Asian Games 2026: जन्मदिन पर लवलीना ने जीता गोल्ड, आर्चरी टीम ने भी रचा इतिहास; भारत के 70 मेडल
एशियन गेम्स 2026 के 13वें दिन भारत के लिए शानदार शुरुआत हुई। स्टार बॉक्सर लवलीना बोरगोहेन ने अपने जन्मदिन के दिन महिलाओं की 75 किलोग्राम कैटेगरी में गोल्ड मेडल जीतकर इतिहास रच दिया। लवलीना ने फाइनल मुकाबले में चीन की बाओ जियी को 5-0 से हराया। यह एशियन गेम्स में लवलीना का पहला गोल्ड मेडल है।
जन्मदिन पर मिला गोल्ड का तोहफा
लवलीना बोरगोहेन का 2 अक्टूबर को जन्मदिन है और इसी दिन उन्होंने अपने एशियन गेम्स करियर का पहला स्वर्ण पदक अपने नाम किया। 29 वर्षीय भारतीय मुक्केबाज ने पूरे मुकाबले में धैर्य बनाए रखा और चीन की बाओ जियी के खिलाफ सर्वसम्मत फैसले से जीत दर्ज की।
इस जीत के साथ लवलीना एशियन गेम्स में बॉक्सिंग गोल्ड जीतने वाली दूसरी भारतीय महिला मुक्केबाज बन गई हैं। उनसे पहले 2014 में मैरी कॉम ने यह उपलब्धि हासिल की थी। लवलीना ने इससे पहले पिछले एशियन गेम्स में 75 किलोग्राम वर्ग में सिल्वर मेडल जीता था।
महिला रिकर्व आर्चरी टीम ने भी रचा इतिहास
भारत की महिला रिकर्व आर्चरी टीम ने भी शुक्रवार को ऐतिहासिक गोल्ड मेडल जीता। अंकिता भकत, कीर्ति और कुमकुम मोहोड की भारतीय टीम ने फाइनल में दक्षिण कोरिया को 5-3 से हराया। यह एशियन गेम्स में महिला रिकर्व टीम स्पर्धा में भारत का पहला गोल्ड मेडल है।
भारत ने इससे पहले सेमीफाइनल में चीन को 5-1 से हराकर फाइनल में जगह बनाई थी। फाइनल में भारतीय तिकड़ी ने दक्षिण कोरिया की मजबूत टीम के खिलाफ शानदार प्रदर्शन किया। निर्णायक क्षणों में कुमकुम मोहोड ने बेहतरीन तीर चलाकर भारत की जीत पक्की की।
भारत के खाते में 70 मेडल
नागोया में चल रहे एशियन गेम्स के 13वें दिन लवलीना के गोल्ड और महिला रिकर्व टीम के स्वर्ण के बाद भारत की पदक संख्या 70 तक पहुंच गई। इनमें 12 गोल्ड समेत सिल्वर और ब्रॉन्ज मेडल शामिल हैं। उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक भारत उस समय मेडल टैली में छठे स्थान पर था।
भारत के लिए एशियन गेम्स का 13वां दिन बॉक्सिंग और आर्चरी दोनों में ऐतिहासिक रहा। एक तरफ लवलीना ने जन्मदिन पर गोल्ड जीतकर यादगार उपलब्धि हासिल की, तो दूसरी तरफ महिला रिकर्व टीम ने पहली बार एशियाड में स्वर्ण पदक जीतकर भारतीय तीरंदाजी के इतिहास में नया अध्याय जोड़ दिया।