सीडब्ल्यूजी में देश को दिलाया ऐतिहासिक गोल्ड, मीराबाई चानू अब एशियन गेम्स की तैयारी में जुटीं
ग्लासगो, 29 जुलाई (आईएएनएस)। कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत को खिताब जिताने के कुछ ही घंटों बाद मीराबाई चानू ने एशियन गेम्स 2026 के लिए तैयारी शुरू कर दी है। जापान के आइची-नागोया में 19 सितंबर से 4 अक्टूबर के बीच एशियन गेम्स का आयोजन होगा।
31 वर्षीय भारतीय वेटलिफ्टर को ग्लासगो में ट्रेनिंग करते देखा गया, जहां उन्होंने इस बड़े महाद्वीपीय टूर्नामेंट की तैयारी शुरू कर दी है। कॉमनवेल्थ गेम्स का खिताब जीतने के बाद, मीराबाई ने बिना समय बर्बाद किए अपना ध्यान उस एकमात्र बड़े मल्टी-स्पोर्ट्स खिताब पर लगाया है जो अब तक उनसे दूर रहा है।
मणिपुर में जन्मीं चानू ने महिलाओं के 48 किग्रा वर्ग का खिताब जीतकर कॉमनवेल्थ गेम्स में गोल्ड मेडल की हैट्रिक लगाई। चानू ने साल 2014 में सिल्वर मेडल अपने नाम किया था, जिसके बाद साल 2018 और 2022 में देश के लिए गोल्ड मेडल जीते।
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में मीराबाई चानू ने 82 किग्रा 'स्नैच' की अपनी पहली कोशिश में नाकाम रहने के बावजूद, शानदार वापसी करते हुए दूसरे प्रयास में वजन उठाया। इसके बाद, उन्होंने वजन बढ़ाकर 85 किग्रा किया और स्नैच में नया कॉमनवेल्थ रिकॉर्ड बनाया।
'क्लीन एंड जर्क' में भी उन्हें एक मुश्किल का सामना करना पड़ा जब उनकी पहली कोशिश नाकाम रही, लेकिन उन्होंने दूसरी कोशिश में 105 किग्रा वजन उठाकर प्रतियोगिता खत्म होने से पहले ही गोल्ड मेडल पक्का कर लिया।
भले ही मीराबाई चानू कॉमनवेल्थ गेम्स में लगातार तीन गोल्ड मेडल जीत चुकी हैं, लेकिन एशियन गेम्स में अभी भी लक्ष्य अधूरा है। हांग्जो में एशियन गेम्स 2022 में, मीराबाई महिलाओं के 49 किग्रा इवेंट में चौथे स्थान पर रही थीं। चानू ने कुल 191 किग्रा वजन उठाया था, जिसमें स्नैच में 83 किग्रा और क्लीन एंड जर्क में 108 किग्रा शामिल था। क्लीन एंड जर्क के अपने आखिरी अटेंप्ट में 117 किग्रा वजन उठाने की कोशिश करते समय उनकी जांघ में चोट लग गई। हालांकि, अब चानू पूरी तरह फिट हैं। कॉमनवेल्थ गेम्स में मिली जीत ने यकीनन उनका आत्मविश्वास बढ़ाया है।
--आईएएनएस
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