अधूरा रह गया पीवी सिंधु का बीडब्ल्यूएफ फ्रेंच ओपन खिताब जीतने का सपना, फाइनल में एन से-यंग ने मारी बाजी
पेरिस, 25 अक्टूबर (आईएएनएस)। भारत की स्टार बैडमिंटन खिलाड़ी पीवी सिंधु बीडब्ल्यूएफ फ्रेंच ओपन (सुपर 750 टूर्नामेंट) का खिताब अपने नाम नहीं कर सकीं। उन्हें फाइनल मुकाबले में साउथ कोरिया की विश्व नंबर 1 खिलाड़ी एन से-यंग के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा।
एरिना ग्रैंड पेरिस में हुए इस मुकाबले में भारतीय खिलाड़ी को मौजूदा ओलंपिक चैंपियन के हाथों 21-16, 11-21 और 12-21 से हार मिली। इसके साथ ही, 1998 के बाद फ्रेंच ओपन खिताब जीतने वाली पहली भारतीय महिला बनने का सिंधु का सपना साकार नहीं हो सका।
गौरतलब है कि 1998 में अपर्णा पोपट ने बीडब्ल्यूएफ फ्रेंच ओपन का खिताब जीता था, जो एक ऐसा रिकॉर्ड है जिसे अब तक कोई अन्य भारतीय महिला खिलाड़ी नहीं दोहरा पाई है।
सिंधु ने शानदार शुरुआत की और पहला गेम 21-16 से अपने नाम किया। हालांकि, दूसरे और तीसरे गेम में साउथ कोरिया की खिलाड़ी ने अपना आक्रामक रूप दिखाया और पीवी सिंधु पर पूरी तरह हावी रहीं। एन से-यंग ने इससे पहले सिंधु के खिलाफ खेले गए सभी 10 मुकाबलों में जीत हासिल की थी। इस जीत के साथ, सिंधु के खिलाफ उनका हेड-टू-हेड रिकॉर्ड 11-0 हो गया है।
सिंधु के लिए यह इस साल का दूसरा 'सुपर 750' फाइनल था। इससे पहले, जुलाई में उन्होंने जापान ओपन का खिताब जीता था, जहां उन्होंने फाइनल में तीन बार की विश्व चैंपियन जापान की अकाने यामागुची को हराया था। विश्व नंबर 11 खिलाड़ी सिंधु ने सेमीफाइनल में जापान की हिना अकेची को 21-10, 20-22, 21-16 से हराकर पहली बार फ्रेंच ओपन के फाइनल में जगह बनाई थी।
टूर्नामेंट के शुरुआती दौर में उन्हें थाईलैंड की सुपानिदा काटेथोंग के खिलाफ कड़े संघर्ष का सामना करना पड़ा था, जिसके बाद उन्होंने जापान की रिको गुंजी और चीनी ताइपे की चिउ पिन-चियन को सीधे गेमों में हराकर आगे का सफर तय किया।
एन से-यंग रविवार के फाइनल में 2026 में अपने शानदार 65-1 जीत-हार रिकॉर्ड के साथ उतरीं। फाइनल में जीत दर्ज करने के बाद उनका लगातार जीत का सिलसिला 50 मैचों तक पहुंच गया है। इस साल एन से-यंग का प्रदर्शन बेहद दबदबे वाला रहा है। उन्होंने 2026 में खेले गए लगभग सभी खिताबी मुकाबले जीते हैं। केवल ऑल इंग्लैंड ओपन ही ऐसा टूर्नामेंट रहा, जहां वह खिताब नहीं जीत सकीं। बाकी सभी फाइनल में जीत हासिल करते हुए उन्होंने महिला बैडमिंटन में अपना वर्चस्व कायम रखा है।
--आईएएनएस
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