अशोक डिंडा: क्रिकेट किट खरीदने के नहीं थे पैसे, संघर्ष के दम पर भारतीय टीम में बनाई जगह
नई दिल्ली, 24 मार्च (आईएएनएस)। भारतीय टीम के पूर्व तेज गेंदबाज अशोक डिंडा का क्रिकेट करियर काफी उतार-चढ़ाव से भरा रहा। हालांकि, अशोक को भारतीय टीम तक पहुंचने के लिए भी बेहद संघर्ष करना पड़ा। एक समय पर अशोक के पास रहने के लिए खुद का घर तक नहीं था और ना ही किट खरीदने के पैसे थे।
अशोक डिंडा का जन्म 25 मार्च 1984 को पश्चिम बंगाल के मेदिनीपुर में हुआ। अशोक को शुरू से ही क्रिकेट के खेल में खास रुचि थी। हालांकि, घर की आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं थी और अशोक के पास किट खरीदने तक के पैसे नहीं थे। इसके बावजूद अशोक ने हिम्मत नहीं हारी और वह अपनी गेंदबाजी पर पूरी लगन से काम करते रहे। शुरुआत में अशोक ने कई क्रिकेट क्लब में शामिल होने का प्रयास भी किया, लेकिन क्लब ने उन्हें लेने से मना कर दिया। अशोक ने खुद एक इंटरव्यू में बताया था कि साल 2001 में वह कोलकाता के एक क्लब की तरफ से खेलते थे, लेकिन उनके पास सिर छुपाने के लिए जगह तक नहीं थी।
अशोक ने अपनी समस्या क्लब तक को बताई थी, लेकिन उन्होंने भी इस बात को नजरअंदाज कर दिया था। अशोक क्रिकेट की बारीकियों को सीखने के लिए अपना घर छोड़कर मामा के यहां रहते थे। मामा का घर भी मैदान से काफी दूर था। अशोक ट्रेनिंग की खातिर सुबह 5 बजे घर से निकल जाते थे और दो बस बदलने के बाद ग्राउंड पर पहुंच पाते थे। हालांकि, अशोक ने जब हाई कोर्ट की तरफ से खेलना शुरू किया, तो उनके रहने की व्यवस्था हुई, लेकिन दूरी अभी भी एक समस्या थी।
अशोक ने मगर हारी नहीं मानी और संघर्ष के दम पर बंगाल की घरेलू टीम में अपनी जगह बना ली। घरेलू क्रिकेट में अशोक ने दमदार प्रदर्शन किया, जिसके बूते साल 2009 में वह भारतीय टीम में अपनी जगह बनाने में सफल रहे। अशोक ने 9 दिसंबर 2009 को श्रीलंका के खिलाफ अपना इंटरनेशनल डेब्यू किया। हालांकि, यहां भी अशोक का संघर्ष खत्म नहीं हुआ और वह टीम से लगातार अंदर-बाहर होते रहे। आईपीएल में भी अशोक केकेआर, राइजिंग पुणे, दिल्ली डेयरडेविल्स और रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु समेत कई बड़ी टीमों की तरफ से खेले।
अशोक ने भारत की ओर से कुल 13 वनडे और 9 टी20 इंटरनेशनल मैच खेले। इस दौरान उन्होंने 29 विकेट चटकाए। फर्स्ट क्लास क्रिकेट में अशोक ने 116 मुकाबलों में 420 विकेट निकाले। साल 2021 में अशोक ने क्रिकेट के सभी फॉर्मेट से संन्यास का ऐलान किया और राजनीति की दुनिया में उतर गए। साल 2021 के बंगाल चुनाव में अशोक ने भारतीय जनता पार्टी की तरफ से मोयना विधानसभा सीट से चुनाव लड़ा था और वह जीत दर्ज करने में सफल रहे थे।
--आईएएनएस
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