अनाहत ने रचा इतिहास, पहली भारतीय वर्ल्ड जूनियर स्क्वैश चैंपियन बनीं
नियाग्रा-ऑन-द-लेक (कनाडा), 25 जुलाई (आईएएनएस)। अनाहत सिंह ने शनिवार को इतिहास रच दिया। 18 वर्षीय अनाहत वर्ल्ड जूनियर स्क्वैश चैंपियन बनने वाली पहली भारतीय खिलाड़ी बन गईं, जिन्होंने कनाडा के ओंटारियो के नियाग्रा-ऑन-द-लेक में आयोजित वर्ल्ड स्क्वैश जूनियर इंडिविजुअल चैंपियनशिप में महिलाओं का खिताब जीता।
वर्ल्ड नंबर 20 और टॉप सीड अनाहत ने पिछले साल इस प्रतियोगिता के सेमीफाइनल में जीतकर ब्रॉन्ज मेडल जीता था। इस बार उन्होंने महिलाओं के फाइनल में मिस्र की दूसरी सीड खिलाड़ी रुकैया सलेम को 11-3, 11-7, 11-9 से हराकर अपने करियर का सबसे बड़ा खिताब जीता।
अनाहत 2010 में अमांडा सोभी (यूएसए) के बाद वर्ल्ड जूनियर स्क्वैश चैंपियनशिप का खिताब जीतने वाली पहली गैर-मिस्र खिलाड़ी भी बनीं। शनिवार को खिताब जीतकर उन्होंने मिस्र के खिलाड़ियों के 15 साल से चले आ रहे दबदबे को तोड़ दिया, जो 2011 में शुरू हुआ था।
शुक्रवार रात, अनाहत सिंह 21 साल में वर्ल्ड स्क्वैश जूनियर चैंपियनशिप के फाइनल में पहुंचने वाली पहली भारतीय बनी थीं। उन्होंने मिस्र की बारब सामेह को चार गेम में हराया। उन्होंने फाइनल मुकाबले में एक और मिस्र की खिलाड़ी को हराकर अपना शानदार सीजन जारी रखा।
सेमीफाइनल में जीत के बाद अनाहत ने कहा था, "मैं सच में बहुत खुश हूं। मैंने कुछ महीने पहले ब्रिटिश जूनियर ओपन में बारब के खिलाफ खेला था और वह भी ऐसा ही कड़ा मुकाबला था, इसलिए मुझे पता था कि मुझे बहुत अच्छा खेलना होगा। कल मैंने अपना सर्वश्रेष्ठ खेल नहीं दिखाया था और मुझे पता था कि आज मुझे कोर्ट पर उतरकर दिखाना होगा कि मैं क्या कर सकती हूं। मैंने चार वर्ल्ड जूनियर टूर्नामेंट खेले हैं और क्वार्टर-फाइनल और सेमीफाइनल में हार गई थी, इसलिए फाइनल में पहुंचने से मेरे माता-पिता और कोच बहुत खुश हैं, लेकिन टूर्नामेंट अभी खत्म नहीं हुआ है।"
वहीं, पुरुषों की प्रतियोगिता में, मिस्र के टॉप सीड खिलाड़ी मोहम्मद जकारिया ने अपना तीसरा वर्ल्ड जूनियर खिताब जीतने की ओर कदम बढ़ाए। उन्होंने अपने ही देश के सेफेल्डिन रेफे को सीधे गेम में हराकर लगातार चौथी बार फाइनल में जगह बनाई। जकारिया का मुकाबला मिस्र के ही दूसरे सीड खिलाड़ी एडम हवाल से होगा।
--आईएएनएस
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