AUS vs SA: ऑस्ट्रेलिया की टेस्ट टीम में इतिहास में पहली बार 30 साल से कम उम्र का कोई खिलाड़ी नहीं, औसत उम्र 34.59 साल
ऑस्ट्रेलिया ने साउथ अफ्रीका के खिलाफ टेस्ट मुकाबले में ऐसी टीम उतारी है, जिसने उम्र के मामले में नया रिकॉर्ड बना दिया है। टीम के सभी 11 खिलाड़ी 30 साल या उससे अधिक उम्र के हैं। टेस्ट क्रिकेट के 149 साल के इतिहास में पहली बार ऑस्ट्रेलिया की प्लेइंग-11 में 20 से 29 साल के बीच का कोई खिलाड़ी नहीं है।
कप्तान पैट कमिंस ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया। मैदान पर उतरी टीम की औसत उम्र 34.59 साल बताई गई है। क्रिकेट रिकॉर्ड्स के जानकार रिक फिनले के मुताबिक, करीब एक सदी में यह ऑस्ट्रेलिया की सबसे उम्रदराज टेस्ट टीम है।
1926 के बाद सबसे उम्रदराज ऑस्ट्रेलियाई टीम
ऑस्ट्रेलिया की उम्रदराज टेस्ट टीम का इससे पहले का उदाहरण 1926 में देखने को मिला था। उस साल लॉर्ड्स में इंग्लैंड के खिलाफ खेलने उतरी ऑस्ट्रेलियाई टीम की औसत उम्र 35 साल और 341 दिन थी।
इस बार भी टीम में अनुभवी खिलाड़ियों की भरमार है। टीम के कई प्रमुख खिलाड़ी लंबे समय से अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेल रहे हैं। ऐसे में अनुभव ऑस्ट्रेलिया की सबसे बड़ी ताकत माना जा रहा है।
38 साल के नाथन लायन सबसे उम्रदराज खिलाड़ी
ऑस्ट्रेलिया की प्लेइंग-11 में स्पिन गेंदबाज नाथन लायन सबसे उम्रदराज खिलाड़ी हैं। उनकी उम्र 38 साल है। वहीं, 30 साल के मैट रेनशॉ टीम के सबसे युवा खिलाड़ी बताए गए हैं।
टीम में पांच खिलाड़ी ऐसे हैं, जिनकी उम्र 35 साल या उससे ज्यादा है।
- नाथन लायन: 38 साल
- स्टीव स्मिथ: 37 साल
- मिचेल स्टार्क: 36 साल
- एलेक्स कैरी: 35 साल
- जोश हेजलवुड: 35 साल
इन खिलाड़ियों के पास अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट का लंबा अनुभव है। टीम को उम्मीद होगी कि ये अनुभवी खिलाड़ी दबाव की परिस्थितियों में बेहतर प्रदर्शन करेंगे।
निक मेडिन्सन की वापसी से बदली टीम की तस्वीर
ऑस्ट्रेलिया की टीम में पिछले कुछ समय से सलामी बल्लेबाजों को लेकर बदलाव होते रहे हैं। इसी वजह से टीम की प्लेइंग-11 में आमतौर पर 30 साल से कम उम्र का कम से कम एक खिलाड़ी शामिल रहता था।
डरबन टेस्ट के लिए 34 साल के निक मेडिन्सन की वापसी ने यह स्थिति बदल दी। मेडिन्सन दिसंबर 2016 के बाद पहली बार टेस्ट क्रिकेट खेलने उतरे हैं। उन्होंने अब तक अपने करियर में केवल तीन टेस्ट मैच खेले हैं और ये सभी मुकाबले साल 2016 में खेले थे।
उनकी वापसी के साथ ऑस्ट्रेलिया की मौजूदा प्लेइंग-11 में कोई भी खिलाड़ी 30 साल से कम उम्र का नहीं रह गया।
18 सदस्यीय स्क्वॉड में भी युवा खिलाड़ियों की संख्या कम
केवल प्लेइंग-11 ही नहीं, ऑस्ट्रेलिया के 18 सदस्यीय टेस्ट स्क्वॉड में भी अनुभवी खिलाड़ियों की संख्या अधिक है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, पूरे स्क्वॉड की औसत उम्र करीब 32.6 साल है।
इस टीम में 30 साल से कम उम्र के सिर्फ तीन खिलाड़ी शामिल हैं।
- कूपर कॉनॉली: 23 साल — स्क्वॉड के सबसे युवा खिलाड़ी
- कैमरन ग्रीन: 27 साल
- सैम हार्पर: 29 साल
इस आंकड़े से साफ है कि ऑस्ट्रेलिया ने इस मुकाबले के लिए अनुभव को प्राथमिकता दी है। हालांकि, उम्र के आधार पर टीम का रिकॉर्ड बनना अपने आप में जीत की गारंटी नहीं है। मैदान पर खिलाड़ियों का प्रदर्शन और मैच की परिस्थितियां ही मुकाबले का नतीजा तय करेंगी।