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15 साल के वैभव सूर्यवंशी ने वेस्ट इंडीज़ सीरीज में रचा इतिहास, तोड़े 5 महारिकॉर्ड 

 

भारतीय क्रिकेट को एक और युवा स्टार मिला है। सिर्फ़ 15 साल की उम्र में, वैभव सूर्यवंशी ने ज़िम्बाब्वे के ख़िलाफ़ T20 इंटरनेशनल सीरीज़ में ऐसा शानदार प्रदर्शन किया कि दुनिया भर के क्रिकेट फ़ैन्स का ध्यान उनकी ओर खिंचा चला आया। उन्होंने तीन मैचों की सीरीज़ में 196.10 के ज़बरदस्त स्ट्राइक रेट से 151 रन बनाए और सबसे ज़्यादा रन बनाने वाले खिलाड़ी बने। इस शानदार प्रदर्शन के कारण उन्हें 'प्लेयर ऑफ़ द सीरीज़' चुना गया। भारत की 3-0 से क्लीन स्वीप जीत में वैभव ने अहम भूमिका निभाई। इस दौरे के दौरान उन्होंने कई ऐसे रिकॉर्ड बनाए जो क्रिकेट के इतिहास में लंबे समय तक याद रखे जाएँगे।

1. इंटरनेशनल क्रिकेट में हाफ़-सेंचुरी लगाने वाले सबसे युवा खिलाड़ी

वैभव सूर्यवंशी ने सीरीज़ के पहले ही मैच में इतिहास रच दिया। सिर्फ़ 15 साल और 118 दिन की उम्र में उन्होंने अपनी पहली इंटरनेशनल हाफ़-सेंचुरी लगाई और ऐसा करने वाले दुनिया के सबसे युवा खिलाड़ी बन गए। इससे पहले यह रिकॉर्ड नेपाल के कुशल मल्ला के नाम था।

2. 16वें जन्मदिन से पहले दो T20I हाफ़-सेंचुरी लगाने वाले पहले खिलाड़ी

तीसरे T20 मैच में वैभव ने 49 गेंदों पर 81 रनों की तूफ़ानी पारी खेली। इसके साथ ही, वह पुरुषों के इंटरनेशनल क्रिकेट में 16 साल का होने से पहले दो हाफ़-सेंचुरी लगाने वाले पहले बल्लेबाज़ बन गए। इतनी कम उम्र में इतना बड़ा रिकॉर्ड बनाना वाकई काबिले-तारीफ़ है।

3. सचिन तेंदुलकर का 37 साल पुराना भारतीय रिकॉर्ड तोड़ा

वैभव की पहली T20I हाफ़-सेंचुरी ने उन्हें भारतीय क्रिकेट के इतिहास में एक खास जगह दिलाई। उन्होंने इंटरनेशनल हाफ़-सेंचुरी लगाने वाले सबसे युवा भारतीय खिलाड़ी का रिकॉर्ड भी बनाया। यह रिकॉर्ड पहले महान सचिन तेंदुलकर के नाम था और लगभग 37 सालों तक कायम रहा था। 4. फुल-मेंबर देश के लिए एक अनोखा रिकॉर्ड

क्रिकेट के इतिहास में एसोसिएट देशों के कुछ खिलाड़ियों ने कम उम्र में ही शानदार प्रदर्शन किया है, लेकिन वैभव सूर्यवंशी ICC के फुल-मेंबर देश का प्रतिनिधित्व करने वाले ऐसे पहले क्रिकेटर बन गए हैं जिन्होंने 16 साल की उम्र से पहले इंटरनेशनल लेवल पर एक से ज़्यादा हाफ-सेंचुरी लगाई हैं।

5. सबसे कम उम्र के 'प्लेयर ऑफ़ द सीरीज़'

तीन मैचों में 151 रन बनाकर, वैभव सूर्यवंशी ने न सिर्फ़ भारत की सीरीज़ जीत में अहम भूमिका निभाई, बल्कि इंटरनेशनल क्रिकेट के इतिहास में 'प्लेयर ऑफ़ द सीरीज़' का अवॉर्ड जीतने वाले सबसे कम उम्र के खिलाड़ी भी बन गए। यह उपलब्धि साफ़ तौर पर उनके उज्ज्वल भविष्य की ओर इशारा करती है।

वैभव का उज्ज्वल भविष्य

ज़िम्बाब्वे का दौरा वैभव सूर्यवंशी के लिए सिर्फ़ एक सफल सीरीज़ नहीं थी; यह भारतीय क्रिकेट में एक शानदार भविष्य की शुरुआत थी। उन्होंने जिस आत्मविश्वास, आक्रामक बल्लेबाज़ी और निरंतरता का प्रदर्शन किया, उससे यह साफ़ हो गया कि आने वाले सालों में वह भारतीय क्रिकेट के सबसे बड़े सितारों में से एक बन सकते हैं।