।
चिराग पासवान द्वारा स्वतंत्र भारद्वाज के खिलाफ शिकायत किए जाने पर सिद्दीकी ने इसे उचित कदम बताया। उन्होंने कहा कि भारद्वाज ने चिराग पासवान और कपिल मिश्रा जैसे नेताओं का भी नाम लिया था। राजनीतिक नेताओं को ऐसे तत्वों को प्रोत्साहित करने से बचना चाहिए। जो लोग हिंदू-मुस्लिम या जातीय मुद्दों के नाम पर समाज में कटुता पैदा करते हैं, उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए।
क्रिकेट मैच को लेकर नसीम सिद्दीकी ने उम्मीद जताई कि भारतीय महिला टीम अच्छा प्रदर्शन करेगी। खेल को खेल की भावना से देखा जाना चाहिए और मैच के नतीजे को धार्मिक नजरिए से नहीं जोड़ना चाहिए। कुछ लोग जीत-हार को हिंदू-मुस्लिम चश्मे से देखने की कोशिश कर सकते हैं, लेकिन जनता को इससे बचना चाहिए। सिद्दीकी ने अपील की कि जो खिलाड़ी अच्छा प्रदर्शन करे, उसकी सराहना की जाए और मैच में धर्म या भेदभाव का रंग न लाया जाए। खिलाड़ी देश के लिए खेलते हैं और खेल की अपनी कोई धार्मिक सीमा नहीं होती। उन्होंने भारतीय टीम की जीत की उम्मीद भी जताई।
उत्तर प्रदेश में भाजपा की चुनावी तैयारियों और विनोद तावड़े को पर्यवेक्षक बनाए जाने पर सिद्दीकी ने कहा कि यह भाजपा का आंतरिक मामला है कि वह किसे पर्यवेक्षक नियुक्त करती है। उन्होंने दावा किया कि आगामी विधानसभा चुनाव में भाजपा उत्तर प्रदेश में जीत हासिल नहीं कर पाएगी। अखिलेश यादव का पीडीए, कांग्रेस और अन्य 'सेक्युलर' दल मिलकर भाजपा और योगी सरकार को सत्ता से हटाएंगे।
विनोद तावड़े के अलग-अलग राज्यों में चुनावी पर्यवेक्षक के तौर पर अच्छे प्रदर्शन की चर्चा पर सिद्दीकी ने कटाक्ष किया। उन्होंने चुनावी प्रक्रिया को लेकर ईवीएम पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि जहां भाजपा के पक्ष में ईवीएम 'सेट' हो जाती है, वहां उसका स्ट्राइक रेट बढ़ जाता है। हालांकि यह उनका राजनीतिक आरोप है।
राम मंदिर के नए सीईओ के रूप में जितेंद्र मिश्रा की नियुक्ति पर नसीम सिद्दीकी ने कहा कि यह बदलाव कितना प्रभावी होगा, यह समय बताएगा। पहले एक मिश्रा पद पर थे और अब दूसरे मिश्रा को जिम्मेदारी दी गई है। नए सीईओ रक्षा क्षेत्र से जुड़े रहे हैं, इसलिए उम्मीद की जा सकती है कि राम मंदिर की व्यवस्थाओं में पारदर्शिता और सुरक्षा बेहतर होगी। उन्होंने मंदिर में कथित चोरी को लेकर भी टिप्पणी की और कहा कि अब यह देखना होगा कि नए सीईओ इस दिशा में कितने प्रभावी साबित होते हैं।
--आईएएनएस
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