कॉमनवेल्थ गेम्स और एशियाई खेलों में पदक जीतना लक्ष्य: तैराक साजन प्रकाश
नई दिल्ली, 21 जुलाई (आईएएनएस)। पेरिस ओलंपिक के बाद थकान और तनाव की वजह से ब्रेक लेने वाले अनुभवी भारतीय तैराक साजन प्रकाश प्रतियोगी तैराकी में वापसी कर रहे हैं। प्रकाश का कहना है कि उनका लक्ष्य ग्लासगो में शुरू हो रहे कॉमनवेल्थ गेम्स और सितंबर में होने वाले एशियाई खेलों में पदक जीतना है।
स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (साई) द्वारा आयोजित एक वर्चुअल बातचीत में आईएएनएस के सवाल का जवाब देते हुए प्रकाश ने कहा, "मैं यह कहना चाहूंगा कि जब एथलीट बहुत कड़ी ट्रेनिंग करते हैं और अच्छा प्रदर्शन करने, खुद को और अपने परिवार को सुरक्षित रखने और भारत का नाम रोशन करने के लिए अपना सब कुछ झोंक देते हैं, तो वे दर्द सहने के आदी हो जाते हैं और कई बातें समझ नहीं पाते। अगर उन्हें अकेला छोड़ दिया जाए, तो उन्हें समझ नहीं आता कि रिकवरी क्या है। रिकवरी और आराम भी ट्रेनिंग का ही हिस्सा हैं।"
उन्होंने कहा, "रिकवरी का मतलब हमेशा जोर लगाना नहीं होता। जब मैंने ब्रेक लिया, तो मुझे समझ आया कि मेरा शरीर बहुत बड़े शॉक में था और मुझे रिकवर करने और आराम करने की जरूरत थी। कभी-कभी जैसे-जैसे आपकी उम्र बढ़ती है और आप आगे बढ़ते हैं, आराम बहुत जरूरी हो जाता है, यह रिकवरी का एक अहम हिस्सा है। यह भी ट्रेनिंग का ही हिस्सा है। इसलिए इससे मुझे वापसी करने में मदद मिली क्योंकि मैं सिर्फ स्विमिंग के बारे में सोचता हूं और प्रतियोगी तैराकी में ही अपनी अंदरूनी ताकत पाता हूं। मुझे बस ऐसा लगा कि अभी कई काम अधूरे हैं। मैं हमेशा से कॉमनवेल्थ और एशियाई खेलों में पोडियम तक पहुंचना चाहता था, और मैं बस अपना सर्वश्रेष्ठ प्रयास करना चाहता हूं, चाहे नतीजा कुछ भी हो। मुझे लगता है कि ऐसा करके मैं अपने सपने पूरे कर लूंगा।"
प्रकाश ने कहा कि दो दशक से ज्यादा समय तक पूल में बिताने और उम्र बढ़ने के साथ उन्हें अपने शारीरिक मेहनत के तरीके में बुनियादी बदलाव करने की जरूरत महसूस हुई है। उन्हें इस बात का भी एहसास है कि कॉमनवेल्थ गेम्स में मुकाबला कितना कड़ा होगा। मैं लगभग 26 साल से ज्यादा समय से तैराकी कर रहा हूं और अभी 32 साल का हूं। मुझे लगता है कि जिंदगी के हर पड़ाव पर हम अलग-अलग चीजें अनुभव करते हैं, नई चुनौतियों का सामना करते हैं और नए तरीकों के हिसाब से खुद को ढालते हैं। जिंदगी में किसी भी चीज के लिए यही बात लागू होती है, और अलग-अलग खेलों के अपने-अपने प्रोग्राम और मॉडल होते हैं।
उन्होंने कहा, "10 साल पहले, जब मैं 22 साल का था, तब मेरे शरीर की क्षमता, खुद को ढालने की शक्ति और रिकवरी की स्थिति अलग थी, और 10 साल बाद, आज मैं यहां हूं। मैंने ज्यादातर काम एंड्योरेंस और एरोबिक क्षमता बढ़ाने पर किया है, और मेरी नींव पहले ही मजबूत हो चुकी है। अब बस यह समझने की जरूरत है कि क्या जरूरी है, मेरी कमजोरी क्या है, और उस एक इवेंट पर ज्यादा ध्यान देना है।"
प्रकाश ने कहा, "कॉमनवेल्थ गेम्स में, कुछ सेकंड का फर्क ही यह तय करेगा कि मैं पोडियम पर पहुंचूंगा या नहीं। इसलिए हम उन चुनौतियों को जानते हैं और हमें बस उन छोटी-छोटी चीजों पर काम करना है क्योंकि एक एथलीट के तौर पर आपको समय के साथ खुद को ढालना और बेहतर बनाना होता है।"
तैराकी में वापसी कर रहे साजन प्रकाश ने अपने पुराने साथी और एशियन गेम्स में पदक जीतने वाले संदीप सेजवाल को कोच बनाया है। सेजवाल किसी मल्टी-स्पोर्टिंग इवेंट में पदक जीतने वाले आखिरी भारतीय तैराक हैं।
सेजवाल के बारे में प्रकाश ने कहा, "वह कई सालों से इस फील्ड और भारतीय खेलों से जुड़े रहे हैं। वह स्थानीय स्तर पर आने वाली चुनौतियों को समझते हैं और बेहतर सलाह दे सकते हैं। हम मेरे खास प्रोग्राम पर मिलकर काम करते हैं। मैं बस इतना कहूंगा कि मैं पूरी तरह से एक अलग ट्रेनिंग प्रोग्राम पर काम कर रहा हूं, जिसमें सिर्फ 200-मीटर बटरफ्लाई पर ध्यान दिया जा रहा है।"
कॉमनवेल्थ और एशियन गेम्स के बाद अपने भविष्य से जुड़े सवाल पर प्रकाश ने कहा, "मैंने मुश्किल समय देखा है, बहुत ज्यादा थकान और तनाव का सामना किया है। अब मैं सेहत और प्रदर्शन के मामले में बेहतर स्थिति में हूं। मैं भविष्य के बारे में कोई टिप्पणी नहीं करना चाहता। मैं एक बार में एक ही कदम उठाना चाहता हूं और देखना चाहता हूं कि कॉमनवेल्थ और एशियन गेम्स कैसे रहते हैं। इसके बाद ही कोई फैसला करूंगा।"
--आईएएनएस
पीएके