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भारत के इन 5 शिवालयों रहस्यमयी तरीके से बढ़ रहा शिवलिंगों का आकार, आजतक विज्ञान भी नहीं सुलझा पाया इनका रहस्य 

 

भारत में कई मंदिर अपनी संरचना में कई रहस्य समेटे हुए हैं। उनमें से कई रहस्य ऐसे हैं जिन्हें लोग आज तक नहीं समझ पाए हैं और कुछ तो इतने अलौकिक हैं कि माना जाता है कि वहां भगवान खुद मौजूद हैं। कुछ जगहों पर तो शिवलिंग का आकार इस तरह बढ़ रहा है कि लोग इसे देखकर हैरान हो जाते हैं और कमाल की बात यह है कि कोई भी विशेषज्ञ यह नहीं जान पाया है कि ऐसा चमत्कार क्यों हो रहा है। एक पत्थर कैसे अपना आकार बदल रहा है, यह उनके लिए भी अनोखी बात है। तो आइए जानते हैं ऐसे ही 5 मंदिरों के बारे में जहां शिवलिंग का आकार लगातार बढ़ रहा है...

<a href=https://youtube.com/embed/LGzqgQk5ie0?autoplay=1&mute=1><img src=https://img.youtube.com/vi/LGzqgQk5ie0/hqdefault.jpg alt=""><span><div class="youtube_play"></div></span></a>" style="border: 0px; overflow: hidden"" title="पवित्र शिवरात्रि व्रत कथा | सुपरफास्ट शिवरात्रि व्रत कथा | Shivratri Vrat Katha" width="853">
पौड़ीवाला शिव मंदिर
पौड़ीवाला शिव मंदिर हिमाचल प्रदेश में स्थित है। पौराणिक कथाओं के अनुसार इस मंदिर और यहां के शिवलिंग की स्थापना रावण ने उस समय की थी जब वह स्वर्ग जाने के लिए सीढ़ियां बना रहा था। इसे स्वर्ग की दूसरी पौड़ी भी कहा जाता है और कहा जाता है कि दूसरी पौड़ी में स्थापित शिवलिंग में आज भी भगवान शिव मौजूद हैं। कहा जाता है कि हर साल महाशिवरात्रि पर शिवलिंग जौ के दाने के बराबर बढ़ जाता है। 

तिल भांडेश्वर
काशी में बाबा तिल भांडेश्वर का मंदिर है, जिसके बारे में कहा जाता है कि यहां का शिवलिंग सतयुग में स्वयं प्रकट हुआ था और इसी कारण इसे स्वयंभू शिवलिंग भी कहा जाता है। कथाओं के अनुसार कलियुग के शुरू होते ही शिवलिंग का आकार हर दिन बढ़ने लगा, जिससे देवताओं को चिंता हुई कि अगर यह इसी तरह बढ़ता रहा तो पूरी काशी इस शिवलिंग में समा जाएगी। तब देवताओं की प्रार्थना पर महादेव ने कहा कि इस शिवलिंग का आकार हर साल मकर संक्रांति के दिन बढ़ेगा और तब से ऐसा ही होता आ रहा है।

मृदेश्वर महादेव
यह मंदिर गुजरात के गोधरा में स्थित है, जहां शिवलिंग का आकार चावल के दाने के बराबर बढ़ता है। मान्यताओं के अनुसार जिस दिन यह शिवलिंग साढ़े आठ फीट से ऊपर बढ़कर मंदिर की छत को छू लेगा, कलियुग अपने अंतिम चरण में पहुंच जाएगा। यहां अपने आप ही जल की एक धारा निकलती है, जिस पर गर्मी या सर्दी का कोई असर नहीं होता। यह कभी सूखती नहीं है।

मतंगेश्वर मंदिर
मध्य प्रदेश के खजुराहो का मतंगेश्वर शिवलिंग 18 फीट ऊंचा है। यहां भी शिवलिंग ऊपर-नीचे दोनों दिशाओं में एक तिल के बराबर लगातार बढ़ रहा है। इस मंदिर के बारे में कहा जाता है कि भगवान राम ने त्रेता युग में यहां पूजा की थी। हर साल कार्तिक पूर्णिमा के दिन इस शिवलिंग का आकार मापा जाता है।

भूतेश्वर महादेव
छत्तीसगढ़ में स्थित अर्धनारीश्वर शिवलिंग, जिसे भूतेश्वर महादेव और भकुर्रा महादेव के नाम से जाना जाता है। मान्यता है कि हर साल यह शिवलिंग एक इंच से डेढ़ इंच तक बढ़ जाता है। मान्यता है कि यहां भक्तों की मनोकामना जरूर पूरी होती है और मनोकामना पूरी होने पर दोबारा यहां आकर भगवान का शुक्रिया अदा करने की परंपरा है।