×

राजस्थान में है भारत का इकलौता गणेश मंदिर जहां होती है दाहिनी सूंढ़ वाले गणेश जी, वीडियो में जाने क्यों यहां दिया जाता है पहला निमंत्रण ?

 

जयपुर जितना अपने ऐतिहासिक इमारतों के लिए मशहूर है, उतना ही अपने मंदिरों और मान्यताओं के लिए भी मशहूर है। ऐसा ही एक मंदिर जयपुर में स्थित है, जिसे मोती डूंगरी गणेश मंदिर के नाम से जाना जाता है। हर व्यक्ति अपने जीवन में कोई भी नया काम अपने प्रथम पूज्य भगवान गणेश के नाम से शुरू करता है। मोती डूंगरी गणेश मंदिर जयपुर के सबसे पुराने मंदिरों में से एक है। इस मंदिर में दाईं सूंड वाली गणेशजी की विशाल प्रतिमा है, जिसे देखने के लिए लोग दूर-दूर से आते हैं। भगवान गणेश की प्रतिमा पर भव्य सोने का मुकुट और चांदी का छत्र है। वैसे तो इस मंदिर की कई मान्यताएं हैं, लेकिन कुछ मान्यताएं सबसे ज्यादा प्रसिद्ध हैं।

<a href=https://youtube.com/embed/w-rFaeiFsEU?autoplay=1&mute=1><img src=https://img.youtube.com/vi/w-rFaeiFsEU/hqdefault.jpg alt=""><span><div class="youtube_play"></div></span></a>" style="border: 0px; overflow: hidden"" title="Moti Dungri Ganesh Temple Jaipur | मोती डूंगरी मंदिर का इतिहास, कथा, मान्यता, चमत्कार और लाइव दर्शन" width="695">
मंदिर की सबसे पुरानी मान्यता
मोती डूंगरी गणेश मंदिर के पुजारी और स्थानीय लोग लोकल18 को बताते हैं कि राजस्थान में जहां भी शादी होती है, लोग दूर-दूर से यहां पहला निमंत्रण भगवान गणेश को देने आते हैं। इस निमंत्रण को लेकर मान्यता है कि निमंत्रण पर गणेशजी उनके घर आते हैं और शादी के सभी कार्यों को शुभ तरीके से पूरा करते हैं। कोई भी नया काम शुरू करने से पहले भी पहला निमंत्रण भगवान गणेश को ही दिया जाता है। साथ ही यहां एक खास परंपरा भी है, जो उन लोगों के लिए है, जिनकी शादी में समय लग रहा है या नहीं हो रहा है। मान्यता है कि यहां एक खास विवाह सूत्र बांधा जाता है और उसके बाद लोगों की शादी जल्दी हो जाती है। इस मंदिर में वाहन पूजा करने की भी अनोखी परंपरा है, जो सालों से चली आ रही है।

गणेश चतुर्थी पर होता है खास आयोजन
मोती डूंगरी गणेश मंदिर में गणेश चतुर्थी के मौके पर यहां आने वाले भक्तों की संख्या लाखों में होती है और लंबी-लंबी कतारें लगती हैं। इस मंदिर के प्रति लोगों की खास आस्था है कि बुधवार के दिन भी यहां हजारों की संख्या में भक्त आते हैं। साथ ही त्योहारों पर मंदिर में विशेष झांकी, भजन संध्या के कार्यक्रम भी आयोजित किए जाते हैं, जिसमें भक्त पूरी श्रद्धा से शामिल भी होते हैं। मंदिर में भक्तों के लिए विशेष पूजा-अर्चना करने की भी सुविधा है। मंदिर की सुरक्षा का जिम्मा हर समय पुलिस संभालती है और हर समय कैमरों से निगरानी रखी जाती है।