एशियन गेम्स: सुजीत कलकल ने ओलंपिक चैंपियन कोटारो कियूका को हराकर फाइनल में जगह बनाई
नागोया, 2 अक्टूबर (आईएएनएस)। एशियन चैंपियनशिप के गोल्ड मेडलिस्ट फ्रीस्टाइल पहलवान सुजीत कलकल ने शुक्रवार को जापान के मौजूदा ओलंपिक चैंपियन कोटारो कियूका को हराकर पुरुषों के 65 किग्रा फाइनल में जगह बनाई। सुजीत का फाइनल में ताजिकिस्तान के अब्दुलमजीद कुडीव से मुकाबला होगा।
सुजीत ने 0-2 से पिछड़ने के बाद रोमांचक सेमीफाइनल में ओलंपिक चैंपियन और घरेलू फेवरेट कोटारो को 3-3 से हराकर अपने करियर की सबसे बड़ी जीत हासिल की।
अंडर-23 वर्ल्ड चैंपियन सुजीत ने प्री-क्वार्टर फाइनल मुकाबले में अफगानिस्तान के सैयद उमर जजई पर 13-3 की तकनीकी श्रेष्ठता से जीत के साथ कैंपेन की शुरुआत की। जजई ने राउंड ऑफ 16 मुकाबले की शुरुआत में सुजीत पर तीन पॉइंट बनाए। सुजीत ने खुद को संभाला और स्टेप-आउट के साथ आगे बढ़े। इसके बाद उन्होंने एक फोर-पॉइंटर, एक गो-बिहाइंड और एक एक्सपोजर स्कोर करके 9-3 की बढ़त बना ली, फिर 13-3 से जीतकर क्वार्टर फाइनल में पहुंच गए।
इसके बाद सुजीत ने अब्बास इब्राहिमजादेह पर 10-0 की जीत के बाद ओलंपिक चैंपियन कोटारो के खिलाफ सेमीफाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली। उन्होंने आर्म थ्रो से शुरुआत की और फिर दो बार एक्सपोजर पॉइंट और दो गो-बिहाइंड स्कोर करके जीत पूरी की।
कोटारो के खिलाफ सेमीफाइनल में जापानी पहलवान ने दो तेज़ी से अंक बनाकर 2-0 की बढ़त बना ली। लेकिन सुजीत ने लगातार दो स्कोरिंग मूव बनाए और 4-2 की बढ़त बनाए रखी। रिव्यू के बाद, सुजीत का टोटल 3 हो गया, लेकिन वह अभी भी आगे थे। कियूका ने फिर मुकाबला 3-3 से बराबर कर दिया और सुजीत फाइनल में पहुंच गए। उनके पास जापानी पहलवान से अधिक स्कोरिंग मूव था।
पुरुषों के 125 किग्रा फ्रीस्टाइल में, रूहाल पहले राउंड में कजाकिस्तान के अंडर-20 वर्ल्ड चैंपियन येदिगे कासिमबेक से 3-8 से हार गए।
महिला कुश्ती में भारत की शुरुआत मुश्किल रही क्योंकि प्रिया मलिक और दीपांशी (50 किग्रा) दोनों अपने शुरुआती मुकाबले हार गईं।
प्रिया 76 किग्रा के शुरुआती मुकाबले में किर्गिस्तान की वर्ल्ड सिल्वर मेडलिस्ट ऐपेरी मेडेट काइजी से हार गईं। प्रिया ने दूसरे पीरियड में स्कोर 2-1 कर लिया, लेकिन मेडेट काइजी ने टेकडाउन पर कड़ी मेहनत करके 4-1 की बढ़त बना ली। प्रिया ने आखिर में बड़ा थ्रो करने की कोशिश की, लेकिन मेडेट काइजी ऊपर गिर गईं और उन्हें पिन कर दिया गया।
इस बीच, टोक्यो ओलंपिक चैंपियन और घरेलू पसंदीदा जापान की यूई सुसाकी ने अपने चार एशियन टाइटल के साथ पहले एशियन गेम्स गोल्ड के लिए अपने अभियान की शानदार शुरुआत की और भारतीय युवा दीपांशी को 11-0 से हराया।
इसके बाद सुसाकी ने कंबोडिया की समनांग डिट को 10-0 से हराकर सेमीफाइनल में अपनी जगह पक्की करने में सिर्फ 44 सेकंड लगाए। चार बार की वर्ल्ड चैंपियन ने फिर कजाकिस्तान की जीनेप बयानोवा को हराकर फाइनल में जगह बनाई।
इस बीच, सुसाकी के फाइनल में पहुंचने के साथ दीपांशी को एक नई जान मिली क्योंकि वह रेपेचेज राउंड में पहुंची और ब्रॉन्ज मेडल के लिए लड़ने का मौका मिला।
कंबोडिया की समनांग डिट के खिलाफ रेपेचेज में दीपांशी ने टेक्निकल सुपीरियरिटी (10-0) दर्ज की और कजाकिस्तान की जीनेप बयानोवा के खिलाफ ब्रॉन्ज मेडल के लिए लड़ेंगी।
--आईएएनएस
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