हनुमान जी के ये 5 चमत्कारी मंदिर जहां सच्चे मन से मांगी हर मुराद होती है पूरी, वीडियो में जानिए कहां हैं ये दिव्य स्थल
हनुमान जी बहुत जल्द प्रसन्न होने वाले भगवान हैं। इनकी पूजा के लिए किसी खास तैयारी की जरूरत नहीं होती। माना जाता है कि हनुमान जी ही एकमात्र ऐसे भगवान हैं जो आज भी देशभर में विचरण करते हैं। आज मंगलवार है। इस दिन भक्त हनुमान जी की पूजा करते हैं। हनुमान चालीसा का पाठ करते हैं और आरती करते हैं और प्रसाद के तौर पर बूंदी के लड्डू चढ़ाते हैं। आइए आज हम आपको देश के 5 ऐसे चमत्कारी हनुमान मंदिरों के बारे में बताते हैं जहां पूजा करने से हर भक्त की मनोकामना पूरी होती है।
संकट मोचन मंदिर, बनारस
हनुमान जी का यह मंदिर बनारस में स्थित है। मान्यता है कि इस मंदिर की स्थापना उसी स्थान पर की गई थी जहां महाकवि तुलसीदास को पहली बार हनुमान जी का स्वप्न आया था। संकट मोचन मंदिर की स्थापना कवि तुलसीदास ने की थी। इस मंदिर में दर्शन मात्र से हनुमान जी अपने हर भक्त की हर मनोकामना पूरी कर देते हैं। हर मंगलवार और शनिवार को यहां हजारों लोग हनुमान जी की पूजा करने पहुंचते हैं।
उल्टे हनुमानजी मंदिर, इंदौर
उल्टे हनुमानजी मंदिर इंदौर में स्थित है। इस मंदिर की खासियत यह है कि इसमें भगवान हनुमान की उलटी मूर्ति है। कहा जाता है कि जब अहिरावण भगवान श्री राम और लक्ष्मण का अपहरण करके उन्हें पाताल लोक ले गया था, तब हनुमान ने पाताल लोक जाकर अहिरावण का वध किया था और श्री राम और लक्ष्मण की जान बचाई थी। मान्यता है कि यह वही स्थान है, जहां से हनुमानजी पाताल लोक जाने के लिए धरती में प्रवेश किए थे। इस मंदिर में हर मंगलवार को हनुमानजी को चौला चढ़ाया जाता है। मान्यता है कि यहां तीन या पांच मंगलवार को दर्शन करने से जीवन की कठिन से कठिन समस्याएं दूर हो जाती हैं।
हनुमान धारा मंदिर, चित्रकूट
हनुमान धारा मंदिर उत्तर प्रदेश के चित्रकूट में स्थित है। कहा जाता है कि जब हनुमान जी ने लंका में आग लगाई थी, तो वे अपनी पूंछ में लगी आग को बुझाने के लिए इसी स्थान पर आए थे, जिसे भक्त हनुमान धारा कहा जाता है। यह विंध्य की शुरुआत में रामघाट से 4 किमी दूर है। पहाड़ से एक चमत्कारी, पवित्र और ठंडे पानी की धारा निकलती है, हनुमान जी की मूर्ति की पूंछ को नहलाती है और नीचे तालाब में चली जाती है। यहां हनुमान जी की विशाल प्रतिमा के पास दो जल कुंड हैं। यहां हर मनोकामना पूरी होती है।
हनुमान मंदिर, इलाहाबाद
इलाहाबाद का हनुमान मंदिर अपनी खास संरचना के लिए प्रसिद्ध है। यह दुनिया का एकमात्र ऐसा मंदिर है जहां लेटे हुए हनुमान जी की 20 फीट ऊंची प्रतिमा है। कहा जाता है कि संगम आने वाले लोगों की यात्रा इस मंदिर में दर्शन के बिना अधूरी रहती है। नदी में बाढ़ आने पर मंदिर पूरी तरह जलमग्न हो जाता है। पुराणों के अनुसार उस समय गंगा हनुमान जी को स्नान कराने आती हैं। मान्यता है कि लंका पर विजय प्राप्त करने के बाद भगवान राम संगम में स्नान करने आए थे। तब उनके प्रिय भक्त हनुमान शारीरिक पीड़ा से ग्रसित होकर यहां गिर पड़े थे। तब माता जानकी ने उन्हें अपने सिंदूर से नया जीवन देते हुए स्वस्थ और दीर्घायु होने का आशीर्वाद दिया था। तभी से मंदिर में हनुमान जी को सिंदूर चढ़ाने की परंपरा है। इस मंदिर में हनुमान जी के दर्शन मात्र से सभी तरह के कष्ट दूर हो जाते हैं।
हनुमानगढ़ी मंदिर, अयोध्या
अयोध्या को भगवान राम की नगरी कहा जाता है। मान्यता है कि यहां हनुमान जी हमेशा विराजमान रहते हैं। इसलिए भक्त अयोध्या आकर भगवान राम के दर्शन से पहले हनुमान जी के दर्शन करते हैं। यहां का सबसे प्रमुख श्री हनुमान मंदिर हनुमानगढ़ी के नाम से प्रसिद्ध है। यह मंदिर राजद्वार के सामने एक ऊंचे टीले पर स्थित है। कहा जाता है कि हनुमान जी ने यहीं एक गुफा में रहकर रामजन्मभूमि और रामकोट की रक्षा की थी। हनुमान जी को रहने के लिए यही स्थान दिया गया था। हनुमानगढ़ी जिसे हनुमान जी का घर भी कहा जाता है, यह मंदिर भगवान हनुमान को समर्पित है। इस मंदिर में हनुमान जी के दर्शन करने के लिए 60 सीढ़ियां चढ़नी पड़ती हैं। यहां हर मनोकामना पूरी होती है।