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कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत के लिए मेडल जीतने वाले सबसे युवा और उम्रदराज खिलाड़ी

 

नई दिल्ली, 18 जुलाई (आईएएनएस)। कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 का आगाज 23 जुलाई से होने जा रहा है। भारत के कुल 125 एथलीट स्कॉटलैंड के ग्लासगो में देश के लिए मेडल लाने के लिए जोर लगाते हुए नजर आएंगे। आइए आपको भारत के लिए कॉमनवेल्थ गेम्स में मेडल जीतने वाले सबसे युवा और उम्रदराज खिलाड़ियों के नाम बताते हैं।

भारत के लिए मेडल लाने वाले सबसे युवा खिलाड़ियों के नाम

अनीश भनवाला: कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत के लिए मेडल लाने वाले अनीश भनवाला सबसे युवा खिलाड़ी रहे हैं। उन्होंने साल 2018 में हुए कॉमनवेल्थ गेम्स में बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए देश को शूटिंग में गोल्ड मेडल दिलाया था। अनीश ने 25 मीटर रैपिड फायर पिस्टल स्पर्धा में यह मेडल अपने नाम किया था।

मनु भाकर: भारत की स्टार शूटर मनु भाकर कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत के लिए मेडल लाने वाली दूसरी सबसे युवा खिलाड़ी रही हैं। उन्होंने 2018 में गोल्ड कोस्ट कॉमनवेल्थ गेम्स में बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए गोल्ड मेडल अपने नाम किया था। मनु ने 16 साल और 10 दिन की उम्र में यह मेडल जीता था। उन्होंने 10 मीटर एयर पिस्टल स्पर्धा में गोल्ड पर निशाना लगाया था।

मेहुली घोष: 2018 गोल्ड कोस्ट कॉमनवेल्थ गेम्स में मेहुली घोष ने भी सिल्वर मेडल पर निशाना लगाया था। मेहुली ने 17 साल की उम्र में 10 मीटर एयर राइफल स्पर्धा में यह सिल्वर मेडल जीता था। वह इन खेलों में देश के लिए मेडल जीतने वाली तीसरी सबसे युवा खिलाड़ी रही हैं।

जेरेमी लालरिनुंगा: बर्मिंघम में हुए कॉमनवेल्थ गेम्स 2022 में जेरेमी लालरिनुंगा 19 साल की उम्र में भारत के लिए वेटलिफ्टिंग में गोल्ड मेडल जीता था। उन्होंने 67 किलोग्राम वर्ग में बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए गोल्ड पर कब्जा जमाया था।

कॉमनवेल्थ गेम्स में मेडल जीतने वाले सबसे उम्रदराज भारतीय खिलाड़ी

सुनील बहादुर: कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत के लिए मेडल जीतने वाले सुनील बहादुर सबसे उम्रदराज खिलाड़ी रहे हैं। उन्होंने 45 साल की उम्र में गोल्ड मेडल अपने नाम किया था। सुनील ने 2022 में हुए कॉमनवेल्थ गेम्स में लॉन बॉल्स के खेल में ऐतिहासिक मेडल हासिल किया था।

अचंता शरत कमल: साल 2022 में बर्मिंघम में खेले गए कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत के दिग्गज टेबल टेनिस खिलाड़ी अचंता शरत कमल ने पुरुषों की एकल स्पर्धा में व्यक्तिगत गोल्ड मेडल जीता था। उन्होंने यह मेडल 40 साल की उम्र में अपने नाम किया था। शरत के करियर का यह आखिरी कॉमनवेल्थ गेम्स भी रहा। उन्होंने अपने करियर में इन खेलों में कुल 13 मेडल जीते, जिसमें 7 गोल्ड मेडल शामिल रहे।

तेजस्विनी सावंत: भारत को निशानेबाजी में कॉमनवेल्थ गेम्स 2018 में तेजस्विनी सावंत ने गोल्ड मेडल जीता था। उन्होंने 50 मीटर राइफल प्रोन स्पर्धा में इस मेडल पर 38 साल की उम्र में कब्जा जमाया था। उन्होंने अपने करियर में कॉमनवेल्थ गेम्स में कुल 7 मेडल जीते, जिसमें 3 गोल्ड, 2 सिल्वर और 2 ब्रॉन्ज मेडल शामिल रहे।

सीमा पूनिया: 2018 में सीमा पूनिया ने डिस्कस थ्रो में भारत के लिए सिल्वर मेडल अपने नाम किया था। उन्होंने 35 साल की उम्र में यह मेडल जीता था। सीमा ने अपने करियर में कुल पांच बार कॉमनवेल्थ गेम्स में हिस्सा लिया और 4 मेडल जीते। हालांकि, 2022 में वह टूर्नामेंट में कोई मेडल नहीं जीत सकी थीं।

--आईएएनएस

एसएम/एएस