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'छोटे शहर-गांवों में छुपी प्रतिभाओं को पहचानना जरूरी', भारतीय खिलाड़ियों ने पीएम मोदी के 'प्रतिभा खोज अभियान' की प्रशंसा की

 

गांधीनगर, 15 अगस्त (आईएएनएस)। 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले की प्राचीर से देश को लगातार 13वीं बार संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने भारत में होने वाले कॉमनवेल्थ गेम्स 2030 और ओलंपिक खेलों की तैयारियों का भी जिक्र किया। पीएम मोदी ने ऐलान किया कि देशभर में 'प्रतिभा खोज अभियान' की शुरुआत की जाएगी, जिसके तहत 5 से 15 वर्ष तक के बच्चों के टैलेंट को पहचानकर उन्हें ट्रेनिंग और हर तरह की मूलभूत सुविधाएं दी जाएंगी।

पीएम मोदी की इस खास पहल की तारीफ करते हुए गांधीनगर के भारतीय खेल प्राधिकरण (साई) में ट्रेनिंग कर रहीं इंटरनेशनल एथलीट सुजाता ने 'आईएएनएस' के साथ बातचीत करते हुए कहा, "प्रधानमंत्री का प्रतिभा खोज अभियान' एक शानदार पहल है। अगर हमें 2036 के लिए एक मजबूत टीम तैयार करनी है, तो अभी से छोटे शहर-गांव में छिपी प्रतिभाओं को पहचाना होगा। 5 से 10 साल के बच्चों को अगर सही समय पर मौका, अच्छी कोचिंग और बेहतरीन सुविधाएं मिलें तो भारत कई नए खेलों में विश्व स्तर पर आगे बढ़ सकता है। मेरा मानना है कि प्रतिभा देश के हर कोने में है, हमें सिर्फ उसे पहचानने की जरूरत है।"

राष्ट्रीय स्तर के एथलीट नितिन ने कहा, "भारत के कई खेलों की टीमें बाहर नहीं जा पाती हैं। ऐसे में प्रधानमंत्री की यह पहल शानदार है। इसके जरिए 5 से 10 साल के बच्चों को अच्छी ट्रेनिंग मिल सकती है और उन पर ध्यान दिया जाएगा। एनसीओई (नेशनल सेंटर ऑफ एक्सीलेंस) और भारतीय खेल प्राधिकरण (साई) में अच्छी ट्रेनिंग दी जाती है तो इन बच्चों को वहां के लिए चुना जाएगा। मैं यही कहूंगा कि यह एक बहुत अच्छी पहल है, क्योंकि अगर हम नई युवा पीढ़ी को अभी से ध्यान देंगे और उन्हें अच्छी ट्रेनिंग मिलेगी तो वह भविष्य में हमारे लिए और भी मेडल ला सकते हैं।"

हैंडबॉल कोच बीनोए डीएस ने कहा कि भारतीय खेल प्राधिकरण (साई) हर राज्य में जाकर जमीनी स्तर पर खिलाड़ियों की खोज करेगा और भारत की कॉमनवेल्थ गेम्स 2030 के लिए मजबूत टीम तैयार करेगा। राष्ट्रीय स्तर के एथलीट सचिन ने भी प्रधानमंत्री की इस खास पहल की प्रशंसा की और कहा कि इससे भविष्य में भारत की झोली में और भी मेडल आएंगे।

--आईएएनएस

एसएम/डीकेपी