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भगवान विष्णु के 24 अवतारों का रहस्य, इस दुर्लभ वीडियो में जानें कौन से 10 अवतार माने जाते हैं सबसे विशेष और शक्तिशाली

 

पुराणों के अनुसार, भगवान विष्णु के 24 अवतार हैं, जिनमें से 23 अवतार अब तक हो चुके हैं और 24वां अवतार 'कल्कि अवतार' के रूप में होना बाकी है। इन 24 अवतारों में से 10 अवतार विष्णु जी के प्रमुख अवतार माने जाते हैं और जन-जन में प्रचलित हैं, लेकिन इसके अलावा शेष 14 अवतारों के बारे में लोगों को बहुत कम जानकारी है। तो आइए उनके सभी 24 अवतारों के बारे में विस्तार से जानते हैं।

<a style="border: 0px; overflow: hidden" href=https://youtube.com/embed/qio3LEGIzfI?autoplay=1&mute=1><img src=https://img.youtube.com/vi/qio3LEGIzfI/hqdefault.jpg alt=""><span><div class="youtube_play"></div></span></a>" title="Govind Dev Ji Temple | गोविन्द देव जी मंदिर जयपुर का इतिहास, वास्तुकला, मान्यता, दर्शन, पौराणिक कथा" width="1250">

1- श्री सनकादि मुनि

शास्त्रों के अनुसार, सृष्टि के आरंभ में लोक पितामह ब्रह्मा ने अनेक लोकों की रचना करने की इच्छा से घोर तपस्या की। उनकी तपस्या से प्रसन्न होकर भगवान विष्णु ने ब्रह्मा जी के मानस पुत्रों से सनक, सनन्दन, सनातन और सनत्कुमार नामक चार ऋषियों के रूप में अवतार लिया।

2- वराह अवतार
जब राक्षस हिरण्याक्ष ने पृथ्वी को समुद्र में छिपा दिया, तब पृथ्वी और वेदों की रक्षा के लिए ब्रह्मा की नाक से भगवान विष्णु वराह रूप में प्रकट हुए।

3- नारद अवतार
पुराणों के अनुसार, देवर्षि नारद भी भगवान विष्णु के अवतारों में से एक हैं, जिन्हें ब्रह्मा का मानस पुत्र भी माना जाता है। नारद अवतार के माध्यम से भगवान विष्णु ने पृथ्वी पर धर्मोपदेश देने के लिए अवतार लिया।

4- नर-नारायण
सृष्टि के आरंभ में भगवान विष्णु ने धर्म की स्थापना हेतु दो रूपों में अवतार लिया। इस अवतार में उनके सिर पर जटाएँ, हाथों में हंस, चरणों में चक्र और वक्षस्थल पर श्रीवत्स का चिह्न था। भगवान विष्णु ने नर-नारायण के रूप में यह अवतार लिया।

5- कपिल मुनि
यह भगवान विष्णु का पाँचवाँ अवतार था। कपिल मुनि हिंदू धर्म के एक महान संत थे जिन्होंने सांख्य दर्शन का विकास किया। भीष्म पितामह की मृत्यु के समय वेदज्ञ व्यास आदि ऋषियों के साथ भगवत कपिल भी वहां उपस्थित थे।

6-दत्तात्रेय अवतार
पुराणों के अनुसार ब्रह्माजी के अंश से चंद्रमा, शंकरजी के अंश से दुर्वासा और विष्णुजी के अंश से दत्तात्रेय का जन्म हुआ।
7- यज्ञ
भगवान विष्णु के 'यज्ञ' अवतार का जन्म स्वायम्भुव मन्वन्तर में हुआ था।

8- भगवान ऋषभदेव
वह भगवान विष्णु के आठवें अवतार थे जो ऋषभदेव महाराज नाभि और मेरुदेवी के पुत्र थे।

9- आदिराज पृथु
भगवान विष्णु के एक अवतार का नाम आदिराज पृथु है। आदिराज पृथु इक्ष्वाकु वंश के राजा थे और उनका शासन स्वर्ग से लेकर समुद्र तक फैला हुआ था।

10- मत्स्य अवतार
पुराणों के अनुसार, भगवान विष्णु ने संसार को विनाश से बचाने के लिए यह अवतार लिया था और बाद में उन्होंने राजा सत्यव्रत को तत्वज्ञान का उपदेश भी दिया, जो मत्स्य पुराण के नाम से प्रसिद्ध है।

11- कूर्म अवतार
भगवान विष्णु के कूर्म या कच्छप (कछुआ) अवतार ने समुद्र मंथन में सहायता की थी।

12- भगवान धन्वंतरि
भगवान विष्णु का यह अवतार समुद्र मंथन के दौरान अमृत कलश लेकर धन्वंतरि के रूप में प्रकट हुआ था। इन्हें औषधियों का स्वामी भी माना जाता है।

13- मोहिनी अवतार
समुद्र मंथन के दौरान, भगवान विष्णु ने राक्षसों को लुभाने के लिए मोहिनी अवतार लिया था।

14- भगवान नरसिंह
भगवान विष्णु ने नरसिंह अवतार लेकर राजा हिरण्यकश्यप का वध किया, जो अपने ही पुत्र प्रह्लाद को मारने वाला था।

15- वामन अवतार
राजा बलि के अत्याचारों से सभी को बचाने के लिए भगवान विष्णु ने वामन अवतार लिया, जिसमें उन्होंने बलि से मिले तीन पग भूमि के वचन में से केवल दो पग में तीनों लोकों को नाप लिया और तीसरा पग अपने सिर पर रखकर वे थोड़े अभिमानी हो गए।

16- हयग्रीव अवतार
हयग्रीव अवतार में भगवान विष्णु की गर्दन और मुख घोड़े के समान थे। अपने इस अवतार में उन्होंने मधु-कैटभ का वध किया और वेदों को भगवान ब्रह्मा को वापस सौंप दिया।

17- श्री हरि अवतार
गजेंद्र (हाथी) की स्तुति सुनकर भगवान श्री हरि प्रकट हुए और अपने चक्र से मगरमच्छ का वध कर दिया, जिससे गजेंद्र के प्राण संकट में पड़ गए थे।

18- परशुराम अवतार
परशुराम भगवान विष्णु के प्रमुख अवतारों में से एक हैं जिन्होंने महाभारत और रामायण दोनों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

19- महर्षि वेद व्यास
भगवान व्यास भगवान विष्णु के कलावतार थे। उन्होंने महाभारत की रचना भी की थी।

20- हंस अवतार
भगवान विष्णु ने महाहंस रूप में प्रकट होकर सनकादि ऋषियों के संदेह दूर किए। इसके बाद सभी ने भगवान हंस की पूजा की।

21- श्री राम अवतार
त्रेता युग में, भगवान राम ने अयोध्या नगरी में अवतार लिया और रावण का वध किया। उनका यह अवतार एक न्यायप्रिय राजा और बुराई पर अच्छाई की विजय के प्रतीक के रूप में प्रसिद्ध है।

22- कृष्ण अवतार
द्वापर युग में, भगवान विष्णु ने श्री कृष्ण का अवतार लेकर कंस का नाश किया। महाभारत के युद्ध में, वे अर्जुन के सारथी बने और संसार को गीता का ज्ञान भी दिया।

23- बुद्ध अवतार
बौद्ध धर्म के संस्थापक गौतम बुद्ध को भी भगवान विष्णु का अवतार माना जाता है।

24- कल्कि अवतार
पुराणों के अनुसार, कलियुग में भगवान विष्णु कल्कि अवतार लेंगे। कलियुग और सत्ययुग के संधिकाल में कल्कि अवतार होगा। यह अवतार 64 कलाओं से युक्त होगा। कल्कि देवदत्त नामक घोड़े पर सवार होकर संसार से पापियों का नाश करेंगे और धर्म की पुनः स्थापना करेंगे।