Bangladesh T20 World Cup: भारत में मैच न खेलने के फैसले पर जांच रिपोर्ट में आया बड़ा नाम, जानें क्या हुआ था
Bangladesh T20 World Cup विवाद को लेकर सामने आई जांच रिपोर्ट में पूर्व खेल सलाहकार आसिफ नजरुल की भूमिका पर सवाल उठाए गए हैं. तीन सदस्यीय जांच समिति के मुताबिक, भारत में टी20 वर्ल्ड कप के मुकाबले नहीं खेलने के फैसले में नजरुल की अहम भूमिका थी. हालांकि, इस पूरे मामले में अलग-अलग लोगों के बयान भी सामने आए हैं.
भारत में मैच खेलने से बांग्लादेश ने किया था इनकार
मामला उस समय शुरू हुआ जब बांग्लादेश ने भारत में होने वाले टी20 वर्ल्ड कप मुकाबलों को लेकर आपत्ति जताई. बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (BCB) ने अपने मैच भारत के बजाय श्रीलंका में आयोजित कराने के लिए ICC से अनुरोध किया था.
ICC और BCB के बीच 24 जनवरी को बातचीत हुई, लेकिन दोनों पक्षों के बीच सहमति नहीं बन सकी. इसके बाद बांग्लादेश को टूर्नामेंट से बाहर कर दिया गया और उसकी जगह स्कॉटलैंड को शामिल किया गया.
Mustafizur Rahman विवाद के बाद बढ़ा मामला
इस पूरे घटनाक्रम के बीच तेज गेंदबाज मुस्तफिजुर रहमान से जुड़ा विवाद भी सामने आया था. BCCI के निर्देश के बाद कोलकाता नाइट राइडर्स ने मुस्तफिजुर को IPL से रिलीज कर दिया था.
इसके बाद तत्कालीन खेल सलाहकार आसिफ नजरुल ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर कहा था कि बांग्लादेश भारत में वर्ल्ड कप मैच नहीं खेलेगा. इसके बाद BCB ने ICC से अपने मुकाबले श्रीलंका में कराने की मांग की.
तीन सदस्यीय समिति ने की जांच
बाद में बांग्लादेश के नए खेल मंत्री अमीनुल हक ने पूरे मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति का गठन किया. समिति ने टी20 टीम के कप्तान लिटन दास, टेस्ट कप्तान नजमुल हुसैन शांतो समेत कई संबंधित अधिकारियों और जिम्मेदार लोगों से बातचीत की.
जांच रिपोर्ट के अनुसार, कई लोगों के बयानों में आसिफ नजरुल की भूमिका को इस फैसले से जोड़कर देखा गया. समिति के निष्कर्षों में उन्हें भारत में मैच नहीं खेलने के फैसले में प्रमुख भूमिका निभाने वाला बताया गया है.
खिलाड़ियों की राय क्या थी?
रिपोर्ट के मुताबिक, लिटन दास और नजमुल हुसैन शांतो ने जांच समिति को बताया कि खिलाड़ियों की भारत में वर्ल्ड कप खेलने को लेकर सकारात्मक राय थी. इसके बावजूद भारत में मैच नहीं खेलने का फैसला लिया गया.
रिपोर्ट में यह भी सामने आया कि उस समय BCB के पास इस तरह के बड़े संकट से निपटने और स्वतंत्र रूप से फैसला लेने की पर्याप्त क्षमता को लेकर सवाल थे. इसके अलावा आगे की रणनीति और संकट प्रबंधन के लिए दीर्घकालिक योजना की कमी का भी उल्लेख किया गया.
बयान को लेकर भी सामने आया विरोधाभास
आसिफ नजरुल के बयानों को लेकर भी जांच में एक महत्वपूर्ण बात सामने आई. बांग्लादेश के चुनाव से दो दिन पहले उन्होंने कहा था कि भारत में नहीं खेलने का फैसला BCB और खिलाड़ियों ने लिया था, सरकार ने नहीं.
हालांकि, बाद में उनके बयान में बदलाव आया और उन्होंने कहा कि यह फैसला उन्होंने खुद लिया था. जांच समिति की रिपोर्ट में भी भारत में मुकाबले नहीं खेलने के निर्णय में उनकी भूमिका को महत्वपूर्ण बताया गया है.
इस रिपोर्ट के सामने आने के बाद बांग्लादेश क्रिकेट में उस फैसले को लेकर एक बार फिर चर्चा शुरू हो गई है.