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एशियन गेम्स से ज्यादा मुश्किल क्यों है कॉमनवेल्थ गेम्स? भारत के 400 मीटर धावकों ने बताई वजह

 

नई दिल्ली, 14 जुलाई (आईएएनएस)। कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 की शुरुआत 23 जुलाई से होने जा रही है, जिसके बाद सितंबर-अक्टूबर में एशियन गेम्स का आयोजन होगा। इसमें हिस्सा लेने जा रहे भारत के टॉप 400 मीटर एथलीट्स का मानना ​​है कि ग्लासगो गेम्स में मुकाबला, सितंबर-अक्टूबर में आइची-नागोया में होने वाले मुकाबले से ज्यादा कड़ा होगा।

धावकों ने स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (साई) मीडिया से कहा कि ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड के एथलीट्स की मौजूदगी में मुकाबला और कड़ा होगा, जिससे एशियन गेम्स से पहले अच्छी तैयारी होगी। भारत, ग्लासगो में होने वाले कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में 32 सदस्यों वाली ट्रैक एंड फील्ड टीम उतारेगा।

विशाल थेन्नारासु कयालविझी कॉमनवेल्थ गेम्स में पुरुषों की 400 मीटर और मिक्स्ड 4x400 मीटर रिले में हिस्सा लेंगे। पोलैंड के स्पला में सरकार की तरफ से प्रायोजित इंटरनेशनल ट्रेनिंग कैंप के लिए रवाना होने से पहले विशाल ने साई मीडिया से कहा, "कॉमनवेल्थ गेम्स मुश्किल हैं, अगर हम (कड़ी) मेहनत नहीं करते हैं तो यह मुश्किल है। मैं यह नहीं कहूंगा कि यह नामुमकिन है, मैं कहूंगा कि अगर हम अच्छी तरह से तैयारी करें तो (मेडल जीतना) मुमकिन है। कुछ भी आसान नहीं है, चाहे वह एशियन गेम्स हो या कॉमनवेल्थ गेम्स, क्योंकि ये बड़े मुकाबले हैं। यह एक समंदर की तरह है और मुझे खुद को साबित करने का मौका चाहिए, इसलिए मैं इसे एक अवसर के तौर पर लूंगा और वहां पूरी ताकत लगाने की कोशिश करूंगा।"

22 वर्षीय विशाल 60 सदस्यों वाले उस दल का हिस्सा हैं, जो पोलैंड जा रहा है। इस दल में 41 एथलीट, 19 कोच और सपोर्ट स्टाफ शामिल हैं।

टारगेट ओलंपिक पोडियम स्कीम (टॉप्स) से जुड़े इस एथलीट ने पिछले महीने रांची में फेडरेशन कप के दौरान 400 मीटर में 44.98 सेकंड का नेशनल रिकॉर्ड बनाया था और इस मई में गैबोरोन, बोत्सवाना में वर्ल्ड रिले में पुरुषों की 4x400 मीटर रिले में 03:00.32 का अपना पर्सनल बेस्ट समय निकाला था। 4x400 मीटर मिक्स्ड रिले में उनका पर्सनल बेस्ट 03:14.81 सेकंड है, जो उन्होंने पिछले साल चीन में वर्ल्ड रिले के दौरान निकाला था। विशाल ने कहा कि वह कॉमनवेल्थ गेम्स में दोनों रेस में अपना बेस्ट प्रदर्शन करने की कोशिश करेंगे।

आंकड़ों से पता चलता है कि कॉमनवेल्थ गेम्स, एशियन गेम्स से ज्यादा मुश्किल क्यों हैं? 400 मीटर रेस में, सऊदी अरब के यूसुफ अशरफी ने एशियन गेम्स 2023 में 45.55 सेकंड के समय के साथ जीत हासिल की थी। वहीं, जाम्बिया के मुजला समुकोंगा ने 2022 बर्मिंघम कॉमनवेल्थ गेम्स में 44.66 सेकंड के समय के साथ 400 मीटर का गोल्ड मेडल जीतकर अपने देश का नेशनल रिकॉर्ड तोड़ा।

400 मीटर रेस में हिस्सा लेने वाले जय कुमार भी विशाल की बात से सहमत नजर आए। उनका मानना है कि कॉमनवेल्थ गेम्स और एशियन गेम्स, दोनों में अपना बेस्ट प्रदर्शन करना मुश्किल है क्योंकि इन दोनों इवेंट्स के बीच बहुत कम समय का अंतर होता है। 20 वर्षीय जय ने पिछले महीने फेडरेशन कप के दौरान 400 मीटर रेस में 45.47 सेकंड का अपना बेस्ट समय निकाला था।

जय ने साई मीडिया को बताया, "इस साल मेरा लक्ष्य एशियन गेम्स है। इसलिए, इंटर-स्टेट और फेडरेशन कप अहम थे और मैंने वहां अच्छा प्रदर्शन किया। मैं पोलैंड के स्पाला में 45 दिन के ट्रेनिंग कैंप में जा रहा हूं और देखूंगा कि उसके बाद मेरा प्रदर्शन कैसा रहता है। कॉमनवेल्थ गेम्स और एशियन गेम्स, दोनों में मेडल जीतना थोड़ा मुश्किल है। अगर कुल मिलाकर देखें, तो कॉमनवेल्थ गेम्स ज्यादा मुश्किल हैं क्योंकि 400 मीटर रेस में समय आमतौर पर 43-45 सेकंड के आसपास होता है, जबकि हाल के वर्षों में एशियन गेम्स में यह समय 45 सेकंड से ज्यादा रहा है।"

4x400 मीटर पुरुष रिले में एशियन चैंपियनशिप 2025 के सिल्वर मेडलिस्ट धर्मवीर चौधरी ने कहा कि साई एनसीओई तिरुवनंतपुरम में जमैकन कोच जेसन डॉसन की देखरेख में ट्रेनिंग करने से उन्हें अपना समय बेहतर करने में मदद मिली है।

धर्मवीर ने कहा, "मैं जब पिछले साल कैंप में गया था, तो मेरी टाइमिंग अच्छी नहीं रही थी। पिछले साल मेरी सबसे अच्छी टाइमिंग 46.6 सेकंड थी। मुझे कॉमनवेल्थ गेम्स और एशियन गेम्स, दोनों के लिए नेशनल टीम में अपनी जगह पक्की करनी थी और अपनी टाइमिंग भी बेहतर करनी थी। इसलिए, मैं एथलेटिक्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (एएफआई) और कोच का शुक्रिया अदा करना चाहता हूं कि उन्होंने खराब टाइमिंग के बावजूद मुझ पर भरोसा बनाए रखा। अब मेरा पर्सनल बेस्ट 45.6 सेकंड है, जो पिछले सीजन के मुकाबले एक सेकंड बेहतर है। उम्मीद है कि इस बार जापान में होने वाले एशियन गेम्स में मैं सभी को गर्व महसूस कराऊंगा।"

--आईएएनएस

आरएसजी