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IPL में बदल सकता है बड़ा नियम! BCCI ने 10 टीमों से मांगी राय, इम्पैक्ट प्लेयर पर जल्द होगा फैसला
 

 


नई दिल्ली: इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) में पिछले कुछ वर्षों से चर्चा और विवाद का केंद्र बना हुआ इम्पैक्ट प्लेयर नियम अब खत्म हो सकता है या इसमें बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने इस नियम को लेकर सभी 10 IPL फ्रेंचाइजी से उनकी राय मांगी है। माना जा रहा है कि टीमों की प्रतिक्रिया के आधार पर बोर्ड इस नियम के भविष्य पर फैसला कर सकता है।

इम्पैक्ट प्लेयर नियम को 2023 में IPL में लागू किया गया था। शुरुआत से ही इसे लेकर क्रिकेट जगत में अलग-अलग राय रही है। कुछ लोगों का मानना है कि इससे टीमों को रणनीति बनाने के ज्यादा विकल्प मिलते हैं, जबकि आलोचकों का कहना है कि इसके कारण मुकाबलों में बल्लेबाजों का दबदबा बढ़ा है और गेंदबाजों के लिए चुनौती ज्यादा मुश्किल हो गई है।

31 अगस्त तक देनी है फ्रेंचाइजियों को रिपोर्ट

क्रिकबज की रिपोर्ट के मुताबिक, सभी 10 IPL टीमों को सोमवार, 31 अगस्त तक इम्पैक्ट प्लेयर नियम पर अपनी रिपोर्ट BCCI को सौंपनी है। इसके बाद बोर्ड इन सुझावों पर चर्चा करेगा और नियम को जारी रखने, बदलने या समाप्त करने को लेकर फैसला ले सकता है।

इम्पैक्ट प्लेयर को लेकर IPL 2026 में भी काफी बहस देखने को मिली। इस सीजन में टीमों ने बड़ी संख्या में 200 से ज्यादा रन के स्कोर बनाए, जिसके बाद एक बार फिर यह सवाल उठा कि क्या इस नियम ने बल्लेबाजी को जरूरत से ज्यादा फायदा पहुंचाया है।

बल्लेबाजों के पक्ष में होने का लगता रहा है आरोप

इम्पैक्ट प्लेयर नियम के आलोचकों का कहना है कि इसकी वजह से टीमें अतिरिक्त बल्लेबाजी विकल्प के साथ मैदान पर उतर सकती हैं। इससे गेंदबाजों के लिए मुकाबला और मुश्किल हो जाता है।

वहीं, इस नियम के समर्थकों का तर्क है कि इससे मैच में रणनीतिक विकल्प बढ़ते हैं और टीमों को परिस्थितियों के अनुसार अपने संयोजन में बदलाव करने की आजादी मिलती है।

BCCI सचिव देवजीत सैकिया भी पहले इस नियम का समर्थन कर चुके हैं। उनका कहना रहा है कि कम स्कोर वाले मुकाबले भी दर्शकों को पसंद आते हैं और गेंदबाजों को विकेट हासिल करने के पर्याप्त मौके मिलते हैं।

रोहित से लेकर हार्दिक तक कर चुके हैं विरोध

इम्पैक्ट प्लेयर नियम को लेकर कई बड़े भारतीय क्रिकेटर अपनी नाराजगी सार्वजनिक रूप से जाहिर कर चुके हैं। रोहित शर्मा, श्रेयस अय्यर, हार्दिक पांड्या और शुभमन गिल जैसे खिलाड़ियों ने भी अलग-अलग मौकों पर इस नियम पर सवाल उठाए हैं।

इन खिलाड़ियों का मानना रहा है कि क्रिकेट में बल्लेबाजी और गेंदबाजी के बीच संतुलन जरूरी है और इम्पैक्ट प्लेयर नियम इस संतुलन को प्रभावित कर सकता है।

BCCI के एजेंडे में कई मुद्दे

इम्पैक्ट प्लेयर नियम के अलावा BCCI प्लेयर्स एंड मैच ऑफिशियल्स एरिया (PMOA), अंपायरिंग, अभ्यास सत्र और प्लेइंग कंडीशंस जैसे कई मुद्दों पर भी चर्चा कर रहा है। हालांकि, इनमें सबसे ज्यादा ध्यान इम्पैक्ट प्लेयर नियम पर है।

पिछले साल बोर्ड की ओर से संकेत दिए गए थे कि इस नियम को कम से कम एक और साल जारी रखा जाएगा। लेकिन अब फ्रेंचाइजियों से आधिकारिक राय मांगे जाने के बाद साफ है कि बोर्ड इसके भविष्य पर गंभीरता से पुनर्विचार कर रहा है।

आखिर कैसे काम करता है इम्पैक्ट प्लेयर नियम?

इम्पैक्ट प्लेयर नियम के तहत टॉस से पहले दोनों टीमें पांच खिलाड़ियों को सब्स्टीट्यूट विकल्प के तौर पर नामित करती हैं। मैच के दौरान इन खिलाड़ियों में से किसी एक को इम्पैक्ट प्लेयर के रूप में मैदान पर उतारा जा सकता है।

यह बदलाव विकेट गिरने के बाद, ओवर खत्म होने पर या पारी की समाप्ति के बाद किया जा सकता है। जिस खिलाड़ी की जगह इम्पैक्ट प्लेयर मैदान में आता है, वह खिलाड़ी फिर उस मुकाबले में वापस हिस्सा नहीं ले सकता।

अब सभी फ्रेंचाइजियों की राय सामने आने के बाद यह देखना दिलचस्प होगा कि BCCI इम्पैक्ट प्लेयर नियम को मौजूदा स्वरूप में जारी रखता है, इसमें बदलाव करता है या फिर IPL से इसे पूरी तरह हटाने का फैसला करता है।