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बिली जीन किंग कप: 'उम्मीदें इसलिए हैं, क्योंकि मुझमें काबिलियत है', हार के बाद बोलीं वैष्णवी अड़कर

 

नई दिल्ली, 9 अप्रैल (आईएएनएस)। वैष्णवी अड़कर ने करीबी हार के बावजूद अपने बढ़ते आत्मविश्वास को दिखाया। उन्होंने कहा कि उम्मीदें उनकी काबिलियत की वजह से हैं और उन्हें यकीन है कि वह जीत सकती हैं। यह बात उन्होंने तब कही जब बिली जीन किंग कप एशिया/ओशिनिया ग्रुप 1 टाई के तीसरे दिन भारत इंडोनेशिया से हार गया। यह हार प्रिसका मैडेलिन नुग्रोहो के खिलाफ तीन सेट के कड़े मुकाबले में मिली।

अड़कर ने दमदार प्रदर्शन किया, लेकिन प्रिसका मैडेलिन नुग्रोहो के खिलाफ तीन सेट की लंबी लड़ाई में वह पीछे रह गईं। गुरुवार को बिली जीन किंग कप एशिया/ओशिनिया ग्रुप 1 मुकाबले के अपने तीसरे टाई में भारत, इंडोनेशिया से 0-2 से पीछे रह गया, जिससे इंडोनेशिया को एक अजेय बढ़त मिल गई।

यहां डीएलटीए स्टेडियम में खेलते हुए 21 साल की भारतीय खिलाड़ी (जिनकी रैंकिंग 391 है) तीन घंटे से ज्यादा चले एक थकाने वाले मुकाबले में 7-6(3), 6-7(3), 3-6 से हार गईं। हार के बावजूद अड़कर का प्रदर्शन जुझारूपन, रणनीतिक बदलाव और लगातार लड़ने की भावना से भरा रहा।

मैच के बारे में बात करते हुए अड़कर ने कहा, "आज का मैच काफी मुश्किल था, बहुत लंबा चला। जाहिर है कि यह मेरे पक्ष में नहीं रहा, हमारे पक्ष में नहीं रहा, लेकिन जीत न मिलना निश्चित रूप से निराशाजनक था। सबसे जरूरी बात यह थी कि आखिरी पॉइंट तक लड़ते रहना है, और मैंने सच में बहुत अच्छी लड़ाई लड़ी, भले ही नतीजा मेरे पक्ष में नहीं आया। अपनी कोशिशों पर गर्व है, लेकिन फिर भी थोड़ी निराशा हुई।"

इस मुकाबले में खेल का रुख कई बार नाटकीय ढंग से बदला। अड़कर ने एक सेट पॉइंट बचाने के बाद टाई-ब्रेक में पहला सेट जीत लिया था। हालांकि, अहम मौकों पर चूकी हुई बाजी उन्हें भारी पड़ी। उन गलतियों के बारे में बात करते हुए उन्होंने माना, "मैच में कई उतार-चढ़ाव आए। कुछ ऐसे मौके भी आए जब मुझे और मजबूती से खेलना चाहिए था, लेकिन मैं नहीं खेल पाई। मैंने कुछ गलतियां भी कीं, लेकिन मैं फिर से वापसी करने में कामयाब रही। मुझे लगता है कि उन्होंने मुझसे ज्यादा बेहतर टेनिस खेला और उनका प्रदर्शन शानदार रहा।"

दूसरा सेट भी पहले सेट जितना ही जोरदार रहा। अडकर ने शुरुआती पिछड़ने के बाद वापसी की और 5-4 के स्कोर पर मैच के लिए सर्विस भी की, लेकिन नुग्रोहो ने टाई-ब्रेक में अपने खेल का स्तर ऊंचा किया और मैच को निर्णायक सेट तक पहुंचा दिया। इसके बाद इंडोनेशियाई खिलाड़ी ने तीसरे सेट में मिले अहम मौकों का फायदा उठाते हुए जीत पक्की कर ली।

पिछले दिन न्यूजीलैंड की ऐशी दास पर शानदार जीत दर्ज करने के बाद इस मुकाबले में उतरीं अडकर ने इस बात को सिरे से खारिज कर दिया कि दबाव का उनके प्रदर्शन पर कोई असर पड़ा। "उम्मीदें इसलिए हैं क्योंकि मुझमें काबिलियत है। इसलिए सच कहूं तो, मैं इसे दबाव के तौर पर नहीं ले रही हूं; बल्कि इससे मेरा आत्मविश्वास और भी बढ़ेगा, क्योंकि मुझे पता है कि लोग मुझ पर भरोसा करते हैं और मैं भी खुद पर भरोसा करती हूं। नतीजा मेरे पक्ष में नहीं रहा, लेकिन मेरी प्रतिद्वंद्वी काफी मजबूत थी। मुझे पता था कि मुझे आसानी से ज्यादा प्वाइंट्स नहीं मिलेंगे, और उन्होंने वाकई जबरदस्त मुकाबला किया। यह बस एक मुश्किल हार थी।"

एक अहम मोड़ तब आया जब दूसरे सेट के दौरान नुग्रोहो ने लंबा मेडिकल ब्रेक लिया, जिससे मैच की लय कुछ देर के लिए बिगड़ गई। अडकर ने इस ब्रेक के असर और उससे तालमेल बैठाने की अपनी कोशिशों को लेकर बात की। उन्होंने कहा, "मैंने भी उस समय का इस्तेमाल खुद को तरोताजा करने के लिए किया, क्योंकि पहला सेट काफी लंबा चला था। मुझे खुद को ठीक करने के लिए कुछ अतिरिक्त समय मिला। मैंने उसका इस्तेमाल खुद को फिर से तैयार करने और पूरी तरह से खेल में डूब जाने के लिए किया। मुझे लगता है कि अगले गेम में मैंने काफी अच्छा प्रदर्शन किया, लेकिन मैं उस लय को बरकरार नहीं रख पाई। इससे मेरी गति पर असर पड़ा और कुछ मौकों पर मुझे प्वाइंट्स गंवाने पड़े, जहां मैं शायद और मजबूती से खेल सकती थी। हालांकि, ये ऐसे मैच होते हैं जिनसे आप सीखते हैं; हर हार एक सबक होती है।"

--आईएएनएस

एसएम/डीकेपी