ऑस्ट्रेलिया बनाम बांग्लादेश: दूसरे टेस्ट में मिली शर्मनाक हार से निराश कप्तान शांतो, गेंदबाजों के प्रदर्शन को सराहा
मैके, 23 अगस्त (आईएएनएस)। बांग्लादेश के कप्तान नजमुल हुसैन शांतो ने माना कि उनकी टीम ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ दूसरे टेस्ट में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन नहीं किया। हालांकि, उन्होंने कहा कि दो टेस्ट मैचों की यह सीरीज उन्हें कीमती अनुभव देगी, क्योंकि वे विदेशों में मुश्किल हालात में बेहतर प्रदर्शन करना चाहते हैं।
रविवार को मैके में खेले गए दूसरे टेस्ट में बांग्लादेश को एक पारी और 51 रनों से हार का सामना करना पड़ा। इससे ऑस्ट्रेलिया ने डार्विन में खेले गए पहले टेस्ट में 9 विकेट से मिली हार के बाद सीरीज 1-1 से बराबर कर ली। यह मैच सिर्फ 750 गेंदों तक चला और दो दिन के अंदर खत्म हो गया। बांग्लादेश पहली पारी में 64 और दूसरी पारी में 95 रनों पर ऑलआउट हो गया। मिचेल स्टार्क ने मैच में 10 विकेट लिए, जबकि पैट कमिंस और नाथन लायन ने दूसरी पारी में तीन-तीन विकेट लिए।
शांतो ने ऑस्ट्रेलिया के अनुभव और काबिलियत को माना, लेकिन उन्हें लगा कि बांग्लादेश अपनी उम्मीदों के मुताबिक नहीं खेल पाया। हार के बाद शांतो ने कहा, "हां, जाहिर है हम सभी जानते हैं कि वे कितने अच्छे हैं और जैसा कि मैंने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा था, उनके पास बहुत ज्यादा वर्षों का अनुभव है। उन्होंने अच्छा खेला, अपना जज्बा दिखाया, और बांग्लादेश टेस्ट टीम के तौर पर हमने अपना सबसे अच्छा मैच नहीं खेला।"
मैके में हालात डार्विन से काफी अलग थे। वहां अतिरिक्त बाउंस और मूवमेंट की वजह से पूरे टेस्ट के दौरान बल्लेबाजी करना मुश्किल रहा। शांतो ने कहा, "हां, जाहिर है कि ये हालात अलग हैं, और हवा में थोड़ा ज्यादा बाउंस और स्विंग है। इसी वजह से यह हमारे लिए चुनौतीपूर्ण है। हालांकि, एक टीम के तौर पर अगर हम आगे बढ़ना चाहते हैं, तो हमें इन हालात के हिसाब से खुद को ढालना होगा, और मुझे उम्मीद है कि यह अनुभव आगे काम आएगा।"
बांग्लादेश के लिए मैच में कुछ सकारात्मक पल भी रहे। शोरिफुल इस्लाम ने 48 रन देकर 7 विकेट लिए, जो 1993 में पर्थ में कर्टली एम्ब्रोस के 7/25 के बाद ऑस्ट्रेलिया में किसी विदेशी गेंदबाज का सबसे अच्छा प्रदर्शन है। शांतो ने कहा कि पिच दोनों टीमों के बल्लेबाजों के लिए मुश्किल थी और उन्होंने शोरिफुल, तस्कीन अहमद और हसन महमूद की कोशिशों की तारीफ की। उन्होंने कहा, “सभी बल्लेबाजों के लिए यह काफी मुश्किल है। अगर आप उनकी बल्लेबाजी को भी देखें, तो उन्हें भी संघर्ष करना पड़ा। शोरिफुल, तस्कीन और हसन ने जिस तरह से गेंदबाजी की, उसे देखकर बहुत खुशी हुई। सच कहूं तो, इस विकेट पर बल्लेबाजी करना काफी मुश्किल है।”
बांग्लादेश ने डार्विन में खेले गए पहले टेस्ट में ऐतिहासिक 9 विकेट से जीत हासिल की थी, लेकिन ऑस्ट्रेलिया ने मैके में जोरदार वापसी करते हुए सीरीज ड्रॉ करा ली। हार के बावजूद, शांतो ने कहा कि इस दौरे से महत्वपूर्ण सीख मिली है और उन्होंने इसी तरह की परिस्थितियों में टेस्ट क्रिकेट खेलने के और मौकों की मांग की। उन्होंने कहा, “एक टीम के तौर पर यह बहुत गर्व का क्षण है। हमने अपना जज्बा दिखाया और जैसा कि आपने कहा पहले टेस्ट में हम अनुशासित रहे, हमें इसी निरंतरता को बनाए रखने की जरूरत है। मेरा मानना है कि अगर हमें यहां इसी तरह की परिस्थितियों में और मौके मिलते हैं, तो इससे हमें मदद मिलेगी और हम यही चाहते हैं।”
शांतो ने इस बात पर भी जोर दिया कि बांग्लादेश के विकास को गति देने के लिए उन्हें विदेशों में टेस्ट क्रिकेट खेलने के और अधिक अवसर मिलने चाहिए। उन्होंने कहा, “ऐसा नहीं कि बहुत लंबे समय बाद, जैसे कि 23 साल में एक बार यहां आकर दो टेस्ट मैच खेलना। यह आसान नहीं है। इसी वजह से अगर हमें हर साल खेलने का मौका मिले, तो इससे हमें अपने खेल को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी।”
--आईएएनएस
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